फीफा वर्ल्ड कप 2026 में शनिवार (4 जुलाई) को केप वर्डे इतिहास रचने से चूक गए। अर्जेंटीना की टीम उलटफेर से बाल-बाल बच गई। यह रात डुआर्टे परिवार के लिए खास रही। फीफा वर्ल्ड कप के मैच में भाइयों का एक साथ मैदान पर उतरना खास मौका होता है।

मियामी में वर्ल्ड चैंपियन अर्जेंटीना के खिलाफ केप वर्डे के डेरॉय और लारोस डुआर्टे मैदान पर उतरे। दोनों भाई हर ग्रुप गेम में खेले, लेकिन दोनों शुरुआती 11 का हिस्सा नहीं थे, लेकिन लियोनेल मेसी एंड कंपनी के खिलाफ, कोच बुबिस्टा ने दोनों भाइयों को मिडफील्ड से खेलने का मौका दिया।

डेरॉय 100वें मिनट में बाहर

डेरॉय ने मौके का फायदा उठाया। लगभग एक घंटे बाद केप वर्डे के लिए पहला गोल करके स्कोर बराबर कर दिया।दोनों भाई मैच के आखिर तक मैच पर नहीं रहे – लारोस 67वें मिनट में बाहर हो गए, जब गेम अभी भी 1-1 से बराबर था। डेरॉय 100वें मिनट में बाहर हुए। मैनेजर ने यानिक सेमेडो को मौका दिया। उन्होंने गोल करके फिर स्कोर बराबर कर दिया।

डुआर्टे भाइयों का दिन नहीं था

यह गोल तब आया जब लिसेंड्रो मार्टिनेज ने वर्ल्ड चैंपियन को दूसरी बार आगे कर दिया था। सेमेडो को मौका देने का कदम सही तब लगता जब सिडनी लोपेस कैब्राल ने स्कोर 2-2 कर दिया। डुआर्टे भाइयों को लगा होगा कि यह उनका दिन हो सकता है, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

नीदरलैंड्स की टीम प्रतिनिधित्व किया

असल में दोनों की किस्मत ऐसी ही रही है। उन्हें नीदरलैंड्स के रॉटरडैम में मां मारिया दा क्रूज ने पाला-पोसा, जो उन्हें लोकल एकेडमी में ले जाती थीं। उनके पिता मारियो माइका डुआर्टे भी फुटबॉलर हैं, जो असल में केप वर्डे के साओ नोकोलाऊ के रहने वाले हैं। असल में भाइयों ने यूथ लेवल पर नीदरलैंड्स की टीम को प्रतिनिधित्व किया था।

सपने जैसा लग रहा है

राउंड ऑफ 32 गेम से पहले डचन्यूज से मारिया ने कहा, ‘यह एक सपने जैसा लग रहा है।’ वह स्पेन और उरुग्वे के खिलाफ केप वर्डे के पहले दो मैच देखने के लिए अमेरिका आई थीं। फिर सऊदी अरब के खिलाफ मुकाबले से पहले अपने बड़े बेटे लाजॉयस के साथ वापस आ गईं।

लारोस गोल नहीं कर पाए

इस मैच में डेरॉय वाड को डिफेंसिव मिडफील्ड में शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उस गेम के आखिरी मिनट में लारोस को अपने देश की पहली वर्ल्ड कप जीत पक्की करने के मौके के लिए गोल करने के लिए भेजा गया, लेकिन उनके शॉट को सऊदी गोलकीपर मोहम्मद अल-ओवैस ने रोक दिया। मां ने कहा, ‘हमें लगा था कि वे तीन मैच खेलेंगे। उन दोनों के खेलते देखना शानदार था। मेरे बेटे को सिर्फ दो गेम के लिए काम से छुट्टी मिल पाई और मैं अकेले अमेरिका में नहीं रहना चाहती थी। इसलिए हम वापस आ गए।’

केप वर्डे के आत्मघाती गोल से अंतिम-16 में पहुंची मेसी की टीम

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में केप वर्डे को हराकर अर्जेंटीना ने प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। अर्जेंटीना का अब क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए मिस्र से सामना होगा। केप वर्डे के डाइनी बोर्गेस के आत्मघाती गोल ने लियोनल मेसी की टीम की जीत की राह खोल दी। पूरी खबर पढ़ें