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वर्ल्ड कप से पहले विराट कोहली ने की माही की जमकर तारीफ, कहा- लोग बेवजह धोनी की बुराई करते हैं

World Cup, Virat Kohli and MS Dhoni: आईपीएल में कोहली की कप्तानी में आरसीबी की टीम बेशक अच्छा नहीं कर पारी हो, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वर्ल्ड कप में वह टीम को आगे लेकर जा सकते हैं।

महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली।

Virat Kohli defended his former captain: भारतीय कप्तान विराट कोहली वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई भारतीय टीम से खुश हैं। ‘इंडिया टुडे’ को दिए इंटरव्यू में वर्ल्ड कप टीम को लेकर विराट ने अपनी खुशी जाहिर की। आईपीएल में कोहली की कप्तानी में आरसीबी की टीम बेशक अच्छा नहीं कर पारी हो, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वर्ल्ड कप में वह टीम को आगे लेकर जा सकते हैं। विराट कोहली के मुताबिक उन्हें एक ऐसी टीम की तलाश थी, जिसमें उनके पास बल्लेबाजी और गेंदबाजी के लिए अधिक विकल्प मौजूद हो और उनकी टीम यह टीम पूरी तरह से संतुलित है। वहीं कोहली ने धोनी को इस वर्ल्ड कप के दौरान टीम के साथ होना अपना सौभाग्य माना। कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने पहले कप्तान का बचाव करते हुए कहा, ‘यह देखना दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई लोग धोनी की आलोचना कर रहे हैं। मेरे लिए ईमानदारी सबसे ज्यादा मायने रखती है।’ कोहली ने कहा, ‘जब मैं टीम में आया था उनके पास कुछ मैचों के बाद दूसरे खिलाड़ियों को आजमाने का विकल्प था। हालांकि मैंने अपने मौके को भुनाया लेकिन मेरे लिए इस तरह का समर्थन मिलना काफी जरूरी था। उन्होंने मुझे तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने का भी मौका दिया जबकि ज्यादातर युवाओें को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी का मौका नहीं मिलता है।’

कोहली ने आगे कहा, ‘ हम एक दूसरे पर भरोसा और सम्मान करते हैं। वह ऐसे खिलाड़ी है जो खेल को अच्छे से समझते हैं। वह पहली गेंद से 300वीं गेंद (50 ओवर) तक मैदान पर मैच को समझते हैं। मैं यह नहीं कहूंगा कि उनका होना फायदे की बात है लेकिन मैं भाग्यशाली हूं कि उनके ऐसा दिमाग विकेट के पीछे खड़ा रहता है।’ विकेट के पीछे धोनी की मौजूदगी से कोहली सीमारेखा के पास क्षेत्ररक्षण कर सकते हैं क्योंकि वह बेहतरीन क्षेत्ररक्षण के साथ शानदार थ्रो भी करते हैं।

कोहली ने कहा, ‘मैच की रणनीति के लिए मैं धोनी और रोहित शर्मा के साथ टीम प्रबंध से चर्चा करता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘डेथ ओवरों में मुझे पता है कि मुझे टीम के लिए सीमारेखा के पास रहना होगा क्योंकि यही मेरा स्वभाव है कि मैं टीम के लिए कुछ करना चाहता हूं , बजाय इसके की वहां सिर्फ मौजूद रहूं। 30-35 ओवर के बाद उन्हें पता होता है कि मैं सीमा रेखा के पास रहूंगा तो वह खुद ही कमान संभाल लेते हैं।’ (भाषा इनपुट के साथ)

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