भारतीय महिला हॉकी टीम हाल ही में अर्जेंटीना दौरे पर भले ही सीरीज अपने नाम नहीं कर पाई हो, लेकिन वह इसे हार नहीं, बल्कि सीख के रूप में देख रही है। टीम की फॉरवर्ड मुमताज खान का मानना है कि दुनिया की शीर्ष टीमों में शामिल अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबलों ने खिलाड़ियों को बहुमूल्य अनुभव दिया है।

मुमताज खान के मुताबिक, अब टीम की नजर आगामी बड़े टूर्नामेंट्स पर है, जहां भारतीय खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करते हुए ठोस नतीजे देने के लिए तैयार हैं। मुमताज खान ने महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 और एशियाई खेलों की तैयारियों को लेकर भी जनसत्ता से खुलकर बात की।

मुमताज खान ने अर्जेंटीना दौरे के बारे में बताया, ‘‘मैच खेलकर काफी सारा अनुभव मिला है। दुनिया की नंबर दो टीम के साथ मैच खेलने के बाद बहुत आत्मविश्वास आया है। हमारी टीम वैसे भी क्वालिफायर में खेली थी। वहां भी अच्छा प्रदर्शन किया था। हालांकि, उससे अच्छे हमें अभी चार मुकाबले खेलने को मिले।’’

हमने अर्जेंटीना से सीखा: मुमताज खान

मुमताज ने बताया, ‘‘हमने अर्जेंटीना की टीम से सीखा है। मतलब उनकी खिलाड़ी कैसे गेंद को अपने कब्जे में रखती हैं। नॉन बॉल पोजिशन कैसे रखती हैं, तो उनसे भी काफी चीजें सीख कर आ रहे हैं। कहां इम्प्रूव करना है, वह भी कर सकते हैं। लर्निंग पॉइंट बहुत सारे सीख कर आये हैं। मुझे लगता है कि ये जो मैच खेले हैं, आने वाले समय में अभी काफी सारे प्रैक्टिस मैच भी खेलने हैं… तो काफी सारे प्लस पॉइंट आ सकते हैं।’’

भारत बनाम अर्जेंटीना महिला हॉकी टीम के खिलाफ चार मैच की सीरीज में भारत ने एक मैच जीता, जबकि एक मैच ड्रॉ कराया। भारत को दो मैच में हार भी झेलनी पड़ी। भारत ने जो मैच जीता था उसमें तय समय तक स्कोर 0-0 था, लेकिन शूटआउट में भारतीय महिलाएं बाजी मारने में सफल रहीं।

36 घंटे का सफर पड़ा भारी! मुमताज ने बताई हार की वजह

जिन दो मुकाबलों में भारत हारा, उसमें भारतीय टीम से कहां चूक हुई, के सवाल पर मुमताज खान ने इसकी एक वजह 36 घंटे के सफर को भी बताया। मुमताज खान ने कहा, ‘‘काफी लंबा… मतलब करीब डेढ़ दिन का सफर था। काफी दूर है अर्जेंटीना। उसमें काफी सारा मतलब… जेटलैग भी था। हालांकि, तालमेल बैठाया, लेकिन फिर भी तुरंत रिकवर नहीं हो पाए।’’

मुमताज ने बताया, ‘‘इसमें कोई शक नहीं कि अर्जेंटीना की टीम बहुत अच्छी है, लेकिन भारतीय टीम भी अच्छी है। वहां पर हम सीखने के लिए गए थे। कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम कोई मैच जीते या हारे। हमें अपना इम्प्रूव करना है, क्योंकि हमारे पास अभी बहुत सारे टूर्नामेंट आ रहे हैं, एशियन गेम्स है, वर्ल्ड कप है, नेशंस कप है।’’

वीडियो क्लिप देखकर सुधारी गलतियां: मुमताज खान

मुमताज ने बताया, ‘‘हम एक टीम के रूप में यह सोचकर गए थे कि हमें यह देखना है कि कहां अच्छा कर सकते हैं और बतौर डिफेंडर, बतौर मिडफील्डर कहां और बेहतर कर सकते हैं। …तो हम लोगों से डिफेंस और अटैक में थोड़ी गलती की। अटैकिंग में भी काफी सारे शॉट ऑन गोल थे, लेकिन वह गोल में बदल नहीं हो पाए। जो मैच हमने गंवाया हमारे कोच ने उसकी वीडियो क्लिप दिखाई। अगले मैच में हम लोगों ने उस चीज को स्वीकार किया कि हां हम यहां पर उपलब्ध रह सकते हैं। उस मैच में हमने वही काम किया तो बतौर टीम नतीजा लेकर आये।’’

पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलने की समस्या से कैसे निजात पाई जा सकती है, इस सवाल के जवाब में मुमताज ने बताया, ‘‘नहीं…, हमारा पीसी (पेनल्टी स्ट्रोक) बहुत इम्प्रूव हुआ है। अभी दीपिका ने भी ड्रैग में काफी इम्प्रूव किया है। अभी जब भी वह ड्रैग लेती है तो टीम को यह विश्वास रहता है कि वह गोल करेगी। हमारे पास हिटर भी हैं।’’

मुमताज ने बताया, ‘‘नवनीत दीदी हैं, वह भी बहुत कॉन्फिडेंस देती हैं कि पीसी में गोल होगा। हमें अगर पीसी मिला है तो हमने उसे गोल में बदला है। अभी ऐसा नहीं है कि भारत पीसी में बहुत पीछे है। मुझे ऐसा नहीं लगता। अभी हमें इम्प्रूव किया है, लेकिन हां, अब आगे बढ़ने का समय है।’’ सलीमा टेटे के गैरमौजूदगी में अर्जेंटीना के खिलाफ सीरीज में नवनीत ने ही भारतीय हॉकी टीम की कमान संभाली थी।

टीम का हर खिलाड़ी बहुत चौकन्ना: मुमताज खान

मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए एशियाई खेलों और महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भारत को किस स्थिति में देखती हैं? इस पर मुमताज खान बोलीं, ‘‘हमने कई क्षेत्रों में सुधार किये हैं। फिटनेस में भी काफी इम्प्रूव हुई है। व्यक्तिगत रूप से हर खिलाड़ी भी खुद पर काम कर रहा है। हर खिलाड़ी खुद को लेकर गंभीर है। पूर्व में हम अपनी गलतियों के कारण कई टूर्नामेंट में नहीं खेल पाये। इसको ध्यान में रखते हुए टीम का हर खिलाड़ी बहुत चौकन्ना है।’’

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 15 जनवरी 2003 को जन्मीं मुमताज खान ने बताया, ‘‘कोचिंग की दृष्टि से देखें तो अभी सारा कुछ अच्छा ही चल रहा है। अब हमारे हाथ में है। बतौर खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी लेना है। हम अगर व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी लेंगे तभी टीम की जिम्मेदारी ले सकते हैं। कोचेस तो अपना काम कर रहे हैं, लेकिन अब नतीजा लाकर देना हमारा ही काम है। चूंकि काम तो सब करते हैं, लेकिन जब तक नतीजा नहीं आएगा तब तक कोई भी वैल्यू नहीं होती है।’’

खुद को पदक में देखना चाहते हैं: मुमताज खान

वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स में भारत के पदक का रंग कैसा होगा के सवाल पर मुमताज ने कहा, ‘‘हर टीम का सपना होता है कि वह गोल्ड मेडल ही जीते। हम भी चाहते हैं कि एशियन गेम्स या वर्ल्ड कप से पदक के साथ ही लौटें। हम खुद को मेडल में ही देखना चाहते हैं।’’ बेल्जियम के वेव्रे और नीदरलैंड्स के एमस्टेलवीन 14 से 30 अगस्त 2026 तक महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन होना है। इसके बाद जापान के आइची और नागोया में 19 सितंबर से चार अक्तूबर 2026 तक एशियन गेम्स होने हैं।

यह पूछने पर कि एशियन गेम्स और हॉकी वर्ल्ड कप में कौन-कौन सी टीमें चुनौतियां पेश कर सकती हैं, मुमताज ने बताया, ‘‘वर्तमान में सभी टीमें अच्छी हैं। जो अंत तक लड़ता है वही जीतता है। …तो कोई ऐसा नहीं है कि यह टीम बेस्ट है या वह टीम बेस्ट है, ऐसा नहीं बोल सकते हैं। यह तो जब हम 60 मिनट खेल लेते हैं तब ही पता चलेगा।’’

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