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खट्टी मीठी यादें : विवादों में आए ये खिलाड़ी बर्मिघम में नहीं दे पाए बेस्ट, अदालत न देती दखल तो तेजस्विन शंकर नहीं रच पाते इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत के कुछ ऐसे खिलाड़ी भी रहे, जिनसे पदक की उम्मीदें थीं, लेकिन वे पदक हासिल नहीं कर पाए। इसके अलावा वे विवादों में भी रहे। इनमें बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन और पूनम यादव का नाम शामिल है। इसके अलावा खेलों में इतिहास रचने वाले तेजस्विन शंकर भी विवादों में रहे हैं।

खट्टी मीठी यादें : विवादों में आए ये खिलाड़ी बर्मिघम में नहीं दे पाए बेस्ट, अदालत न देती दखल तो तेजस्विन शंकर नहीं रच पाते इतिहास
लवलीना बोरगोहेन। (फोटो- ट्विटर)

Commonwealth Games 2022 : कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया। देश ने 22 गोल्ड, 16 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज मेडल के साथ कुल 61 मेडल अपने नाम किया। हॉकी, क्रिकेट, बैडमिंटन और बॉक्सिंग और वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में प्रदर्शन शानदार रहा। लॉन बॉल्स जैसे गुमनाम खेल में भी मेडल आए। हालांकि, कुछ ऐसे खिलाड़ी भी रहे, जिनसे पदक की उम्मीदें थीं, लेकिन वे पदक हासिल नहीं कर पाए। इसके अलावा वे विवादों में भी रहे। इनमें बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन और पूनम यादव का नाम शामिल है। इसके अलावा खेलों में इतिहास रचने वाले तेजस्विन शंकर भी विवादों में रहे हैं।

आइए जानते हैं इनके और इनसे जुड़े विवादों के बारे में

लवलीना बोरगोहेन – टोक्यो ओलंपिक 2021 में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम करने वालीं लवलीना से कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक हासिल करने की उम्मीदें थीं, लेकिन वह क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गईं। वह विवादों के कारण सुर्खियों में रहीं। उन्होंने खेलों के शुरुआत से पहले बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था। साथ ही उन्होंने कहा था कि उनके निजी कोच संध्या गुरुंग को बर्मिंघम के खेल गांव के लिए एक्रेडिशन नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा लवलीना 28 जुलाई को कॉमनवेल्थ गेम्स के उद्घाटन समारोह को बीच में छोड़ने के बाद फंसी रह जाने के कारण विवादों के केंद्र में रही थींं।

पूनम यादव – वेटलिफ्टिंग में भारत ने 10 मेडल हासिल किए। पूनम यादव भी गोल्ड की दावेदार थीं। गोल्ड कोस्ट में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया था, लेकिन बर्मिंघम में चूक गईं। भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (IWLF) ने उनपर पदक गंवाने का दोष मढ़ा था। उन्होंने कहा था कि पूनम ने चोटिल होने के बाद भी खेलों में हिस्सा लिया और देश एक मेडल जीतने से चूक गया।

तेजस्विन शंकर – बर्मिंघम में हो कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में तेजस्विन शंकर ने हाई जंप स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया था। नेशनल रिकॉर्ड रखने वाले शंकर ने 2 . 22 मीटर की कूद लगाई और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए मेडल जीतने वाले पहले हाई जंपर बने। भारत के एथलेटिक्स टीम में उनका चयन आखिरी समय में हुआ था। कॉमनवेल्थ गेम्स में उनके चयन को लेकर काफी विवाद हुआ। मामला कोर्ट तक पहुंचा। वह अमेरिका में पढ़ाई करते हैं। यहां एनसीएए चैंपियनशिप में 2.27 मीटर की छलांग लगाकर एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित योग्यता मानक हासिल करने के बावजूद खेलों के लिए नहीं चुने जाने के बाद उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था।

कोर्ट ने दिया दखल- राष्ट्रीय महासंघ ने बाद में कोर्ट को बताया कि शंकर को 4×400 मीटर रिले टीम के सदस्य अरोकिया राजीव की जगा शामिल किया गया है, जिन्हें मूल टीम में नामित किया गया था। एएफआई ने भारतीय ओलंपिक संघ से अधिक एथलीटों को शामिल करने के लिए अपना कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया।आईओए ने बदले में राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजकों से अनुरोध किया। आयोजकों ने शुरू में शंकर के देर से प्रवेश को खारिज कर दिया था, लेकिन आईओए को बाद में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजकों और राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) से एक प्रतिनिधि पंजीकरण बैठक (डीआरएम) के बाद उनके प्रवेश को स्वीकृति मिली।

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