टीम इंडिया के पूर्व बॉलिंग कोच भरत अरुण ने चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर से मोहम्मद शमी के लिए भारतीय टीम के दरवाजे खुले रखने की अपील की है। अरुण का कहना है कि घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद सेलेक्टर्स ने इस अनुभवी तेज गेंदबाज को बहुत जल्दी नजरअंदाज कर दिया।

शमी ने में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 फाइनल के बाद से टीम इंडिया के लिए कोई मैच नहीं खेला है। जहां प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा और गुरनूर बरार जैसे युवा तेज गेंदबाज सभी प्रारूप में जगह बनाने के लिए होड़ में हैं वहीं शमी घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार प्रभावित कर रहे हैं और अभी अपना 100वां फर्स्ट-क्लास मैच खेल रहे हैं।

शमी के लिए टीम के दरवाजे बंद नहीं करनी चाहिए

भरत अरुण ने नेशनल टीम में मोहम्मद शमी की वापसी का समर्थन किया है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए अरुण ने कहा कि जब तक शमी अच्छा प्रदर्शन करते रहते हैं तब तक उम्र उनके सिलेक्शन में रुकावट नहीं बननी चाहिए। अरुण ने कहा कि उन्हें शमी के लिए दरवाजे बंद नहीं करने चाहिए थे। उनमें अभी भी काफी क्रिकेट बाकी है। जब कोई अच्छा प्रदर्शन कर रहा हो तो उम्र कोई मायने नहीं रखती। आप उनकी फिटनेस और लंबे समय तक खेलने की क्षमता को देखिए।

शमी ने 2025-26 रणजी ट्रॉफी में बंगाल के लिए सात मैचों में 16.72 की औसत से 37 विकेट लिए और उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के सात मैचों में भी 24.53 की औसत से 15 विकेट लिए थे। अरुण ने शमी के 100वां फर्स्ट क्लास मैच खेलने को लेकर कहा कि यह शमी के लिए बहुत सही है। रेड बॉल के साथ 100 फर्स्ट-क्लास मैच खेलना जो उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है। उन्हें बॉलिंग करना पसंद है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे नेट्स में बॉलिंग कर रहे हैं या मैच के दौरान। आप उन्हें रेड बॉल दें या कोई भी बॉल दें वे अपना रन-अप लेंगे और बॉलिंग शुरू कर देंगे।

तिलक-शाहबाज से आगे सुदीप, वैभव टॉप-5 में; दलीप ट्रॉफी 2026 में सबसे ज्यादा चौके लगाने वाले टॉप-6 बल्लेबाज

दलीप ट्रॉफी 2026 के दोनों सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद सबसे ज्यादा चौके लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में सुदीप कुमार घरामी पहले नंबर पर हैं जिन्होंने अब तक खेले 2 मैचों में सबसे ज्यादा 31 चौके लगाए हैं जबकि शाहबाज अहमद ने एक मैच में 17 चौके लगाए हैं और वो दूसरे नंबर पर है। (इस खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)