फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मोहम्मद सालाह की टीम मिस्र के डिफेंडर मोहम्मद हानी के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड हो गया। उनके नाम एक ही टूर्नामेंट में दो आत्मघाती गोल हो गए। आस्ट्रेलिया के मिडफील्डर एडेन ओ नील की 55वें मिनट में लगाई गई फ्रीकिक पर गेंद हानी के सिर से टकराकर मिस्र के गोल के भीतर ही चली गई।

इससे पहले आस्ट्रेलियाई मिडफील्डर कोनोर मेटकाफे से टकराने के कारण हानी को उपचार कराना पड़ा था। बेल्जियम के खिलाफ ग्रुप चरण में 1-1 से ड्रॉ रहे मैच में भी उन्होंने आत्मघाती गोल किया था। हानी वर्ल्ड कप में एक ही टूर्नामेंट में दो आत्मघाती गोल करने वाले सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले ऐसी रणनीतिक गलती बुल्गारिया का इवान वुत्सोव ने की है। उन्होंने इंग्लैंड में 1966 के वर्ल्ड कप के दौरान दो आत्मघाती गोल किए थे।

सबसे ज्यादा आत्मघाती गोल

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में 13 आत्मघाती गोल हो चुके हैं। इतने आत्मघाती गोल किसी विश्व कप में नहीं हुए। पिछला रिकॉर्ड 12 का था, जो रूस में 2018 के टूर्नामेंट में बना था। फ्रांस 1998 में छह और ब्राजील 2014 में पांच हुए थे। 2026 के टूर्नामेंट में अभी भी पूरा राउंड ऑफ 16, क्वार्टर-फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल बाकी है। यानी अभी और आत्मघाती गोल देखने को मिल सकते हैं।

आत्मघाती गोल के बाद भी मिस्र जीता

पहली बार फीफा विश्व कप नॉकआउट मुकाबला खेलते हुए आत्मघाती गोल के बाद भी मिस्र ने ऑस्ट्रेलिया के पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हरा दिया। इसके साथ ही उसका 92 साल का इंतजार खत्म हो गया। वह पहली बार 1932 में विश्व कप खेला था और पहली बार राउंड ऑफ-16 में पहुंचा। जीत के बाद मोहम्मद सालाह भावुक हो गए। उनकी आखों से आंसू छलक आए। पूरी खबर पढ़ें