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दिल्‍ली टी20: आखिरी मैच से पहले कपिल देव ने आशीष नेहरा के लिए दिया ये मेसेज

1983 में भारत को क्रिकेट का पहला विश्व कप दिलाने वाले कप्तान कपिल देव ने कहा कि हर खिलाड़ी के लिए पहला और आखिरी मैच खास होता है।

नेहरा को खेल का महान दूत बताते हुए कपिल ने कहा कि आपने देश की सेवा काफी अच्छे से की।

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने बुधवार को अनुभवी तेज गेंदबाज आशीष नेहरा को उनके आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच से पहले शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रीय राजधानी के फिरोजशाह कोटला मैदान पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच बुधवार को खेला जाने वाला टी-20 मैच नेहरा के करियर का आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच होगा। नेहरा इस मैच के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगे। 1983 में भारत को क्रिकेट का पहला विश्व कप दिलाने वाले कप्तान कपिल ने कहा, “हर खिलाड़ी के लिए पहला और आखिरी मैच खास होता है। कई वर्षों तक भारतीय क्रिकेट में अपनी सेवाएं देने के बाद नेहरा अपने घर में विदाई के हकदार हैं।”

नेहरा को खेल का महान दूत बताते हुए कपिल ने कहा, “आपने देश की सेवा काफी अच्छे से की।” फिरोजशाह कोटला में साइट स्क्रीन के ऊपर ‘फेयरवेल आशीष नेहरा’ नाम का संदेश लिखा गया है। इस मैच के साथ ही नेहरा अपने 18 साल के लंबे करियर को अलविदा कह देंगे। उन्होंने फरवरी 1999 में कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। नेहरा का करियर चोटों से काफी प्रभावित रहा, लेकिन वह भारत के बेहतरीन गेंदबाजों में से एक रहे हैं।

सौरव गांगुली की कप्तानी में 2003 विश्व कप के फाइनल में जगह बनाने वाली भारतीय टीम का नेहरा हिस्सा था। इस विश्व कप में जवागल श्रीनाथ, जहीर खान और नेहरा की तिगड़ी ने भारतीय टीम की सफलता में अहम रोल निभाया था। इसी विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और छह विकेट लिए थे। नेहरा 28 साल बाद 2011 में महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे।

वहीं, दिल्ली के इस बाएं हाथ के गेंदबाज ने क्रिकेट की दुनिया में दो खिलाड़ियों को दुनिया में सबसे तेज दिमाग वाला बताया है। ये खिलाड़ी हैं पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और अजय जडेजा। नेहरा ने कहा कि मैं अजय जडेजा के क्रिकेट कौशल का बहुत सम्मान करता हूं। मेरे लिए एमएस धोनी और अजय जडेजा क्रिकेट की दुनिया में सबसे तेज दिमाग वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुझे इन 20 साल के अपने करियर में कुछ बदलना हो तो जोहानिसबर्ग में 2003 विश्व कप फाइनल का दिन लेकिन यह सब किस्मत की बात है।

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