22 साल के माटेओ शावेज के पहले वर्ल्ड कप गोल से लेकर 40 वर्षीय गुइलेर्मो ओचोआ के ऐतिहासिक छठे वर्ल्ड कप तक, मैक्सिको ने फीफा वर्ल्ड कप में इतिहास रच दिया। मैक्सिको ने चेक गणराज्य को 3-0 से हरा पहली बार टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज में अपने तीनों मैच जीतकर क्लीन स्वीप किया।
मैक्सिको फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट में पहले ही अपनी जगह पक्की कर चुका था। अब उसने अपना विजय अभियान जारी रखते हुए शान से अगले दौर में कदम रखा। चेक गणराज्य केवल एक अंक ही हासिल कर पाया और वह फीफा वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो गया।
पहले 2 जीत और एक ड्रॉ था सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
ग्रुप स्टेज में मैक्सिको का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1986 और 2002 में रहा था, जब टीम ने 2 जीत और एक ड्रॉ हासिल किया था। दोनों विश्व कप में जैवियर एगुइरे शामिल थे। पहली बार खिलाड़ी के तौर पर और दूसरी बार मैक्सिको के कोच के रूप में। एगुइरे इस साल फिर टीम के कोच हैं और यह उनका राष्ट्रीय टीम के साथ तीसरा कार्यकाल है।
मैक्सिको ने 6 मिनट के भीतर दागे 2 गोल
माटेओ शावेज और जूलियन क्विनोनेस ने दूसरे हाफ की शुरुआत में 6 मिनट के अंतराल में गोल किये। अपना पहला विश्व कप खेल रहे शावेज ने 55वें मिनट में गोल किया। क्विनोनेस ने 61वें मिनट में गोल दागा। यह टूर्नामेंट में उनका दूसरा गोल है। अल्वारो फिडाल्गो ने दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में मैक्सिको के खाते में एक गोल और जोड़ा।
अतीत और भविष्य दोनों की झलक
इस मैच में मैक्सिको के अतीत और भविष्य दोनों की झलक देखने को मिली। गिलबर्टो मोरा 17 साल की उम्र में विश्व कप में शुरुआती लाइनअप में जगह बनाने वाले मैक्सिको के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने। दूसरी तरफ 40 वर्षीय गोलकीपर गुइलेर्मो ‘मेमो’ ओचोआ 77वें मिनट में मैदान पर उतरे और अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो के साथ छह विश्व कप में खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए।
ग्रुप ए का विजेता बन चुका मैक्सिको मंगलवार 30 जून को एज्टेका स्टेडियम में राउंड ऑफ-32 के मैच में एक ऐसे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खेलेगा जिसका अब तक निर्धारण नहीं हुआ है। मैक्सिको ने इस विशाल स्टेडियम में खेले गए नौ विश्व कप मुकाबलों में से एक भी मैच नहीं हारा है।
11 मैच से अपराजित है मैक्सिको
भारतीय समयानुसार गुरुवार यानी 25 जून 2026 की सुबह यह स्टेडियम 80824 दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था। एल ट्राइ (मैक्सिको की टीम का उपनाम) को एज्टेका स्टेडियम में केवल दो बार हार का सामना करना पड़ा है, जिनमें से उसे आखिरी हार छह सितंबर 2013 को होंडुरास के खिलाफ विश्व कप क्वालिफाइंग मैच में मिली थी। पिछले नवंबर में पनामा के खिलाफ मैत्री मैच में मिली हार के बाद से मैक्सिको 11 मैचों में अपराजित रहा है।
समलैंगिक विरोधी नारों ने लगाया जीत पर दाग
मैक्सिको की जीत पर हालांकि प्रशंसकों द्वारा समलैंगिक विरोधी नारे लगाने से दाग लग गया। इस कारण पहले भी उसके फुटबॉल महासंघ पर जुर्माना और अन्य प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। यह अपमानजनक शब्द पहले हाफ के आखिर में तब सुनाई दिया जब चेक गणराज्य के गोलकीपर मातेज कोवर ने गोल किक ली। स्पेनिश में कहे गए इस शब्द का अर्थ ‘पुरुष वेश्या’ होता है।
FIFA World Cup: विनिसियस जूनियर के दो गोल से ब्राजील ने स्कॉटलैंड को 3-0 से हराया, ग्रुप सी में टॉप पर रही टीम
ब्राजील ने यूएसए के मियामी स्टेडियम में खेले गए अपने आखिरी ग्रुप मैच में स्कॉटलैंड पर 3-0 से शानदार जीत दर्ज की और ग्रुप सी में टॉप स्थान हासिल किया। ब्राजील को जीत दिलाने में विनिसियस जूनियर के दो गोल का अहम योगदान रहा जबकि मैथियस कुन्हा ने भी टीम के लिए एक गोल किया और सेलेकाओ (ब्राजील की टीम) को ग्रुप में टॉप पर पहुंचाने में मदद की। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)
