DRS विवाद पर ब्रॉडकास्ट डायरेक्टर ने दिया जवाब, कहा- इंसानों से गलती हो सकती है; SuperSport ने भी जारी किया बयान

केपटाउन टेस्ट में सामने आए डीआरएस विवाद पर ब्रॉडकास्ट डायरेक्टर और सुपर स्पोर्ट ने बयान जारी किया है। डायरेक्टर हेमंत बुच ने कहा है कि, इसमें इंसानों से गलती होने की संभावना रहती है।

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डीन एल्गर के इस विवादस्पद DRS के फैसले के बाद शुरू हुआ था विवाद (सोर्स- ट्विटर)

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली गई टेस्ट सीरीज के निर्णायक मुकाबले में डीआरएस के फैसलों पर काफी सवाल उठे। मेजबान टीम की दूसरी पारी के दौरान बॉल-ट्रैकिंग से जिस तरह कप्तान डीन एल्गर बचे उसे देखकर हर कोई यहां तक फील्ड अंपायर भी हैरान थे। भारतीय खिलाड़ियों ने स्टंप माइक के जरिए इस पर भड़ास भी निकाली थी।

इसी मुद्दे पर करीब 100 से ज्यादा टेस्ट मैच का अनुभव ले चुके बॉडकास्ट डायरेक्टर हेमंत बुच ने जवाब दिया है। उन्होंने पूरी टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी दी है और बताया है कि इसके पीछे भी इंसान काम करते हैं जिसके बाद गलती (Human Error) की संभावना हमेशा होता है। ऐसे में DRS की इमेज पर सवाल उठाना सही नहीं है।

हेमंत बुच ने पूरी प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि,’बॉल-ट्रैकिंग हमेशा हॉक-आई के जरिए सप्लाई की जाती है जिसे ICC ने अप्रूव किया है। इसके लिए 6 कैमरों का इस्तेमाल होता है। पांच लोग इसे ब्रॉडकास्ट करने के लिए काम करते हैं। ये सभी लोग कैमरे के एंगल, बॉल की पिच, अल्ट्रा एज(बल्ले का किनारा) आदि देखते हैं।’

उन्होंने आगे बताया कि,’कंपनी के लिए काम करने वाले लोग अलग-अलग क्षमता और अनुभव के होते हैं। कभी-कभी आप देखते होंगे की ट्रैकिंग जल्दी मिल जाती है और कभी देर भी होती है। सबकी क्षमताएं अलग होती हैं। ट्रैकिंग सिस्टम में इंसानों के हस्तक्षेप के कारण मानवीय गलती की संभावना बनी रहती है। लेकिन ऐसा सीरीज में सिर्फ एक या दो बार ही होता है।’

बुच ने कहा कि,’यह सभी डाटा मैच के बाद आईसीसी को भी दिया जाता है। इसके पीछे बहुत सारी चेकिंग होती है। काफी गौर से इसे देखा जाता है। अगर कोई खिलवाड़ इसके साथ होता है तो उसे पकड़ा भी जा सकता है।’

क्या था पूरा विवाद?

गौरतलब है कि मैच के तीसरे दिन विराट कोहली, रविचंद्रन अश्विन, केएल राहुल समेत कई खिलाड़ियों ने DRS के विवाद के बाद स्टंप माइक पर कई बातें बोली थीं। कप्तान कोहली ने बॉल-ट्रैकिंग पर सवाल उठाए थे और कहा था कि,’अपनी टीम के खिलाड़ियों पर भी नजर रखें। हमेशा दूसरों को ही पकड़ने की कोशिश करते हैं।’

वहीं अश्विन ने सीधे-सीधे सीरीज के ब्रॉडकास्टर सुपर स्पोर्ट (SuperSport) पर सवाल उठाते हुए कहा था कि,’जीतने के लिए सुपर स्पोर्ट को बेहतर तरीके अपनाने चाहिए।’ राहुल ने भी कहा था कि,’पूरा देश 11 खिलाड़ियों के खिलाफ लड़ रहा है।’ इस मुद्दे पर भारतीय कप्तान को बचकाना व्यवहार के लिए आलोचना भी झेलनी पड़ी थी।

इसको लेकर सुपर स्पोर्ट ने भी अपना बयान जारी किया और एएफपी (AFP) से कहा कि,’कई भारतीय खिलाड़ियों द्वारा किए गए कमेंट की सुपर स्पोर्ट को जानकारी है। हॉक-आई आईसीसी द्वारा अप्रूव की गई एक स्वतंत्र टेक्नोलॉजी है। इसमें किसी का हस्तक्षेप नहीं है। कई सालों से ये डीआरएस का अहम हिस्सा भी है।’

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