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बनारस में खेला गया अनोखा क्रिकेट मैच, धोती-कुर्ता पहन चौके-छक्के लगाते नजर आए खिलाड़ी

इस प्रतियोगिता में जो खिलाड़ी हिस्सा ले रहे थे वो संस्कृत विश्वविद्यालय के ही छात्र थे, जो माथे पर तिलक लगाकर, रुद्राक्ष पहनकर और पारम्परिक पोशाक में क्रिकेट खेल रहे थे।

धोती-कुर्ते में खिलाड़ियों ने लगाए चौके-छक्के

क्रिकेट की जब से शुरूआत हुई तब से क्रिकेट में कई बदलाव हो चुके हैं। पहेल खिलाड़ी सिर्फ सफेद जर्सी पहनकर क्रिकेट खेलते नजर आते थे, लेकिन 1992 वर्ल्ड कप से टीमें रंगीन जर्सी में नजर आने लगी। अब टेस्ट सफेद जर्सी जबकि सीमित ओवरों का क्रिकेट रंगीन जर्सी में खेला जाता है। एक क्रिकेट मैच में आमतौर पर खिलाड़ी हेलमेट पहने, हाथ में बल्ला या गेंद लिए और अपनी टीम की जर्सी पहने नजर आते हैं।

ऐसे में अगर हम आपसे कहे कि हाल ही में एक क्रिकेट मैच के दौरान खिलाड़ी धोती-कुर्ता पहने नजर आए। तो यह सुनकर आपको थोड़ा अजीब लगा होगा। जी हां, ये नजारा देखने को मिला वाराणसी में, जहां सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के शास्त्रार्थ महाविद्यालय के डायमंड जुबली वर्ष में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में एक क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसे संस्कृत क्रिकेट प्रतियोगिता का नाम दिया गया। इस क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन अंतराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर नीलू मिश्रा और काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी श्रीकांत मिश्रा ने किया।

इस दौरान खिलाड़ी धोती-कुर्ता पहनकर क्रिकेट खेलते नजर आए। बता दें कि इस प्रतियोगिता में जो खिलाड़ी हिस्सा ले रहे थे वो संस्कृत विश्वविद्यालय के ही छात्र थे, जो माथे पर तिलक लगाकर, रुद्राक्ष पहनकर और पारम्परिक पोशाक में क्रिकेट खेल रहे थे। यही नहीं, इस मैच में रणजी खिलाड़ी धीरज मिश्रा और संजीव तिवारी भी धोती-कुर्ता पहनकर अम्पायरिंग कर रहे थे। इस रोमांचकारी मैच में बल्लेबाजों को धोती-कुर्ता पहन कर चौके छक्के जड़ते देखने के लिए भारी तादाद में लोग दर्शक जमा हुए थे। दिलचस्प बात ये थी कि खेल के कमेंटटेटर संस्कृत में कॉमेंट्री कर रहे थे, जिसने लोगों को काफी आकर्षित किया।

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