ताज़ा खबर
 

एमएस धोनी की मांग- लंबे छक्‍कों पर मिले ज्‍यादा रन, गेंदबाजों ने दिए मजेदार जवाब

गेंदबाज क्रिकेट को 'बल्लेबाजों का खेल' कहे जाने पर अफसोस जताते हैं। हर गेंद फेंकने पर वजन का आठ गुना दबाव गेंदबाज के अगले पैर पर पड़ता है।
2011 में वर्ल्ड कप की विजेता टीम इंडिया के कप्तान धोनी ही थे। श्रीलंका के खिलाफ उस फाइनल मुकाबले में उन्होंने आखिरी गेंद पर हेलिकॉप्टर शॉट के जरिए छक्का जड़ा था। (फोटो सोर्स- एएनआई)

गेंदबाज की जिन्दगी आसान नहीं होती है। शॉर्ट बाउण्ड्री, लंबे शॉट मारने वाले बल्लेबाज, गेंद, जो आसानी से स्विंग नहीं होती, पिच, जो कई बार बाउंस नहीं देती। इन सभी दबावों से ऊपर हर बार गेंद फेंकने पर अपने वजन का आठ गुना दबाव गेंदबाज के अगले पैर पर पड़ता है और ये हर बॉल के साथ होता है।

गेंदबाज क्रिकेट को ‘बल्लेबाजों का खेल’ कहे जाने पर पहले भी अफसोस जताते रहे हैं। खेल का फॉर्मेट जितना छोटा होता है, उनकी तकलीफ उतनी ही बढ़ जाती है। हाल ही में कुछ बल्लेबाजों ने कहा कि सीधे बाउण्ड्री पार जाने वाली गेंद के लिए 6 से ज्यादा रन मिलने चाहिए। बल्लेबाजों की इस बात पर दुनिया भर के गेंदबाजों ने जबरदस्त नाराजगी जाहिर की है।

जब सुपर सैमसन ने जड़े 10 छक्के : ये सारा विवाद दरअसल एक तूफानी पारी के बाद शुरू हुआ। जब राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए संजू सैम्सन ने आतिशी पारी खेली। उन्होंने कुल 10 बड़े छक्के लगाए थे। जबकि क्रिस गेल ने भी मैच में बेहतरीन प्रदर्शन से साबित दिया कि तेज फॉर्मेट के लिए अभी उनमें काफी क्रिकेट बाकी है।

इस बयान पर हुआ विवाद : दरअसल, ये सारा बखेड़ा इसी हफ्ते खड़ा हुआ है। इस विवाद की जड़ में भारत के महान विकेटकीपर महेन्द्र सिंह धोनी का बयान है। बीती रात उन्होंने टी—20 का 280वां मैच खेलते हुए अब तक का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया था।

धोनी ने कहा था कि,’आईपीएल में लंबी दूरी के छक्कों को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए। मैच में ढेर सारे छक्के लगाए गए। कई में तो गेंद स्टेडियम के बाहर भी चली गई थी। मुझे लगता है कि आईपीएल में स्टेडियम से बाहर जाने वाली हर गेंद पर दो रन अतिरिक्त मिलने चाहिए।

बयान से खफा हैं गेंदबाज : लेकिन इस तूफानी प्रदर्शन ने उन गेंदबाजों की दुखती रग को छेड़ दिया है, जो आईपीएल में अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं। इस पूरे मसले से सबसे ज्यादा आहत अगर कोई है तो वो हैं टी—20 के मंझे हुए गेंदबाज मिशेल मैकलिंघन।

न्यूजीलैंड का यह बेहतरीन गेंदबाज सिडनी थंडर के नाम से भी मशहूर है। मैकलिंघन जो आईपीएल के सीजन—2018 में मुम्बई इण्डियन्स की तरफ से खेल रहे हैं, रन तय करने के इस फॉर्मूले से खासे नाराज हैं।

साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेइन ने मैकलिंघन के ट्वीट पर सहमति जताई. उन्होंने लिखा, ‘नेल्ड इट’।

वहीं आॅ​स्ट्रेलिया के स्पिनर फवाद अहमद ने मैकलिंघन के ट्वीट पर लिखा कि, जरूरत से ज्यादा लेवलिंग करने पर बैटिंग करने वाले खिलाड़ी के 10 रन काट लेने चाहिए। इस तरह के विचार आउटडोर क्रिकेट के नियमों को इनडोर क्रिकेट नियमों की तरफ ले जाएंगे।

पूर्व आॅस्ट्रेलियाई टेस्ट गेंदबाज ट्रेंट कोपलैण्ड ने भी गेंदबाजों का पक्ष लिया। उन्होंने भी ट्वीट करके इसे निराशाजनक बताया।

सोशल मीडिया पर ऐसी हुई प्रतिक्रिया: धोनी के इस बयान पर आॅस्ट्रेलिया के बल्लेबाज डीन जोंस ने ट्वीट किया कि,’ एक नामी वनडे खिलाड़ी, जो आधुनिक टी—20 के दौर में बेहद सफल है, ने सुझाया है कि 80 मीटर से दूर गिरने वाली हर गेंद पर 8 रन दिए जाने चाहिए. आखिर कौन सा नियम है जो वह बदलना चाहते हैं।

वहीं इंग्लैण्ड की महिला क्रिकेट खिलाडी नैट स्कीवर ने ट्वीट किया कि,’ महिला क्रिकेट में पांच मीटर से आगे गिरने वाली हर गेंद पर दोगुने रन मिलने चाहिए.’

जबकि आॅस्ट्रेलिया के स्पिनर एस्टर एगर (आॅलराउण्डर) शायद ऐसे पहले गेंदबाज रहे जिन्होंने इस ख्याल पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्टेडियम से बाहर गेंद जाने पर आठ रन देने का सुझाव दिया। जबकि दूसरे कई लोगों ने सुझाव दिया कि दूसरे ​टीयर में स्टेडियम से बाहर जाने वाली गेंद पर बड़ा इनाम जरूर मिलना चाहिए।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Indian Super League 2017 Points Table

Indian Super League 2017 Schedule