इशान किशन ने चेन्नई की उमस भरे मौसम में 270 रन बनाकर लाल गेंद की क्रिकेट में अपनी काबिलियत का परिचय दिया। उनकी यह पारी भारत के तीन चयनकर्ताओं की मौजूदगी में आया। उन्होंने साउथ जोन के खिलाफ दिलीप ट्रॉफी फाइनल के दूसरे दिन ईस्ट जोन को 708 रन के बड़े स्कोर तक पहुंचाया।
कुमार कुशाग्र ने भी अपना छठा फर्स्ट-क्लास शतक (101) लगाया। इशान की पारी 522 मिनट और 334 गेंदों की थी। इशान और कुशाग्र के अलावा शिखर मोहन और अभिमन्यु ईश्वरन ने अर्धशतक लगाए। साउथ जोन तीसरे दिन तीसरे दिन अपनी पहली पारी की शुरुआत करेगा। दूसरे दिन के अंत में ईस्ट जोन ऑल आउट हुई।
इशान किशन ने 122 गेंद पर शतक जड़ा
इशान किशन ने शतक पहले दिन 122 गेंदों पर जड़ा था। उन्होंने दोहरा शतक पूरा करने के लिए 148 गेंदें लीं। इशान ने धीमी बल्लेबाजी घातक स्पेल या मुश्किल पिच की वजह से नहीं की। वह गेंदबाजों को थकाने और विरोधी टीम को खिताब से दूर करने के लिए धीमे खेले।
इशान ने 270 गेंद पर दोहरा शतक जड़ा
इशान के करियर का दूसरा फर्स्ट-क्लास दोहरा शतक 270 गेंदों में आया। उन्होंने पार्ट-टाइम स्पिनर देवदत्त पडिक्कल की गेंद को कवर्स की तरफ चौका मारा। वह सिर्फ एक बार असहज दिखे जब बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सीवी मिलिंद की गेंद से पेट पर चोट लग गई। इसका उन्हें उपचार कराना पड़ा।
श्रेयस गोपाल और त्रिपुराना विजय को आड़े हाथ लिया
इशान ने दोहरा शतक पूरा करने के बाद तेज बल्लेबाजी शुरू की। उन्होंने 200 से 250 रन तक पहुंचने के लिए केवल 31 गेंद लिए। उन्होंने स्पिनर श्रेयस गोपाल और त्रिपुराना विजय को आड़े हाथ लिया। दोनों को दो-दो छक्के लगाए। किशन ने श्रेयस की 100 गेंदों पर 94 रन बनाए, जबकि विजय ने 88 गेंदों पर 70 रन दिए। उन्होंने पुल और ड्राइव लगाकर 22 चौके लगाए।
कुशाग्र ने 128 गेंद में शतक जड़ा
किशन ने पांचवें विकेट के लिए कुशाग्र के साथ केवल 290 गेंद में 230 रन और छठे विकेट के लिए अनुकूल रॉय (40 रन, 86 गेंद) के साथ 140 रन की साझेदारी कर पूर्व क्षेत्र की स्थिति और मजबूत की। कुशाग्र ने भी अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया और विकेट के दोनों ओर शानदार शॉट लगाकर गेंदबाजों की धुनाई की। 21 वर्षीय कुशाग्र ने 128 गेंद में आठ चौकों और पांच छक्कों की मदद से अपना शतक पूरा किया, लेकिन वह अपनी पारी को और अधिक लंबा नहीं बढ़ा सके।
विजय ने किया आउट
दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने विजय की खराब शॉर्ट गेंद पर लापरवाही से पुल शॉट खेला और स्क्वायर लेग के पीछे खड़े मिलिंद को कैच दे बैठे। अंतिम सत्र के शुरुआती मिनटों में मोहम्मद शमी के आउट होने के तुरंत बाद किशन ने फिर दक्षिण क्षेत्र को परेशानी में डाल दिया। अपने पहले तिहरे शतक के करीब पहुंच गए। हालांकि. वह बड़ा मुकाम हासिल नहीं कर सके। किशन ने विजय (180 रन पर चार विकेट) की गेंद पर जोरदार शॉट खेला लेकिन गेंद सीधे साइट स्क्रीन के पास खड़े रविचंद्रन स्मरण के हाथों में चली गई। हालांकि, तब तक किशन अपना काम कर चुके थे।
इशान किशन 250 बनाकर रिटायर्ड हर्ट
ईस्ट जोन के लिए सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड अरुण लाल के नाम है। उन्होंने वेस्ट जोन के खिलाफ 1986 में 490 गेंदों पर 287 रन बनाए थे। इशान किशन यह रिकॉर्ड तोड़ने से 38 रन दूर हैं। पूरी खबर पढ़ें।
