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कोविड-19 ने बढ़ाई भारतीय एथलीटों की मुश्किलें, ओलंपिक क्वालीफिकेशन के नवंबर तक टलने से लगा बड़ा झटका

भारत के राष्ट्रीय उप मुख्य कोच राधाकृष्णन नायर ने कहा कि इस फैसले से कई भारतीय एथलीट निराश होंगे। नायर ने एनआईएस पटियाला ने कहा, ‘‘विश्व एथलेटिक्स का फैसला तेजिंदर पाल सिंह तूर (गोला फेंक), अनु रानी (भाला फेंक), एम श्रीशंकर (लंबी कूद) और फर्राटा धाविका दुती चंद के लिये करारा झटका है।

Author Updated: April 9, 2020 12:42 PM
ओलंपिक क्वालीफिकेशन के नवंबर तक टलने से इंडियन एथलीट्स को बड़ा झटका

विश्व एथलेटिक्स का ओलंपिक क्वालीफिकेशन दौर को नवंबर के आखिर तक निलंबित करने का फैसला भारतीय ट्रैक एवं फील्ड एथलीटों के लिये बड़ा झटका है जो इस साल के आखिर में होने वाली घरेलू प्रतियोगिताओं के जरिये क्वालीफाई करने की उम्मीद लगाये हुए थे। इन प्रतियोगिताओं का आयोजन हालांकि अभी सुनिश्चित नहीं है क्योंकि कोविड-19 के कारण देश भर में लॉकडाउन है। विश्व एथलेटिक्स ने एथलीट आयोग, महाद्वीपीय संघों के प्रमुखों आदि से सलाह मशविरे के बाद मंगलवार को तोक्यो खेलों के लिये क्वालीफिकेशन समय छह अप्रैल से 30 नवंबर 2020 तक निलंबित कर दिया था। इस दौरान प्रतियोगिताओं में हासिल किये गये परिणाम पर तोक्यो खेलों के क्वालीफिकेशन मार्क या विश्व रैंंिकग के संदर्भ में विचार नहीं किया जाएगा।

भारत के राष्ट्रीय उप मुख्य कोच राधाकृष्णन नायर ने कहा कि इस फैसले से कई भारतीय एथलीट निराश होंगे। नायर ने एनआईएस पटियाला ने कहा, ‘‘विश्व एथलेटिक्स का फैसला तेजिंदर पाल सिंह तूर (गोला फेंक), अनु रानी (भाला फेंक), एम श्रीशंकर (लंबी कूद) और फर्राटा धाविका दुती चंद के लिये करारा झटका है। ’’ स्टार धाविका हिमा दास ने भी अभी तक तोक्यो खेलों के लिये क्वालीफाई नहीं किया है।

ओलंपिक में पदक के दावेदार नीरज चोपड़ा, भाला फेंक के उनके साथी शिवपाल सिंह चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले टीम, के टी इरफान (पुरुष 20 किमी पैदल चाल), भावना जाट (महिला 20 किमी पैदल चाल) और अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज) पहले ही ओलंपिक के लिये क्वालीफाई कर चुके हैं। विश्व संस्था ने कहा कि जिन खिलाड़ियो ने 2019 में क्वालीफिकेशन दौर शुरू होने के बाद ओलंपिक मानदंडों को हासिल किया है उन्हें अब भी क्वालीफाई माना जाएगा।

बता दें 9 अप्रैल (एएफपी) तोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों के स्थगित होने से दुनिया भर के खिलाड़ियों को झटका लगा है लेकिन जापान के एक शहर में फंसे दक्षिण सूडान के फर्राटा धावकों को उम्मीद है कि इससे उन्हें फायदा मिलेगा। सूडान के चार एथलीट और कोच नवंबर से ही उत्तरी तोक्यो के मीबाशी में अभ्यास कर रहे हैं और वैश्विक लॉकडाउन के इन दिनों में वे अभ्यास की सभी सुविधाओं का फायदा उठा रहे हैं जो कि उन्हें अपने देश में नहीं मिल पाती।

कोरोना वायरस के कारण खेलों के टलने के बाद उन्होंने कम से कम जुलाई तक यही रहने का फैसला किया है और उम्मीद है कि इससे उनके कौशल में निखार आएगा। कोच जोसेफ रेनसियो टोबियो ओमिरोक ने कहा, ‘‘तोक्यो ओलंपिक टाल दिये गये हैं, यह समस्या नहीं है। मुझे खुशी है कि हम अब भी अभ्यास कर रहे हैं और अन्य देशों के खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। वे अपने घरों में बैठे हैं लेकिन हम यहां भरपूर अभ्यास कर रहे हैं। ’’ कोरोना वायरस के कारण तोक्यो ओलंपिक को जुलाई 2021 तक स्थगित कर दिया गया है।

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