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पेनल्टी शूटआउट में इंग्लैंड को हरा इटली ने जीता यूरो कप, कीवी क्रिकेटर जेम्स नीशम ने इस तरह उड़ाया मजाक

इंग्लैंड 55 साल बाद किसी मेजर टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा था। यूरो कप में 1976 के बाद पहली बार फाइनल पेनल्टी शूटआउट में पहुंचा। यूरो कप में दूसरी बार चैंपियन का फैसला पेनल्टी शूट से हुआ। इससे पहले 1976 में पेनल्टी शूटआउट से यूरो कप को चैंपियन मिला था।

Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: July 12, 2021 10:56 AM
इटली यूरो कप का नया चैंपियन बन गया है। उसने फाइनल में पेनल्टी शूटआउट में इंग्लैंड को 3-2 से हराया। (सोर्स- इंस्टाग्राम/यूरो कप)

इटली यूरो कप का नया चैंपियन बन गया है। उसने यूरोपियन फुटबॉल चैंपियनशिप (European Football Championship) के फाइनल में पेनल्टी शूटआउट में इंग्लैंड को 3-2 से हराया। इटली ने दूसरी बार यूरो कप का खिताब जीता है। मैच टाइम तक दोनों टीमों की ओर से एक-एक गोल किए गए थे। फिर मैच का नतीजा निकलाने के लिए पेनल्टी शूटआउट हुआ।

फुलटाइम से पहले इंग्लैंड के लिए ल्यूक शॉ (दूसरे मिनट) और इटली के लियोनार्डो बोनुची (67वें) मिनट में गोल किए। पेनल्टी शूटआउट में इंग्लैंड के तीन प्लेयर जेडोन सांचो, मार्कस रैशफोर्ड और बुकायो साका गेंद को गोलपोस्ट में नहीं भेज पाए। इस कारण हैरी केन की इंग्लैंड फुटबॉल टीम को होमग्राउंड पर करीब 60 हजार दर्शकों के सामने शर्मनाक हार झेलनी पड़ी। इंग्लैंड 55 साल बाद किसी मेजर टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा था।

हालांकि, पेनल्टी शूटआउट में उसे इटली के खिलाफ हार मिली। यूरो कप के इतिहास में 1976 के बाद पहली बार फाइनल मुकाबला पेनल्टी शूटआउट में पहुंचा। यूरो कप में दूसरी बार चैंपियन का फैसला पेनल्टी शूट से हुआ। इससे पहले 1976 में पेनल्टी शूटआउट से यूरो कप को चैंपियन मिला था।

इंग्लैंड के पेनल्टी शूटआउट में फाइनल गंवाने पर न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज जेम्स नीशम ने इंग्लिश टीम पर कटाक्ष किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘नतीजे के लिए पेनल्टी शूटआउट का सहारा क्यों लिया गया। मैच के दौरान सबसे ज्यादा पास करने वाली टीम को विजेता क्यों नहीं घोषित किया गया? मजाक कर रहा हूं।’

बता दें कि 2019 में इंग्लैंड ने क्रिकेट वर्ल्ड कप का फाइनल बाउंड्री की संख्या के आधार पर जीता था। वहीं इंग्लैंड की नेटबॉल खिलाड़ी हेलन हाउसबे (Helen Housby) ने अपने देश की हार से खासी दुखी नजर आईं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘कम से कम अगले 48 घंटे तक मैं पास्ता नहीं खाऊंगी।’

मैच की बात करं तो पेनल्टी शूटआउट में इटली के भी दो खिलाड़ी गोल करने से चूक गए। जोर्गिन्हो और आंद्रे बेलोटी गेंद को गोलपोस्ट में नहीं पहुंचा पाए। इटली के लिए बर्नाडेस्की, बोनुची और बेर्राडी ने गोल किए। इंग्लैंड की ओर से हैरी केन और हैरी मैगुआएर ने पेनल्टी शूटआउट में गोल किए। इंग्लैंड 1966 के बाद कोई भी मेजर टूर्नामेंट नहीं जीत पाया है। उसने 1966 में वर्ल्ड कप जीता था। इटली ने इससे पहले आखिरी बार 1968 में यूरो कप जीता था।

इससे पहले मैच के दूसरे ही मिनट में ल्यूक शॉ ने गोल करके इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिलाई। यूरो कप फाइनल के इतिहास में यह सबसे तेज गोल है। ल्यूक शॉ ने 1 मिनट 57 सेकंड में गोल किया था। खास यह है कि ल्यूक शॉ का इंग्लैंड के लिए यह पहला गोल है। पहले हॉफ में इंग्लैंड की 1-0 की बढ़त कायम रही। दूसरे हॉफ की शुरुआत में इटली के लियोनार्डो बोनुची ने 67वें मिनट में गोल दागकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया।

लियनार्डो बोनुची इटली के लिए किसी बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में गोल करने वाले 15 साल में पहले खिलाड़ी हैं। उनसे पहले 2006 वर्ल्ड कप में फ्रांस के खिलाफ मार्को मैटराजी ने गोल किया था।

34 साल 71 दिन के बोनुची यूरो कप फाइनल में गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने। उन्होंने जर्मनी के बेर्न्ड होल्जेनबेन (30 साल 103 दिन) को पीछे छोड़ा। होल्जेनबेन ने 1976 में चेकोस्लोवाकिया के खिलाफ गोल किया था। हालांकि, तब उनकी टीम मैच हार गई थी।

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