फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण का समापन बेहद शानदार अंदाज में हुआ है। फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट का यह अब तक का सबसे बड़ा संस्करण है और कनाडा, मैक्सिको, अमेरिका समेत पूरी दुनिया में प्रशंसकों को रोमांचित कर रहा है।

इस टूर्नामेंट ने सिर्फ 17 दिनों में ही पहले से कहीं ज्यादा देशों, खिलाड़ियों और समर्थकों को एक साथ जोड़ दिया है। 16 शहरों में खेले गए 72 मैच वैश्विक जुनून, रोमांच और यादगार फुटबॉल के उत्सव में बदल गए।

फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण के आंकड़े इस टूर्नामेंट के विशाल स्तर को दर्शाते हैं। यह सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशंसकों के अनुभव के हर पहलू तक फैला हुआ है। मैचों को देखने के लिए 46 लाख 44 हजार 549 लोग स्टेडियम पहुंचे, जबकि तीन लाख हॉट डॉग खाए गए।

इसे इस तरह समझा जा सकता है कि अगर सभी हॉट डॉग को एक सीध में रखा जाए तो उनकी लंबाई न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम से जेएफके इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच की लगभग 28 मील (45 किलोमीटर) दूरी के बराबर होगी।

48 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 1248 खिलाड़ियों में से 999 खिलाड़ियों ने ग्रुप चरण में हिस्सा लिया। फीफा विश्व कप 2026 के शुरुआती 17 दिनों ने आगे होने वाले मुकाबलों के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर दिया है।

आइए दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन के रिकॉर्ड तोड़ संस्करण से जुड़े आंकड़ों के बारे में जानते हैं।

नॉकआउट

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 के लिए क्वालिफाई करने वाली 32 टीमों में से 13 UEFA, नौ CAF, पांच CONMEBOL, तीन CONCACAF और दो AFC से हैं। इससे पहले कभी भी फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में दो से ज्यादा अफ्रीकी टीमें नहीं पहुंची थीं।

साल 2014 में दो CAF टीमें (अल्जीरिया और नाइजीरिया) पहुंची थीं, जबकि 2022 में मोरक्को और सेनेगल ने यह उपलब्धि हासिल की थी। इससे पहले केवल एक बार कॉनकाकाफ की तीन टीमें नॉकआउट चरण में पहुंची थीं। साल 2014 में कोस्टा रिका, मैक्सिको और अमेरिका ने अपने-अपने ग्रुप से क्वालिफाई किया था।

इस साल बोस्निया और हर्जेगोविना, केप वर्डे, कनाडा, कांगो डीआर, कोटे डी आइवर, मिस्र और दक्षिण अफ्रीका पहली बार फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंची हैं। डेब्यू करने वाली 4 टीमों में से केप वर्डे इकलौती टीम है, जिसने फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण में अपराजित रहते हुए नॉकआउट चरण में जगह बनाई।

गोल

केविन पिना ने उरुग्वे के खिलाफ केप वर्डे का पहला विश्व कप गोल किया। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप चरण में कुल 215 गोल हुए यानी प्रति मैच औसतन तीन गोल। यह फीफा विश्व कप इतिहास का नया रिकॉर्ड है। फीफा विश्व कप कतर 2022 में पूरे टूर्नामेंट में कुल 172 गोल हुए थे।

फ्रांस, जर्मनी और नीदरलैंड्स ने 10-10 गोल के साथ सबसे ज्यादा गोल करने वाली टीमों की सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया। कुल 1774 शॉट दर्ज किए गए (प्रति मैच औसतन 24.6), जिसमें बेल्जियम ने सबसे ज्यादा 73 प्रयास किए। 48 टीमों में से 47 ने ग्रुप चरण में कम से कम एक गोल किया।

सिर्फ पनामा एकमात्र टीम ऐसी रही जो गोल नहीं कर पाई। फुटबॉल विश्व कप के इतिहास में अब तक कुल 2935 गोल हुए हैं। कनाडा की कतर पर 6-0 की जीत फीफा विश्व कप इतिहास में पहला ऐसा मौका बनी, जब किसी कॉनकाकाफ टीम ने एक मैच में चार से ज्यादा गोल किए।

अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने इतिहास रचते हुए फीफा विश्व कप के लगातार सात टूर्नामेंट में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया। वह टूर्नामेंट के सर्वकालिक शीर्ष गोल स्कोरर भी बने। उनके नाम 19 गोल हो गए।

यह रैंकिंग मौजूदा टूर्नामेंट में भी बदल सकती है क्योंकि फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे 16 गोल के साथ उनके बेहद करीब हैं। किलियन एम्बाप्पे फीफा विश्व कप कतर 2022 में गोल्डन बूट विजेता थे।

लियोनल मेसी ने 38 साल और 357 दिन की उम्र में हैट्रिक लगाकर टूर्नामेंट इतिहास में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया। मेसी ने 2018 में स्पेन के खिलाफ तीन गोल करने वाले रोनाल्डो का रिकॉर्ड तोड़ा। रोनाल्डो ने 33 साल और 130 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।

क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अब 10 गोल पूरे कर लिए हैं और वह फीफा विश्व कप इतिहास में पुर्तगाल के लिए सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यूसेबियो के नौ गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।

रूस में हुए 2018 फीफा विश्व कप के गोल्डन बूट विजेता हैरी केन अब फुटबॉल विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले इंग्लिश खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने गैरी लाइनकर के 10 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 11 गोल कर लिए हैं। पैराग्वे पर 4-1 की जीत अमेरिका के लिए फीफा विश्व कप मैच में पहली बार चार गोल करने का मौका बना।

रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ी और कोच

कुराकाओ के मुख्य कोच डिक एडवोकाट ने 78 साल और 271 दिन की उम्र में टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे उम्रदराज कोच बनने का रिकॉर्ड बनाया। ह्यूगो ब्रूस 74 साल और 75 दिन की उम्र में फीफा विश्व कप इतिहास में मैच जीतने वाले सबसे उम्रदराज मुख्य कोच बने। उन्होंने कार्लोस क्वीरोस का रिकॉर्ड तोड़ा। कार्लोस कीरोस ने घाना को पनामा के खिलाफ जीत दिलाते समय 73 साल और 108 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।

इस बीच मोरक्को के इस्माइल साइबारी विश्व कप में लगातार तीन मैचों में गोल करने वाले पहले अफ्रीकी खिलाड़ी बने। जापान की ट्यूनीशिया पर 4-0 की जीत फीफा विश्व कप इतिहास का 1000वां मैच था और यह टूर्नामेंट में किसी एएफसी टीम की सबसे बड़ी जीत भी बनी।

मैक्सिको ने लगातार चार फीफा विश्व कप मुकाबले जीतकर पहली बार यह उपलब्धि हासिल की है। वह यह रिकॉर्ड बनाने वाली पहली कॉनकाकाफ टीम भी बनी। सेनेगल फीफा विश्व कप मैच में पांच गोल करने वाली पहली अफ्रीकी टीम बन गई।

डेब्यू करने वाली टीमें

फीफा विश्व कप 2026 में चार टीमों (कुराकाओ, केप वर्डे, जॉर्डन और उज्बेकिस्तान) ने पहली बार हिस्सा लिया। इनमें सबसे खास कहानी केप वर्डे की रही। केप वर्डे की आबादी केवल पांच लाख है, लेकिन उसने इतिहास रचते हुए राउंड ऑफ 32 में जगह बनाई। अब उसका सामना मियामी में अर्जेंटीना से होगा।

48 टीमों की 1248 खिलाड़ियों वाली सूची में से 354 खिलाड़ी पहले किसी विश्व कप में खेल चुके थे, जबकि 894 खिलाड़ी पहली बार अपनी राष्ट्रीय टीम के लिए फीफा विश्व कप में उतरे।

टीम लाइन-अप

टूर्नामेंट में अब तक 48 देशों के कुल 1248 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है, जिनमें से 999 खिलाड़ी कम से कम एक मैच खेले हैं। इनमें 687 खिलाड़ी स्थानापन्न के रूप में मैदान पर उतरे।

स्थानापन्न खिलाड़ी

48 टीमों ने औसतन 4.77 बदलावों का इस्तेमाल किया। इससे पता चलता है कि टीमें बढ़ी हुई सब्स्टीट्यूशन सीमा का पूरा फायदा उठा रही हैं। तीन टीमों (इराक, मैक्सिको और नॉर्वे) ने 25 खिलाड़ियों का उपयोग किया यानी लगभग अपनी पूरी टीम का इस्तेमाल किया।

पासिंग और डिस्ट्रिब्यूशन

ग्रुप चरण में टीमों ने कुल 68162 पास पूरे किए, जो प्रति मैच औसतन 946.7 पास रहे। स्पेन ने सबसे ज्यादा 2191 पास पूरे किये, जिनमें से 2013 सफल रहे। ग्रुप चरण में कुल 2359 सफल क्रॉस दर्ज किये गए, जिसमें कनाडा 117 क्रॉस के साथ शीर्ष पर रहा।

डिसप्लनेरी एक्शन

ग्रुप चरण में खिलाड़ियों ने प्रति मैच औसतन 22.3 फाउल किए, जिनकी कुल संख्या 1604 रही। हैती ने सबसे ज्यादा 55 फाउल किए। रेफरी ने प्रति मैच औसतन 2.5 येलो कार्ड दिखाए यानी कुल 180 येलो कार्ड दिए गए। पैराग्वे को सबसे ज्यादा आठ येलो कार्ड मिले। इसके अलावा 10 रेड कार्ड भी दिखाए गए। इनमें से दो दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों को मिले।

स्टेडियम में दर्शकों की संख्या

ग्रुप चरण के मुकाबलों में कुल 46 लाख 44 हजार 549 लोग स्टेडियम पहुंचे। उपलब्ध सीटों में से 99.7 प्रतिशत भरी रहीं और प्रति मैच औसत दर्शक संख्या 64508 रही। फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण में 210 देशों और क्षेत्रों के प्रशंसक पहुंचे। इसने 1994 फीफा विश्व कप अमेरिका में बने 35 लाख दर्शकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

फीफा ने 25 जून को एक दिन में टूर्नामेंट इतिहास की सबसे ज्यादा दर्शक संख्या भी दर्ज की, जब 4 लाख 26 हजार 834 दर्शक स्टेडियम पहुंचे। अब तक फीफा विश्व कप में आठ मौकों पर किसी एक मैच में 80 हजार से ज्यादा दर्शक मौजूद रहे हैं।

खाने-पीने की चीजें

ग्रुप चरण के दौरान प्रशंसकों ने स्टेडियमों में 28 लाख से ज्यादा बीयर और तीन लाख हॉट डॉग खरीदे। यह लगभग 45 किलोमीटर की लंबाई के बराबर हैं। इसके अलावा करीब 10 लाख पानी की बोतलें भी खरीदी गईं। मेजबान देशों के हिसाब से लोकप्रिय खाने की चीजों में अंतर रहा। कनाडा में बीयर और चिप्स सबसे ज्यादा पसंद किए गए। अमेरिका में हॉट डॉग सबसे लोकप्रिय रहा। मैक्सिको में पिज्जा और फ्रेंच फ्राइज सबसे ज्यादा बिके।

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