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दिलीप सरदेसाई: विदेश में पहला दोहरा शतक जड़ने वाले भारतीय बल्लेबाज, वेस्टइंडीज पर दिलाई थी ऐतिहासिक जीत

भारत ने पांच मैचों की शृंखला 1-0 से जीत ली थी। वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत ने पहली बार टेस्ट सीरीज जीती थी।
टेस्ट क्रिकेट में विदेशी जमीन पर भारत के लिए पहला दोहर शतक बनाने वाले दिलीप सरदेसाई। (तस्वीर- आर्काइव)

विदेशी धरती पर भारत के लिए पहला दोहरा शतक जड़ने वाले बल्लेबाज दिलीप सरदेसाई का जन्म आठ अगस्त 1940 को गोवा में हुआ था। 18-23 फरवरी 1971 को वेस्टइंडीज के किंग्सटन मैदान पर दौरे के पहले मैच की पहली पारी में सरदेसाई ने 212 रन जड़े थे। देश से बाहर पहली बार किसी भारतीय ने ये कारनामा किया था। हालांकि वो मैच ड्रा रहा था। दौरे के दूसरे टेस्ट में सरेदसाई ने 112 रन की शतकीय पारी खेली जिसकी मदद से भारत पहली बार वेस्टइंडीज को टेस्ट मैच में हरा पाया। दौरे का पहला, तीसरा, चौथे और पांचवे मैच ड्रा रहे थे।  भारत ने पांच मैचों की शृंखला 1-0 से जीत ली थी। वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत ने पहली बार टेस्ट सीरीज जीती थी।  दौरे के चौथे टेस्ट में सरदेसाई ने 150 रनों की पारी खेली।

वेस्टइंडीज के 1970-1971 के दौरे में सरदेसाई ने कुल 642 रन बनाए थे। पांच दिनों तक किसी भी भारतीय द्वारा एक सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने का सरदेसाई के नाम रहा लेकिन वेस्टइंडीज में ही सुनील गावस्कर ने इसे तोड़ दिया। गावस्कर ने कुल 774 रन बनाए थे। गावस्कर ने सीरीज में चार शतक और एक दोहरा शतक बनाये थे। वेस्टइंडीज दौरे में दोहरा शतक बनाने से पहले सरदेसाई न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई में दोहरा शतक बना चुके थे। 12-15 मार्च 1965 को इस मैच में सरदेसाई ने नाबाद 200 रन बनाए थे।

दिलीप सरदेसाई ने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट करियर की शुरुआत 1961 में कानपुर में इंग्लैंड के साथ हुए टेस्ट मैच से की थी। मैच ड्रा रहा था। सरदेसाई ने अपने पहले मैच की पहली पारी में 28 रन बनाए थे। दूसरी पारी में भारतीय टीम को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था। अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में सरदेसाई ने कुल 30 मैच खेले थे। 30 मैचों की 55 पारियों में उन्होंने 39.23 के औसत से कुल 2001 रन बनाए। उनका अधिकतम स्कोर 212 रन रहा। अपने टेस्ट करियर में सरदेसाई ने पांच शतक और नौ अर्ध-शतक बनाए थे। आपको ये जानकार शायद हैरत होगी कि 55 पारियों में सरदेसाई ने केवल दो छक्के मारे थे।

दाएं हाथ के बल्लेबाज सरदेसाई दाएं हाथ के कामचलाऊ गेंदबाज भी थे। 30 मैचों की केवल पांच पारियों में उन्हें गेंदबाजी का मौका मिला लेकिन वो कोई विकेट नहीं ले सके। सरदेसाई ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट 1972 में इंग्लैंड के खिलाफ ही खेला। 20-25 दिसंबर 1972 में हुए इस मैच में सरदेसाई ने पहली पारी में 12 और दूसरी पारी में 10 रन बनाए थे। इंग्लैंड वो टेस्ट छह विकेट से जीत गया था।

सरदेसाई के जमाने में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच बहुत कम होते थे। ज्यादातर खिलाड़ी प्रथम श्रेणी के मैच ही खेलते थे। प्रथम श्रेणी के 179 मैचों की 271 पारियों में सरदेसाई ने 41.75 के औसत से कुल 10230 रन बनाए। प्रथम श्रेणी के मैचों में उन्होंने 25 शतक और 56 अर्ध-शतक जड़े।  सरदेसाई बॉम्बेकी रणजी टीम में लगातार 13 सालों सालों तक खेले जिनमें से 10 मौकों पर उनकी टीम फाइनल में पहुंची। दो जुलाई 2007 को मुंबई में 66 वर्षी की उम्र में उनका निधन हुआ।

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