टी20 का महासंग्राम अपने निर्णायक मोड़ पर है और करोड़ों भारतीय दिलों की धड़कनें फिर नीली जर्सी के साथ तालमेल बैठा रही हैं। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में साउथ अफ्रीका से मिली 76 रन की करारी शिकस्त ने भारतीय अभियान को झकझोर दिया, लेकिन जिम्बाब्वे पर 72 रन की दमदार जीत ने उम्मीद की लौ फिर से जगाई है।
अब सवाल सिर्फ जीत का नहीं, रणनीति, संयम और जज्बे का है। सेमीफाइनल की राह कांटों भरी है। ऐसे में टीम इंडिया को कौन-सा दांव खेलना चाहिए, किन संयोजनों पर भरोसा करना चाहिए और किस मानसिकता के साथ मैदान में उतरना चाहिए? इन्हीं अहम सवालों पर ‘जनसत्ता’ ने अपने खेल विशेषज्ञों से विस्तार से चर्चा की है। जानिए भारतीय टीम के लिए उनके क्या सुझाव हैं।
आलोक श्रीवास्तव (खेल संपादक)
जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच की तरह वाली मानसिकता के साथ ही भारतीय टीम को कोलकाता के ईडन गार्डन में उतरना चाहिए। कहने का तात्पर्य है कि ‘अग्रेसिवली’ माइंडसेट से ही खेलना होगा। मैंने पहले भी कहा है कि टीम में किसी एक को आगे आकर जिम्मेदारी उठानी होगी, जैसाकि 2024 में रोहित शर्मा ने किया था। अब उस रोल में सूर्यकुमार यादव हैं। हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच को छोड़ दें तो उन्हें देखकर ऐसा लगा कि वह खुलकर नहीं खेल पा रहे हैं। अब चूंकि उन्होंने अपनी लय वापस पा ली है तो उस बरकरार रखना होगा।
साथ ही तिलक वर्मा को विराट कोहली वाली भूमिका में उतरना होगा। मुझे ऐसा लगता है कि भारतीय टीम मैनेजमेंट को शिवम दुबे से गेंदबाजी कराने का मोह भी छोड़ना होगा। शिवम दुबे की जगह अभिषेक शर्मा ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकते हैं। कोलकाता में एक बात और हमारे पक्ष में हो सकती है वह है ईडन गार्डन का रिकॉर्ड। ईडन गार्डन में भारत और वेस्टइंडीज के बीच अब तक चार टी20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं और सभी कैरेबियाई टीम ने हार झेली है। उम्मीद है कि एक मार्च को भी ऐसा ही होगा।
संजय सावर्ण (वरिष्ठ खेल पत्रकार)
डिफेंडिंग चैंपियन भारत इस वक्त दवाब में है, लेकिन टीम इंडिया की यही खासियत है कि वह प्रेशर में और बेहतर प्रदर्शन करती है। भारत के लिए वेस्टइंडीज को हराना मुश्किल नहीं होगा। टीम में एक से बढ़कर एक मैच विनर खिलाड़ी हैं जो टीम को विषम परिस्थिति से बाहर निकाल सकते हैं, लेकिन चूंकि चुनौती बड़ी है। सामने ऐसे टीम है जिसकी बैटिंग लाइन-अप किसी भी देश के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ सकती है।
ऐसे में भारतीय टीम के हर खिलाड़ी को अपना 100 प्रतिशत देना होगा। भारत को वेस्टइडीज की अनुभवहीन गेंदबाजी का भी फायदा उठाना होगा। हमने देखा था कि साउथ अफ्रीका ने किस तरह से वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की अनुभवहीनता का फायदा उठाया और 177 रन के लक्ष्य को 16.1 ओवर में हासिल कर लिया।
प्रियम सिन्हा (वरिष्ठ खेल पत्रकार)
टीम इंडिया का प्रदर्शन टी 20 वर्ल्ड कप 2026 में अब तक ठीक-ठाक ही रहा है। टीम इंडिया बतौर डिफेंडिंग चैंपियन की तरह खेलती नजर नहीं आई है। कभी बल्लेबाजी, कभी गेंदबाजी और कभी फील्डिंग दिन के हिसाब से प्रदर्शन दिखे हैं, लेकिन एकसाथ किसी मैच में सभी वर्ग में टीम इंडिया खरी नहीं उतरी है। वहीं, पिछले वर्ल्ड कप की रनर अप साउथ अफ्रीका का प्रदर्शन चैंपियन टीम जैसा रहा है।
अब टीम इंडिया अगर वेस्टइंडीज को हराती है तो सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी लेकिन आने वाले मुकाबलों में सूर्यकुमार यादव की इस भारतीय टीम को डिफेंडिंग चैंपियन की तरह खेलना होगा। अगर विश्व चैंपियन बनना है तो वेस्टइंडीज के बाद सेमीफाइनल में इंग्लैंड/न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना 100 प्रतिशत देना होगा। उसके लिए भारतीय टीम को अब अपने प्लेइंग कॉम्बिनेशन के साथ डटे रहना पड़ेगा।
संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी को बिना छेड़े ओपनिंग कराना होगा। तिलक वर्मा, इशान किशन और सूर्यकुमार यादव को परिस्थितियों के हिसाब से बल्लेबाजी क्रम में उतारना होगा। सोचना होगा कि किस गेंदबाज का उपयोग कब करना है। शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या या अभिषेक शर्मा का बतौर स्पिनर करने के लिए सूझबूझ के साथ फैसला लेना होगा। अगर टीम इंडिया इन सभी पहलुओं के ऊपर ध्यान देती है तो यह कहने में दो राय नहीं होगी कि आठ मार्च को भारत अपना टी20 वर्ल्ड कप खिताब बचाएगा।
तनिष्क सिंह तोमर (वरिष्ठ खेल पत्रकार)
भारतीय टीम को अब अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करनी चाहिए। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अब तक पूरी टीम ने एकसाथ बेहतरीन प्रदर्शन नहीं किया है। कभी गेंदबाजी चलती है तो बल्लेबाजी नहीं। बल्लेबाजी चलती है तो गेंदबाजी साधारण रहती है। गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली प्लेइंग 11 के साथ आगे के मुकाबलों में उतरना चाहिए। अब प्रयोग करने का समय नहीं है।
टीम मैनेजमेंट को मान लेना चाहिए कि ये 11 खिलाड़ी बेस्ट हैं और ट्रॉफी दिलाने की काबिलियत रखते हैं। भारत को अपने प्रीमियर रिसोर्स को पूरा इस्तेमाल करना होगा। शिवम दुबे या किसी अन्य कामचलाऊ गेंदबाज से ओवर निकालवाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
शिवम दुबे का इस्तेमाल तभी हो जब लगे कि किसी मुख्य गेंदबाज का दिन ठीक नहीं है। टीम को चाहिए जसप्रीत बुमराह समेत किसी भी मुख्य गेंदबाज का कोटा न बचे। बल्लेबाजी क्रम से भी छेड़छाड़ नहीं हो। भारतीय खिलाड़ियों को चाहिए कि खिताब जीतने के लिए अपना दमखम झोंक दें।
शुभम गर्ग (वरिष्ठ खेल पत्रकार)
भारत ने 26 फरवरी की रात जिम्बाब्वे के खिलाफ भले ही 72 रन से बड़ी जीत हासिल की हो, लेकिन टीम में अब भी कई खामियां हैं। भारत को अगर अपना अभियान अजेय रखना है तो गेंदबाजी और फील्डिंग में 10/10 वाला प्रदर्शन करके दिखाना होगा। जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने जिस तरह से गेंदबाजों की क्लास लगाई है।
अगर वैसे ही हालात रहे तो वेस्टइंडीज के बल्लेबाज भारतीय बॉलर्स की गेंदों पर चौकों से ज्यादा छक्के लगाएंगे। अगर आप सेमीफाइनल में पहुंचते हैं तो आपको न्यूजीलैंड और इंग्लैंड जैसी टीमों से भी निपटना पड़ेगा। इस बड़े टूर्नामेंट में बल्लेबाजों की तरह गेंदबाजों को भी एक साथ फायर होने की जरूरत है।
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