ताज़ा खबर
 

गांगुली समझाते रहे, बेखौफ होकर इंग्लैंड के गेंदबाजों की धुनाई करते गए वीरेंद्र सहवाग

साल 2002 में लॉर्ड्स के मैदान पर नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल मुकाबले की यादों को ताजा करते हुए गांगुली ने एक किस्सा शेयर किया। गांगुली ने बताया कि इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 300 से अधिक का स्कोर खड़ा कर लिया था और उस समय इस स्कोर का पीछा करना कतई आसान नहीं था।

वीरेंद्र सहवाग और सौरव गांगुली।

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और बल्लेबाज सौरव गांगुली हाल ही में गौरव कपूर के चैट शो ‘ब्रेकफास्ट विद चैंपियन’ में नजर आए। इस शो में दादा ने क्रिकेट करियर और पर्सनल लाइफ को लेकर कुछ बातें शेयर की। गांगुली के पसंदीदा बल्लेबाजों में वीरेंद्र सहवाग का नाम टॉप पर रहा है। साल 2002 में लॉर्ड्स के मैदान पर नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल मुकाबले की यादों को ताजा करते हुए गांगुली ने एक किस्सा शेयर किया। गांगुली ने बताया कि इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 300 से अधिक का स्कोर खड़ा कर लिया था और उस समय इस स्कोर का पीछा करना कतई आसान नहीं था। गांगुली और सहवाग ने पारी की शुरुआत की, पहले दस ओवर में भारत का स्कोर 100 के करीब पहुंच गया था। शुरुआती 7-8 ओवर में टीम ने 70 से 80 रन बना लिए थे। ऐसे में कप्तान सौरव गांगुली इस मौके को अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहते थे और उन्होंने सहवाग को संभलकर खेलने को कहा। सहवाग के पास पहुंचकर गांगुली ने कहा हम मैच में आगे हैं, बस तुम कोई गलती मत कर देना। सहवाग ने बिंदास अंदाज में गांगुली को टेंशन फ्री रहने के लिए कहा।

virender sehwag वीरेंद्र सहवाग और सौरव गांगुली। (Express photo)

पारी का 13वां ओवर लेकर इंग्लैंड के गेंदबाज रोनी ईरानी आए, उस समय इंडियन टीम का स्कोर और काफी अच्छा था। भारतीय टीम लगभग 8 रन हर ओवर में बना रही थी। ऐसे में भारतीय टीम मजबूत दिखाई पड़ रही थी। ईरानी के ओवर की पहली गेंद पर सहवाग ने चौका लगाया। इसके बाद गांगुली उनके पास जाकर कहा-इस ओवर में एक चौका आ गया है अब आराम से खेलो हमें विकेट नहीं देना। सहवाग ने ठीक में जवाब दिया। दूसरी गेंद पर फिर से सहवाग ने चौका लगाया, गांगुली फिर उन्हें समझाने पहुंचे।

तीसरी गेंद पर सहवाग ने विकेट के पीछे चौका लगाया, इस शॉट में काफी रिस्क था। अगर यह शॉट खेलने में सहवाग नाकाम होते तो उन्हें पवेलियन लौटना पड़ता। हालांकि, सहवाग ने हार नहीं मानी और अगली गेंद पर एक और चौका जड़ दिया। अंत में गांगुली भी समझ गए कि सहवाग को समझाने से कोई फायदा नहीं उन्हें अपनी मर्जी से ही खेलने दिया जाए। बता दें कि भारत ने इस मैच को 2 विकेट से अपने नाम करने में कामयाबी हासिल की थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App