दुनिया के महानतम फुटबॉलरों में गिने जाने वाले क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) की कहानी सिर्फ रिकॉर्ड और ट्रॉफियों तक सीमित नहीं है। CR7 का सफर ऐसे किस्सों से भरा है, जो उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाता है।
शायद कम लोग ही जानते हैं कि उनका नाम अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन (Ronald Reagan) से प्रेरित होकर रखा गया था और 15 साल की उम्र में एक गंभीर हार्ट समस्या ने उनके करियर पर सवाल खड़े कर दिए थे।
तेज धड़कनों की बीमारी (Tachycardia) के कारण रोनाल्डो को 15 साल की उम्र में हार्ट सर्जरी से गुजरना पड़ा, लेकिन उन्होंने कुछ दिनों बाद ही वापसी कर दी। इसके बाद जो हुआ, वह इतिहास है।
मैनचेस्टर यूनाइटेड (Manchester United) से लेकर रियाल मैड्रिड (Real Madrid) और पुर्तगाल (Portugal) तक रोनाल्डो ने अपनी मेहनत, फिटनेस और जुनून से फुटबॉल की दुनिया में ऐसी पहचान बनाई कि वह सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं बल्कि एक ग्लोबल ब्रांड बन गए।
टैटू न बनवाने से लेकर दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलो की जाने वाली हस्तियों में शामिल होने तक क्रिस्टियानो रोनाल्डो की जिंदगी में कई ऐसे तथ्य हैं जो उनके प्रशंसकों को हैरान कर देते हैं। आइए जानते हैं CR7 से जुड़े ऐसे ही 10 किस्से।
रोनाल्ड रीगन के नाम पर रखा गया नाम
क्रिस्टियानो रोनाल्डो का पूरा नाम क्रिस्टियानो रोनाल्डो डॉस सैंटोस एवेरो है। उनके नाम के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है। रोनाल्डो के पिता जोस डिनिस एवेरो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के बहुत बड़े प्रशंसक थे। इसी वजह से उन्होंने बेटे का नाम रोनाल्डो रखा।
15 साल की उम्र में हार्ट सर्जरी
सिर्फ 15 साल की उम्र में, रोनाल्डो को टैकीकार्डिया (दिल की धड़कन बहुत तेज होना) की समस्या का पता चला। इस बीमारी के इलाज के लिए उनकी सर्जरी हुई। रोनाल्डो की मां मारिया डोलोरेस एवेइरो ने भी बताया था कि ऑपरेशन के बाद वह जल्दी ठीक हो गए थे। हैरानी की बात यह थी कि कुछ ही दिनों बाद वह दोबारा ट्रेनिंग पर लौट आए।
शरीर पर कोई टैटू नहीं
कई फुटबॉल स्टार्स के विपरीत, रोनाल्डो के शरीर पर कोई टैटू नहीं है। इसके पीछे एक खास वजह बताई जाती है। रोनाल्डो नियमित तौर पर रक्तदान करते हैं। टैटू बनवाने के बाद कुछ समय तक रक्तदान नहीं किया जा सकता। वह बोन मैरो डोनेशन को लेकर भी जागरूकता फैलाते रहे हैं।
जबरदस्त फिटनेस
रोनाल्डो की फिटनेस को लेकर हमेशा चर्चा होती रही है। उनकी मेहनत, डाइट और ट्रेनिंग रूटीन ने उन्हें उम्र बढ़ने के बाद भी दुनिया के सबसे फिट खिलाड़ियों में बनाए रखा। रोनाल्डो का बॉडी फैट लगभग 7% रहता है। रोनाल्डो हेडर के दौरान हवा में लगभग 3 मीटर तक उछल सकते हैं।
गोल्डन बूट बेचकर दान कर दिये करोड़ों रुपये
रोनाल्डो ने अपने एक यूरोपियन गोल्डन बूट की नीलामी 1.5 मिलियन यूरो (करीब 16.13 करोड़ रुपये) में की और इस राशि को बच्चों की शिक्षा से जुड़े कामों के लिए दान किया। यह उनके मानवीय पक्ष को दिखाता है।
इंस्टाग्राम किंग
क्रिस्टियानो रोनाल्डो इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा फॉलो किये जाने वाले शख्सियत हैं। रोनाल्डो के इंस्टाग्राम पर 668 मिलियन फॉलोअर्स हैं। क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पोस्ट करोड़ों लोगों तक पहुंचती हैं और उनकी लोकप्रियता खेल की सीमाओं से बाहर निकल चुकी है।
इंटरनेशनल गोल रिकॉर्ड
अली दई के 109 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर रोनाल्डो पुरुषों के इंटरनेशनल फुटबॉल में अब तक के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। रोनाल्डो के 225 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 143 गोल हैं।
रोनाल्डो के नाम पर एयरपोर्ट
रोनाल्डो का जन्म पुर्तगाल के मदीरा में हुआ था। अपने इस शहर के लिए उनके योगदान और पहचान को देखते हुए 2017 में मदीरा एयरपोर्ट का नाम बदलकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो इंटरनेशनल एयरपोर्ट कर दिया गया। यह सम्मान बताता है कि रोनाल्डो अपने देश और शहर के लिए कितने खास हैं।
यूनिवर्सिटी में रोनाल्डो पर कोर्स
कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया ओकानागन ने साल 2015 में रोनाल्डो की लोकप्रियता, प्रभाव और ग्लोबल कल्चर पर उनके असर का अध्ययन करने के लिए एक समाजशास्त्र का कोर्स शुरू किया है। यह दिखाता है कि रोनाल्डो खेल से आगे एक सांस्कृतिक प्रभाव भी बन चुके हैं।
CR28 से CR7 बनने की कहानी
रोनाल्डो जब मैनचेस्टर यूनाइटेड पहुंचे तो उन्होंने 28 नंबर की जर्सी मांगी थी। उन्हें लगा कि यह नंबर उनके लिए सही रहेगा। हालांकि, एलेक्स फर्ग्यूसन ने उन्हें नंबर 7 की मशहूर जर्सी दी, जिसे पहले डेविड बेकहम जैसे बड़े खिलाड़ी पहन चुके थे। रोनाल्डो ने इस चुनौती को स्वीकार किया। यही नंबर आगे चलकर उनकी पहचान बन गया। आज CR7 सिर्फ एक जर्सी नंबर नहीं बल्कि एक ब्रांड है।
फीफा वर्ल्ड कप: रोनाल्डो ने रचा इतिहास, उज्बेकिस्तान के खिलाफ गोल करके मेसी से निकले आगे
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ मैच के छठे मिनट में गोल किया। वह बेंच की ओर दौड़े और अपने टीम के साथियों के साथ जश्न मनाया। उनका यह गोल तब आया जब टीम के पहले मैच में कांगो के खिलाफ पुर्तगाल के 1-1 से ड्रॉ मैच में गोल न कर पाने के लिए उनकी आलोचना हुई थी। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)
