ताज़ा खबर
 

जानिए आखिर क्यों टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली हुए डिस्टर्ब…

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली का मानना है कि पूरी तरह से फिट रहने पर ही वह मैदान और मैदान के बाहर मिलने वाली चुनौतियों का सामना कर पाते हैं।

Author गुरुग्राम | May 16, 2018 17:44 pm
(Photo: BCCI)

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली का मानना है कि पूरी तरह से फिट रहने पर ही वह मैदान और मैदान के बाहर मिलने वाली चुनौतियों का सामना कर पाते हैं। कोहली ने इसके साथ ही भारत की एक-तिहाई जनसंख्या द्वारा पिछले एक साल में एक बार भी शारीरिक संबंधी गतिविधियों में हिस्सा न लेने पर हैरानी जताई है। प्यूमा इंडिया द्वारा किए गए एक शोध में यह स्पष्ट हुआ है कि देश की एक-तिहाई जनसंख्या ने पिछले एक साल में एक भी बार शारीरिक संबंधी गतिविधियों में हिस्सा नहीं लिया। कोहली प्यूमा के ब्रैंड एम्बेसेडर हैं।
प्यूमा इंडिया की ओर से किए गए इस अध्ययन का उद्देश्य देश में शारीरिक गतिविधि और खेल के प्रति रुचि को समझना था। शोध ने अनुसार, गुडगांव में स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां 54 प्रतिशत लोगों ने पिछले एक साल में एक बार भी शारीरिक गतिविधि नहीं की।

शारीरिक गतिविधि में इनडोर-आउटडोर की जाने वाली गतिविधियों- जैसे दौड़ना, चलना और खेलना आदि शामिल हैं। इसमें 57 प्रतिशत लोगों ने पिछले एक साल में कोई भी खेल नहीं खेला। गुडगांव में हुए सर्वेक्षण में शामिल 72 प्रतिशत लोगों ने पिछले एक साल में कोई भी खेल नहीं खेला। किसी भी प्रकार की गतिविधि में हिस्सा नहीं लेने वाले 58 प्रतिशत लोगों ने इसका मुख्य कारण समय की कमी को बताया।

इन परिणामों पर बयान में कोहली ने कहा, “यह चैंकाने वाली बात है कि देश की एक-तिहाई जनसंख्या ने पिछले एक साल में कोई भी शारीरिक गतिविधि नहीं की। जब आप शारीरिक रूप से चुस्त होते हैं, तो आप चुनौतियों का सामना करने के लिए ज्यादा ऊजार्वान होते हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से इसका अनुभव लिया है और इसलिए मैं एक चुस्त जीवनशैली में भरोसा करता हूं।”

विराट ने कहा कि वह छुट्टियों में भी जिम जाना नहीं छोड़ते। दो घंटे तक वह जिम में पसीना बहाते हैं। उन्होंने कहा, “मैं चाहे सीरीज खेलता रहूं या ब्रेक पर रहं। मैं अपना अनुशासन बिगड़ने नहीं देता। मेरे फिटनेस का सीधा प्रभाव मेरे खेल पर पड़ता है। इसीलिए, मैं कड़ा प्रशिक्षण करता हूं और अपनी डाइट का सख्ती से पालन करता हूं।”

शोध के अनुसार, 89 प्रतिशत प्रतिभागियों के पिछले एक माह में कम से कम एक बार खेल खेलने के आंकड़ों के साथ गोवा सूची में सर्वोच्च स्थान पर रहा। इसके बाद हैदराबाद और मुंबई शामिल हैं। गुरुग्राम, रायपुर और पटना इस सूची में काफी नीचे हैं, जहां इन शहरों के 18 प्रतिशत, 15 प्रतिशत और 12 प्रतिशत लोग पिछले एक माह में कम से कम एक बार खेले।

इस मौके पर प्यूमा इंडिया के प्रबंधन निदेशक अभिषेक गांगुली ने कहा, “अध्ययन में भारत में शारीरिक गतिविधि के बारे में चैंकाने वाली बातें सामने आई हैं। यह आवश्यक है कि इस स्थिति के समाधान के लिए सही कदम उठाए जाएं। खेल खेलना एक सहज और प्रभावशाली समाधान है, जिसे दैनिक जीवन में क्रियान्वित किया जा सकता है।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App