चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेल चुके रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि चेन्नई सुपर किंग्स का अगला कोच बनने की होड़ में पूर्व इंग्लिश खिलाड़ी इयोन मोर्गन सबसे मजबूत दावेदार हैं तो वहीं एमएस धोनी एक सीजन के लिए फ्रेंचाइजी में केयरटेकर की भूमिका निभा सकते हैं।

इयोन मोर्गन को हाई लेवल पर कोचिंग का कोई अनुभव नहीं है, लेकिन वो एक बेहतरीन रणनीतिकार के तौर पर जाने जाते हैं जिन्होंने इंग्लैंड की वनडे टीम की किस्मत बदलने में मदद की थी साथ ही साल 20221 में उन्होंने केकेआर को कप्तान के तौर पर आईपीएल फाइनल में पहुंचाया था। इयोन फिलहाल द हंड्रेड फ्रेंचाइजी लंदन स्पिरिट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल हैं।

इयोन मोर्गन बन सकते हैं हेड कोच

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि मुझे लगता है कि इयोन मोर्गन आ सकते हैं और उनके नाम की काफी चर्चा हो रही है। शुरुआती बातचीत तो चल रही है, इसमें कोई शक नहीं। इसमें दो स्थितियां हो सकती हैं कि क्या इयोन मोर्गन इस साल टीम की कमान संभालेंगे या फिर कोई और मिनी-ऑक्शन में टीम बनाएगा और वह बाद में इसे संभालेंगे। भारत के पूर्व स्पिनर ने बताया कि इस पद के लिए चर्चा में चल रहे एक और नाम ब्रेंडन मैकुलम का चयन शायद संभव न हो पाए, क्योंकि वह पहले से ही इंग्लैंड की वनडे और टी20 टीम के साथ जुड़े हुए हैं।

अश्विन ने कहा कि भले ही इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड अपने हेड कोच को आईपीएल में काम करने की इजाजत देने के लिए तैयार दिख रहा हो, लेकिन 2027 वर्ल्ड कप में अब बस एक साल से कुछ ही ज्यादा समय बचा है ऐसे में यह सब इतना आसान नहीं होगा। मोर्गन के बारे में अश्विन ने कहा कि दूसरी फ्रेंचाइजी भी उन्हें लेना चाहती हैं, लेकिन वह उनके ऑफर ठुकरा रहे हैं। आपको बता दें कि मोर्गन ने इंटरनेशलन क्रिकेट के तीनों प्रारूपों को मिलकर कुल 10,859 रन बनाए थे।

अश्विन का मानना है कि सीएसके में एमएस धोनी की मौजूदगी सबसे अहम है। पांच बार टीम को जिताने वाले कप्तान के तौर पर उनके पास अब भी सबसे ज्यादा अधिकार हैं और कोचिंग से जुड़ी किसी भी नियुक्ति के लिए उनकी मंजूरी जरूरी होगी। अश्विन ने कहा कि ऐसे नाजुक समय में जब ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है सीएसके को जिम्मेदारी संभालने वाले किसी व्यक्ति की जरूरत ह, चाहे वह ऋतुराज गायकवाड़ हों जो कमान संभालें या फिर जल्दबाजी में नियुक्त किया गया कोई नया हेड कोच।

अश्विन ने आगे कहा कि मुझे पक्का यकीन है कि धोनी की लीडरशिप में बरगद के पेड़ की शाखाओं की तरह बाकी खिलाड़ी भी मिलकर काम करेंगे और व्यक्तिगत रूप से यही सही रास्ता है। मैं अब भी ऐसा ही मानता हूं क्योंकि नई नियुक्ति में थोड़ी देर हो जाएगी क्योंकि मेगा ऑक्शन में बस एक साल ही बचा है। मुझे पूरा भरोसा है कि धोनी की कप्तानी लीडरशिप बरगद के पेड़ की शाखाओं की तरह बाकी खिलाड़ी भी मिलकर काम करेंगे। कम से कम अगले एक साल के लिए तो मुझे यही लगता है।

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