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जब 16 साल पहले आज ही के दिन भारत ने तोड़ा था कंगारुओं का गुरूर, आॅस्ट्रेलियाई वर्चस्व का हुआ था अंत

यह एक ऐसी जीत थी जिसने विश्व क्रिकेट में सालों से चले आ रहे आॅस्ट्रेलियाई वर्चस्व को चुनौती दी और चेन्नई में सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में जीत हासिल कर भारत ने आॅस्ट्रेलियाई वर्चस्व का समापन किया।

Author नई दिल्ली | March 14, 2017 1:13 PM
भारत ने 15 मार्च 2001 को कोलकाला के इडेन गार्डेंस में खेले गए टेस्ट मैच में फॉलोआॅन खेलते हुए आॅस्ट्रेलिया को मात दी थी।(File Photo)

आज से ठीक 16 साल पहले कोलकाता का ऐतिहासिक ईडेन गार्डेंस मैदान टेस्ट क्रिकेट के एक अनोखे मुकाबले का गवाह बना था। 15 मार्च 2001 को खेले गए इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच ने भारतीय क्रिकेट में एक नए अध्याय का सूत्रपात किया था। यह गुरुवार का दिन था, क्रिकेट के जुनूनी देश भारत में और उसमें भी जब मैच कोलकाता के ईडेन गार्डेंस में खेला जाए तो दर्शकों के उत्साह का अंदाजा लगाया जा सकता है। पूरा स्टेडियम ढोल नगाड़ों की थापों से गुंजायमान था। इस टेस्ट मैच से दुनिया भर में क्रिकेट खेलने वालों को यह सीख मिली कि कभी भी लड़ने से पहले ही हार नहीं मानना चाहिए। सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया उनके ही शहर में खेल रही थी। सामने दुनिया की नंबर एक टीम थी आॅस्ट्रेलिया, जिसे उस दौर में हराना एक ‘हरक्यूलियन टॉस्क’ माना जाता था। भारत ने इस मैच में आॅस्ट्रेलिया को शर्तिया जीत से वंचित रखते हुए उसके लगातार 16 टेस्ट मैचों में अपराजेय रहने के सिलसिले पर विराम लगाया था। हम आपको उस ऐतिहासिक टेस्ट मैच पांचों दिनों का हाल बता रहे हैं…

टेस्ट मैच का पहला दिन: आॅस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव वॉ ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। माइकल स्लेटर और मैथ्यू हेडन की सलामी जोड़ी ने ओपनिंग विकेट के लिए 103 रनों की साझेदारी कर कंगारुओं को शानदार शुरुआत दिलायी। पहले सत्र में आॅस्ट्रेलिया का दबदबा रहा। लेकिन पहले दिन के खेल के दूसरे और तीसरे सत्र में भारतीय गेंदबाजों ने सराहनीय प्रदर्शन करते हुए आॅस्ट्रेलिया के आठ विकेट झटक लिए। मैथ्यू हेडन 3 रन से अपना शतक चूक गए। भारत की तरफ से हरभजन सिंह ने पहले दिन 5 विकेट चटकाए, जिसमें उनका हैट्रिक भी शामिल था। आॅस्ट्रेलिया ने पहले दिन की समाप्ति पर 8 विकेट गवांकर 291 रन बनाए।

टेस्ट मैच का दूसरा दिन: आॅस्ट्रेलिया की कोशिश अपने स्कोर में अधिक से अधिक रनों का इजाफा करने की थी। कप्तान स्टीव वॉ दूसरे दिन भारतीय गेंदबाजों की बखिया उधेड़ रहे थे और उन्हें दूसरे छोर से जेसन गिलेस्पी का अच्छा सहयोग मिल रहा था। इन दोनों ने नौवें विकेट के लिए 133 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी कर डाली। इस दौरान स्टीव वॉ ने अपना 25 टेस्ट शतक पूरा किया। आॅस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 445 रनों का स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारत की पहली पारी में बल्लेबाज धड़ा धड़ एक के बाद एक आउट होकर पवेलियन लौट गए और दूसरे दिन स्टंप के समय भारत ने 128 रन के स्कोर तक अपने आठ विकेट गवां दिए। वीवीएस लक्ष्मण क्रीज पर मौजूद थे।

टेस्ट मैच का तीसरा दिन: मैच का तीसरा दिन भारत के लिए वापसी का दिन साबित हुआ। वीवीएस लक्ष्मण ने 59 रनों की सर्वाधिक पारी खेली और भारत की पूरी टीम पहली पारी में 171 रनों पर सिमट गयी। आॅस्ट्रेलिया ने पहली पारी के आधार पर भारत पर 274 रनों की बढ़त हासिल करल ली और मेजबान को फॉलोआॅन खेलने के लिए मजबूर कर दिया। भारत ने अपनी दूसरी पारी शुरू की। पहले विकेट के लिए सलामी बल्लेबजों ने 52 रन जोड़े। पहला विकेट गिरने के बाद वीवीएस लक्ष्मण बल्लेबाजी के लिए मैदान में उतरे और ऐसा लग रहा था जैसे उन्होंने अपनी पहली पारी के स्कोर को ही आगे बढ़ाने की ठान रखी हो। जल्द ही शिव सुंदर दास और सचिन तेंदुलकर के रूप में भारत को दो झटके लगे। कप्तान गांगुली ने लक्ष्मण के साथ चौथे विकेट के लिए कुछ संघर्ष जरूर किया लेकिन वो भी अपनी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं तब्दील कर सके और 48 रन बनाकर आउट हो गए। अब मैदान में बल्लेबाजी के​ लिए वीवीएस लक्ष्मण के साथ राहुल द्रविड़ मौजूद थे। भारत ने तीसरे दिन की समाप्ति पर अपनी दूसरी पारी में चार विकेट गवांकर 252 रन बनाए। वीवीएस लक्ष्मण 109 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे और राहुल द्रविड़ दूसरे छोर पर उनके साथ नाबाद थे।

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टेस्ट मैच का चौथा दिन: यह कई रिकॉर्ड तोड़ने वाला दिन साबित हुआ। ऐसा लग रहा था जैसे वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ के अंदर कोई दैवीय शक्ति आ गई है। चौ​थे दिन आॅस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की लक्ष्मण और द्रविड़ ने जमकर खबर ली। पूरा दिन इन दोनों बल्लेबाजों के नाम रहा, जो टेस्ट क्रिकेट में इतिहास लिख रहे थे। दोनों छोर से बल्लेबाज लगातार रन बनाते रहे और आॅस्ट्रेलियाई खिलाड़ी अपना सिर खुजाते रहे। भारत ने चौथे दिन कोई विकेट नहीं गवांया और स्टंप के समय स्कोर था 589/4, भारत के पास अब 315 रनों की बढ़त थी और राहुल द्रविड़ के साथ वीवीएस लक्ष्मण अविजित थे।

टेस्ट मैच का पांचवां और निर्णायक दिन: वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ बल्लेबाजी के लिए ​क्रीज पर आए। वीवीएस ने जहां 281 रनों की पारी खेली वहीं, राहुल द्रविड़ ने शानदार 180 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 376 रनों की साझेदारी की। इन दोनों के आउट होने के बाद भारत ने अपनी दूसरी पारी 657/7 के स्कोर पर घोषित कर दी। भारत के पास 383 रनों की बढ़त थी। आॅस्ट्रेलिया को जीत के लिए 384 रन बनाने थे, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कभी नहीं हुआ था। आॅस्ट्रेलिया ने 45 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 166 रन बना लिए थे। दिन के खेल में 30 ओवर और बचे थे। सबको लग रहा था कि मैच ड्रॉ हो जाएगा। अब हरभजन सिंह के करिश्मे की बारी थी। उन्होंने स्टीव वॉ और रिकी पोटिंग को आउट कर आॅस्ट्रेलिया के पांच विकेट गिरा दिए। इसके बाद सचिन तेंदुलकर ने एडम गिलक्रिस्ट, शेन वॉर्न और मैथ्यू हेडन को पवेलियन भेज भारत को मैच में जीत की खुश्बू दिला दी। बाकी बचे दो विकेट हरभजन सिंह ने उखाड़ दिए और आॅस्ट्रेलिया की पूरी टीम दूसरी पारी में 212 रन बनाकर पवेलियन लौट गयी। भारत ने 171 रनों से मैच जीत लिया। यह एक ऐसी जीत थी जिसने विश्व क्रिकेट में सालों से चले आ रहे आॅस्ट्रेलियाई वर्चस्व को चुनौती दी और चेन्नई में सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में जीत हासिल कर भारत ने आॅस्ट्रेलियाई वर्चस्व का समापन किया।

देखें उस ऐतिहासिक टेस्ट मैच की हाइलाइट्स

वीडियो: बेंगलुरू टेस्ट में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 75 रनों से हराया; सीरीज 1-1 से बराबर

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