EURO CUP: इटली 9 साल बाद फाइनल में, गोल कर बराबरी दिलाने वाले स्पेन के अलवारो मोराटा ही पेनल्टी शूटऑउट में बने विलेन

मैच टाइम में जिस अलवारो मोराटा ने गोल कर स्पेन को बराबरी दिलाई थी, पेनल्टी शूटऑउट में वही टीम के लिए विलेन बन गए। अलवारो पेनल्टी शूटआउट में गोल करने से चूक गए और स्पेन मैच हार गया।

EURO 2020 Semi Final Italy beat Spain Book Final Spot
इटली की टीम नौ साल बाद यूरोपीय चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची है। (सोर्स- इंस्टाग्राम/UEFA EURO 2020)

वेम्बली में मंगलवार रात खेले गए EURO 2020 (यूरो कप) के पहले सेमीफाइनल में इटली ने पेनल्टी शूटऑउट में स्पेन को 4-2 से हरा दिया। जोर्जिन्हो ने निर्णायक पेनल्टी किक को इटली की जीत में बदला और नौ साल बाद यूरोपीय चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में अब उसका मुकाबला 7 जुलाई की देर रात इंग्लैंड और डेनमार्क के बीच होने वाले मैच के विजेता से 11 जुलाई को होगा।

इटली की टीम इससे पहले 2012 में यूरो कप के फाइनल में पहुंची थी। तब उसे स्पेन के हाथों ही शिकस्त झेलनी पड़ी थी। इटली की टीम 10वीं बार किसी बड़े टूर्नामेंट (वर्ल्ड कप/यूरो कप) के फाइनल में पहुंची है। वह 10 बार किसी बड़े टूर्नामेंट में पहुंचने वाली दूसरी टीम बनी है। अब तक जर्मनी ने ही 10 बार से ज्यादा फाइनल्स खेले हैं। जर्मनी ने अब तक सबसे ज्यादा 14 फाइनल (वर्ल्ड कप/यूरो कप) खेले हैं। इटली ऐसी टीम है, जिसने यूरो कप 2020 में अपने सभी मुकाबले जीते हैं। यूरो कप के नॉकआउट में दोनों टीमों के बीच यह चौथा मुकाबला था, जिसमें इटली ने स्पेन से बाजी मारी।

पहला सेमीफाइनल इटली और स्पेन के बीच 1-1 से ड्रॉ रहा। इसके बाद नतीजे के लिए पेनल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया। इससे पहले 60वें मिनट में इटली के लिए फेडरिका चीसा ने गोल दागा। 80वें मिनट में स्पेन के अलवारो मोराटा ने गोल कर टीम को बराबरी दिला दी। इसके बाद मैच टाइम और एक्स्ट्रा टाइम तक दोनों टीमें कोई भी गोल नहीं कर पाईं। मैच टाइम में जिस अलवारो मोराटा ने गोल कर स्पेन को बराबरी दिलाई थी, पेनल्टी शूटऑउट में वही टीम के लिए विलेन बन गए। अलवारो पेनल्टी शूटआउट में गोल करने से चूक गए और स्पेन मैच हार गया।

पहले हाफ में स्पेन का दबदबा रहा। हालांकि, फेडरिको चीसा ने पलटवार करते हुए इटली को बढ़त दिला दी। स्पेन को बराबरी दिलाने के लिए अल्वारो मोराटा बेंच से उतरे और टीम को बराबरी दिलाई। हालांकि, इसके बाद कोई भी टीम 30 मिनट के अतिरिक्त समय में सफलता नहीं मिली। जब मुकाबला 1-1 से ड्रॉ पर आया तो फुटबॉलप्रेमियों की धड़कनें थम सी गईं, क्योंकि अब फैसला पेनल्टी शूटऑउट से निकलना था।

इटली की टीम स्पेन के लिए हमेशा से दहशत का पर्याय साबित हुई है। इस बार भी यही हुआ। पेनल्टी शूटऑउट में इटली ने स्पेन को 4-2 से हरा दिया। 2016 यूरो कप के अंतिम-16 दौर में इटली ने स्पेन को 2-0 से हराया था। स्पेन ने 2008 के सेमीफाइनल में पहली बार पेनल्टी शूटऑउट में इटली को हराया था। स्पेन ने 2012 यूरो कप के फाइनल में इटली को 4-0 से हराकर खिताब जीता था।

अलवारो मोराटा फिर बन सकते हैं बलि का बकरा

मोराटा को पहली बार टूर्नामेंट के दौरान शुरुआती एकादश में जगह नहीं मिली। टूर्नामेंट के दौरान उन्हें अपशब्दों और यहां तक कि अपने ही प्रशंसकों से जान से मारने की धमकी तक का सामना करना पड़ा। मोराटा फिर बलि का बकरा बन सकते हैं, क्योंकि इटली के गोलकीपर जियानलुइगी डोनारुमा ने उनकी पेनल्टी किक को रोका जिसके बाद जोर्जिन्हो ने पेनल्टी को गोल में बदल दिया। मोराटा से पहले डोनारुमा ने ओल्मो की पेनल्टी को भी रोका था।

33 मैच से अजेय है इटली

चेल्सी के मिडफील्डर जोर्जिन्हो का पेनल्टी पर शॉट खेलने का अपना तरीका है। वह धीरे से आगे आते हैं, रुकते हैं और गेंद के पास कूदकर शॉट मारते हैं। मंगलवार को भी उन्होंने अपनी इस शैली को नहीं बदला और गोल दागकर इटली को फाइनल में पहुंचाया। इटली की टीम पिछले 33 मैचों से अजेय है जो राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।

दूसरी बार चैंपियन बनने की ख्वाहिश

चौथी बार फाइनल में पहुंची रॉबर्टो मेनसिनी की टीम दूसरी बार खिताब जीतने की कोशिश करेगी। इटली के लिए यह प्रदर्शन किसी सपने से कम नहीं है, क्योंकि टीम 2018 विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रही थी। अब उसने शानदार वापसी करते हुए यूरो 2020 के फाइनल में जगह बनाई है।

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