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World cup 2019: टेलर ने खोला राज- सेमीफाइनल में बुमराह ने उड़ा रखी थी नींद, तड़के 3 बजे जग गया था

World cup 2019: दुनिया के सबसे अच्छे डेथ गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के खिलाफ कुछ तेज रन बटोरने की चिंता ने टेलर की नींद उड़ा दी और वे रात को 3 बजे जाग गए।

Author नई दिल्ली | July 12, 2019 1:40 PM
World cup 2019: सेमीफाइनल में बुमराह और भुवी ने उड़ा रखी थी टेलर की नींद। (twitter)

World cup 2019: विश्वकप 2019 के सेमीफाइनल मुकाबले में बेहतरीन बल्लेबाजी कर न्यूज़ीलैंड को 50 ओवर में 239 रनों के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने वाले दिग्गज बल्लेबाज रॉस टेलर ने एक बड़ा खुलासा किया है। मंगलवार को ओल्ड टैफर्ड मैदान में बारिश के कारण भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच खेला गया सेमीफाइनल पूरा नहीं हो सका। मैच में जब बारिश आई तब न्यूजीलैंड का स्कोर 46।1 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 211 था। बारिश काफी देर तक जारी रही। जिसके चलते आधा मैच अगले दिन खेला गया। मैच जब रुका तब रॉस टेलर 67 रन और टॉम लाथम तीन रन बनाकर नाबाद थे।

दुनिया के सबसे अच्छे डेथ गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के खिलाफ कुछ तेज रन बटोरने की चिंता ने टेलर की नींद उड़ा दी और वे रात को 3 बजे जाग गए। टेलर ने कहा “मैं रात में तीन बजे उठ गया और मुझे समझ नहीं आया कि कैसे बल्लेबाजी करूंगा। सामने बुमराह थे, जो दुनिया के सबसे अच्छे डेथ बॉलर हैं और भुवनेश्वर कुमार बहुत ही चालक गेंदबाजी कर रहे थे। यही कारण है कि मैं दो सोच में था और चिंता के चलते जल्दी जाग गया।” 35 वर्षीय बल्लेबाज को इस बात ने थोड़ा और तनावपूर्ण बना दिया था कि कप्तान केन विलियमसन ने ब्लैक कैप को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उन्हें दी थी। उन्होंने कहा, ‘मुझे टेस्ट मैच की तरह महसूस हो रहा था, मैं रात भर थोड़ा बेचैन रहा। लेकिन मैने और केन ने 240 रन की बात की थी। हमें लगा कि वह अच्छा स्कोर है। कई लोगों ने हम पर भरोसा नहीं किया लेकिन विकेट बहुत ही धीमा था।’’

टेलर ने बताया ““केन ने मुझे क्रीज़ पर अंत तक खड़े रहने के लिए कहा और टीम को एक अच्छे टोटल तक पहुंचाने को कहा।” बता दें इस मैच में न्यूजीलैंड ने 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 239 रन बनाए थे। 240 रनों का पीछा करना ओल्ड ट्रेफर्ड की पिच पर आसान नहीं था क्योंकि बारिश और मौसम ने यहां की स्थितियां तेज गेंदबाजों के मुफीद बना दी थीं। भारत ने 92 रनों पर ही अपने छह विकेट खो दिए थे। यहां से रवींद्र जडेजा (77) और महेंद्र सिंह धोनी (50) ने सातवें विकेट के लिए 116 रनों की साझेदारी कर भारत को जीत के करीब पहुंचाया। यह विश्व कप में सातवें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी थी। ऐसा लग रहा था कि जडेजा और धोनी की जोड़ी भारत को फाइनल में पहुंचा देगी तभी ट्रेंट बाउल्ट ने मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने 208 के कुल स्कोर पर जडेजा को कप्तान केन विलियम्सन के हाथों कैच कराया। इसके बाद एक के बाद एक विकेट गिरते गए और भारत मात्र 221 रन पर ढेर हो गया।

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