एशेज सीरीज: जीत से विश्वकप में नगीना जड़ने उतरेगा इंग्लैंड

पिछली एशेज सीरीज में इंग्लैंड टीम का उसी तरह मानमर्दन हुआ जिस तरह से एशेज सीरीज की शुरुआत में हुआ था। पिछली सीरीज में आस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को पांच टैस्ट मैचों की शृंखला 4-0 से हराई थी। एक मैच ड्रॉ हुआ था। 4-0 से एशेज हार जाना अंग्रेजों कोे बर्दाश्त नहीं था।

मनीष कुमार जोशी

हाल ही में संपन्न विश्व कप में न्यूजीलैंड को हराकर मेजबान इंग्लैंड चैंपियन बना। क्रिकेट के जन्मदाता कहे जाने वाले इस देश को विश्व विजेता बनने में लगभग 45 साल साल लग गए। अंग्रेज अपने इस प्रदर्शन पर गर्व कर सकते हैं क्योंकि अब वे इस खेल के बादशाह हैं। हालांकि उन्होंने इस जीत का जश्न किसी खास तरीके से नहीं मनाया। अगर कोई दूसरा देश होता तो मुमकिन था कि कई दिनों तक इस जीत का जश्न मनाया जाता। ईयोन मोर्गन की अगुवाई वाली टीम को इस जीत को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की श्रेणी में रखना स्वीकार नहीं है। उन्हें अब भी एक बेहतरीन टूर्नामेंट और उसमें खिताब की भूख है। उन्हें यह मौका एक अगस्त से शुरू हो रहा एशेज शृंखला मुहैया करा रही है। कई खिलाड़ियों का मानना है कि इस खिताब को जीतकर ही वे विश्व कप की जीत का भी जश्न मनाएंगे।

पिछली एशेज सीरीज में इंग्लैंड टीम का उसी तरह मानमर्दन हुआ जिस तरह से एशेज सीरीज की शुरुआत में हुआ था। पिछली सीरीज में आस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को पांच टैस्ट मैचों की शृंखला 4-0 से हराई थी। एक मैच ड्रॉ हुआ था। 4-0 से एशेज हार जाना अंग्रेजों कोे बर्दाश्त नहीं था। उन्हें उसी प्रकार की बेइज्जती का अहसास हुआ जैसा 1882 में हुआ था। हालांकि पहले भी इंग्लैंड आस्ट्रेलिया से हारता रहा है लेकिन एशेज उनसे बिलकुल अलग है। एशेज सीरीज आस्ट्रेलिया 33 बार और इंग्लैंड 32 बार जीता है।

इंग्लैंड के प्रमुख खिलाडी जोए रूट ने कहा है कि अब हमारा ध्यान पूरी तरह से एशेज सीरीज पर है। विश्व कप खत्म हो चुका है और अब हमारे लिए एशेज सीरीज से अहम कोई दूसरी चीज नहीं है। हमारे लिए यह सीरीज विश्व कप से भी बड़ी है। हम विश्वकप जीतने का जश्न मना चुके हैं और हम अब पूरा ध्यान आगामी एशेज सीरीज पर देना है। इंग्लैंड इस बार एशेज सीरीज की मेजबानी कर रहा है। सीरीज में पांच टैस्ट मैच खेले जाएंगे। अंग्रेजों को विश्व चैंपियन बनने का स्वाद तभी आएगा जब वो एशेज सीरीज जीत लेंगे। हालांकि विश्व कप के सेमी फाइनल में वो आस्ट्रेलिया को पराजित कर चुके हैं लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं हैं। वो इसे एशेज सीरीज की जीत के आगे महत्व नहीं देते।

आस्ट्रेलिया क्रिकेट अपने समय के बुरे दौर से गुजर रहा है। विश्व कप में उनका प्रदर्शन उनकी प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं रहा। मध्यक्रम और निम्नक्रम को लेकर उनके लिए समस्या है। स्टीवन स्मिथ और वार्नर प्रतिबंध के बाद वापसी कर रहे हैं। स्मिथ और वार्नर पर गेंद से छेड़छाड़ के कारण प्रतिबंध लगा दिया गया था। वापसी के बाद स्मिथ फॉर्म में नहीं आ सके हैं लेकिन वार्नर पूरी तरह से फॉर्म में हैं। गेंदबाजी में मिशेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोश हैजलवुड कितना प्रभाव दिखाते हैं इस पर कंगारुओं की कामयाबी निर्भर करती है। इंग्लैंड के विकेटों पर स्टार्क तो सफल हो सकते है लेकिन शेष गेंदबाजों पर आस्ट्रेलियाई प्रबंधन पुख्ता नहीं है। एशेज सीरीज पर जाने वाली कंगारुओं की यह टीम मजबूत नजर नहीं आ रही है। इंग्लैंड की टीम पूरी तरह से फॉर्म में है। उसके बल्लेबाज जोए रूट, मोर्गन, जॉनी बेयरस्टो, जोस बटलर और बेन स्टोक्स किसी भी आक्रमण को ध्वस्त करने में सक्षम हैं।

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