अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (12 मार्च) को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरानी फुटबॉल टीम का इस साल अमेरिका की सह-मेजबानी में होने वाले वर्ल्ड कप में शामिल होना सही होगा। उन्होंने ईरानी खिलाड़ियों की सुरक्षा चिंताओं को कारण बताया। दोनों देश युद्ध में उलझे हुए हैं। इससे पहले बुधवार को ईरान के खेल मंत्री ने कहा था कि ईरान फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लेगा।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर कहा, ‘ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का वर्ल्ड कप में स्वागत है, लेकिन मुझे सच में नहीं लगता कि उनका यहां होना उनकी जान और सुरक्षा के लिए सही होगा।’ इससे पहले फीफा के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने कहा था कि ट्रंप ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि ईरानी खिलाड़ियों और कोच का स्वागत किया जाएगा। न्यूज एजेंसी एपी से व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर ईरान के हिस्सा लेने के बारे में इन्फेंटिनो को ट्रंप के संदेश की पुष्टि की।

क्या अमेरिका में ईरानी खिलाड़ियों को खतरा

व्हाइट हाउस ने यह साफ नहीं किया है कि ट्रंप का ‘अपनी जान और सुरक्षा’ से क्या मतलब है। क्या वह 28 फरवरी से छिड़ी जंग के बाद अमेरिका में ईरानी खिलाड़ियों को खतरे को लेकर संकेत दिए हैं। टूर्नामेंट में 48 टीमों में से एक ईरान को कैलिफोर्निया के इंगलवुड में 15 जून को न्यूजीलैंड के खिलाफ और 21 जून को बेल्जियम के खिलाफ खेलना है। फिर 26 जून को सिएटल में मिस्र के खिलाफ ग्रुप स्टेज का आखिरी मैच खेलना है।

ईरान पर अमेरिका में यात्रा प्रतिबंध

अमेरिका 11 जून से 19 जुलाई तक कनाडा और मेक्सिको के साथ टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। जून से ट्रंप प्रशासन के आव्रजन पर रोक के तहत ईरान पर अमेरिका में यात्रा प्रतिबंध लगा हुआ है, लेकिन फीफा वर्ल्ड कप के हिस्सा देशों के खिलाड़ियों और कोच को छूट है। इसका मतलब है कि ईरानी टीम को अमेरिका में आने की इजाजत होगी।

पीटीआई इनपुट से खबर

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