दिलीप ट्रॉफी का फाइनल शुरू होने से आधे घंटे पहले चेपक के सी, डी और ई ब्लॉक के निचले स्टैंड भर गए थे। तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा फ्री में खोले गए स्टैंड सुबह 9.30 बजे खेल शुरू होने तक खचाखच भरे हुए थे। सुबह 10 बजे तक गेट के बाहर लाइन में लगने के बाद तीन और स्टैंड आम लोगों के लिए खोल दिए गए।
क्रिकइंफो के अनुसार लगभग 12,000 दर्शकों में कुछ चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की पीली जर्सी में थे। भारत में घरेलू क्रिकेट में ऐसा नजारा देखने को मिलना आम नहीं है। ज्यादातर घरेलू मैचों के दैरान मैदान खाली होते हैं। कभी-कभी ऐसे मैदानों पर मैच होते हैं, जहां पहुंचना मुश्किल होता है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का क्रेज ऐसा है कि लोग उन्हें देखने के लिए भारी तदाद में स्टेडियम पहुंच गए।
वैभव सूर्यवंशी ने फैंस को निराश नहीं होने दिया
वैभव सूर्यवंशी ने फैंस को निराश नहीं होने दिया। उन्होंने मोहम्मद सिराज को निशाने पर लिया। उनकी12 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का मारा। आउट होने से पहले वैभव ने 37 गेंद पर 5 चौके और 1 छक्के की मदद से 44 रन बनाए।वैभव को रोकने के लिए साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने बाउंड्री पर चार खिलाड़ियों को तैनात किया था। डीप मिडविकेट और लॉन्ग लेग पर दो खिलाड़ी थे। नहीं गेंद पर वैभव सावधान दिखे और बड़े शॉट नहीं खेले।
फैंस के लिए चेपक शिफ्ट हुआ दलीप ट्रॉफी फाइनल
दलीप ट्रॉफी का फाइनल यह फाइनल असल में बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में होना था, जो शहर से कटा हुआ है। बाद में फैंस के लिए इसे चेन्नई के ठीक बीच में चेपक में शिफ्ट कर दिया गया। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, ‘सीओई में भीड़ के आने को लेकर कुछ पाबंदियां हैं। हमें लगा कि फाइनल को ऐसी जगह पर ले जाना सही रहेगा जहां फैंस आ सकें और इस मौके का हिस्सा बन सकें।’
वैभव सूर्यवंशी अर्धशतक से चूके
वैभव सूर्यवंशी दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मुकाबले की पहली पारी में ताबड़तोड़ शुरुआत की, लेकिन वो बड़ी पारी खेलने से चूक गए। वो अर्धशतक के बेहद करीब आकर उसे पूरा नहीं कर पाए। पूरी खबर पढ़ें।
