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टीम इंडिया में नए खिलाड़‍ियों को कैसे ‘डराते’ हैं, विराट कोहली ने बताया अपना अनुभव

भारतीय ​टीम के कप्तान विराट कोहली ने अपने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत सन् 2008 में की थी। जबकि उन्होंने टी-20 करियर की शुरुआत सन 2010 में की। कोहली इस वक्त आईपीएल-2018 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान हैं।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान विराट ​कोहली एक मैच के दौरान शॉट लगाते हुए। फाइल फोटो- पीटीआई

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने सोमवार (7 मई) को खुद को रोमांचित करने वाले उन पलों को याद किया जब उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम ने शामिल किए जाने का संदेश मिला था। विराट उस वक्त अपनी मां के साथ टीवी देख रहे थे। कोहली को खुद उस खबर पर भरोसा नहीं हुआ था। कोहली इस वक्त आईपीएल—2018 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान हैं।

जब पहली बार मिली सेलेक्शन की खबर : भारतीय ​टीम के कप्तान विराट कोहली ने अपने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत सन् 2008 में की थी। जबकि उन्होंने टी—20 करियर की शुरुआत सन 2010 में की। विराट ने अपने इंटरव्यू में कहा,’ मुझे अच्छी तरह याद है कि मैं अपनी मां के साथ बैठकर टीवी देख रहा था। मैं उस वक्त बीसीसीआई की सेलेक्शन मीटिंग की खबर को देख रहा था। अचानक टीवी पर मेरा नाम दिखने लगा। लेकिन मैंने सोचा कि ये सिर्फ एक अफवाह है। करीब पांच मिनट बाद ही ​मुझे बोर्ड से फोन आ गया। मेरे रोएं खड़े हो चुके थे। मैं कांप रहा था।’

ऐसे डराए जाते हैं नए खिलाड़ी : कोहली ने इसके अलावा इंटरव्यू में ड्रेसिंग रूम में नए खिलाड़ियों का सीक्रेट भी बताया। विराट ने कहा,’मुझे अच्छी तरह याद है कि मैं टीम मीटिंग में शामिल होने के लिए जा रहा था। मुझे टीम रूम में एक भाषण देने के लिए कहा गया। ये मेरे लिए दिल बैठाने वाली बात थी क्योंकि मैं भारतीय क्रिकेट के इतने महान खिलाड़ियों के सामने कुछ बोलने के लिए खड़ा हो रहा था। वे मेरी तरफ देख रहे थे। ये नए लड़कों को धमकाने का हमारा तरीका होता है। ये मेरी सबसे पहली यादों में शामिल है।’

हर वक्त होती है फिटनेस की कोशिश: बता दें कि कोहली ने हमेशा ही अपनी फिटनेस के कारण मैच जीते हैं और वह निर्विवाद रूप से क्रिकेट के सबसे फिट खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। कोहली कहते हैं,’मैं इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकता कि मैं कोई फिजिकल एक्टिविटी नहीं कर रहा हूं, अगर मैं किसी वक्त क्रिकेट न खेल रहा हूं। मैं अगर प्रोफेशनल क्रिकेट नहीं खेल रहा हूं तो मैं जरूर ही कोई फिजिकल एक्टिविटी कर रहा होता हूं।’

अच्छा सोचने के लिए जरूरी है फिटनेस : उन्होंने एक खिलाड़ी की जिन्दगी में फिटनेस के महत्व पर भी बात की। कोहली ने अपने इंटरव्यू में कहा,’ये प्रोफेशनल खेलों में आगे तक खेलने के लिए जरूरी है। मैं महसूस करता हूं कि जब मैं फिट होता हूं तो मैं अच्छा सोचता हूं। मेरे विचारों में स्पष्टता, एकाग्रता और दृढ़ता होती है। मुझे महसूस होता है कि मेरे अंदर क्रान्ति हो रही है, अब मैं सब कुछ बदल सकता हूंं। फिट होना मुझे आत्मविश्वास से भर देता है। मुझे खुद के लिए अच्छा महसूस होने लगता है। अच्छे विचारों के लिए आपका स्वस्थ होना बेहद जरूरी है।’

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