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सचिन तेंदुलकर ने बताया, विराट कोहली के साथ मिलकर शैंपेन की बोतल खोलूंगा अगर…

विराट कोहली फिलहाल भारतीय कप्तान हैं और 2008 में जब पहली बार वह ड्रेसिंग रूम में दाखिल हुए थे। तब सबसे पहले उनका सामना सचिन तेंदुलकर से ही हुआ था।

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर। (Photo Source: Express Archive)

सचिन को क्रिकेट का भगवान भी कहा जाता है। क्रिकेट के इस भगवान का एक ऐसा रिकॉर्ड भी है, जिसे सचिन विराट कोहली के हाथों टूटता हुआ देखना चाहते हैं। ये खुलासा खुद सचिन ने मुंबई में सोमवार को एक किताब के लांच के मौके पर किया। बता दें कि सचिन बोरिया मजूमदार की किताब,’इलेवन गॉडस एंड ए बिलियन इंडियन्स’ की मुंबई लांच के मौके पर आए थे। सचिन के नाम पर वनडे इंटरनेशनल में 49 शतक लगाने का रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि,’अगर विराट वनडे में मेरी सेंचुरी के रिकॉर्ड को तोड़ देता है तो मैं उसे शैम्पेन की बोतल गिफ्ट करूंगा।’ अभी विराट कोहली ने अपने वनडे करियर में करीब 35 शतक लगाए हैं। सचिन के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए उन्हें 15 और शतक लगाने होंगे। सचिन के वनडे करियर में लगाए शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ना आज भी वनडे क्रिकेट खेलने वाले हर बल्लेबाज का सपना है।

दरअसल सचिन से पूछा गया था कि अगर विराट कोहली उनके सर्वाधिक वनडे शतक के रिकॉर्ड को तोड़ देते हैं तो क्या वह शैम्पेन की 50 बोतलें कोहली को भिजवाएंगे? इस सवाल पर सचिन ने जवाब दिया कि, ‘नहीं! अगर वह रिकॉर्ड तोड़ देता है तो मैं खुद शैम्पेन की बोतल लेकर उसके पास जाऊंगा और उसके साथ साझा करूंगा।’ सचिन के इस जवाब के साथ ही सारा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कोहली ने अक्सर कहा है कि उन्होंने सचिन तेंदुलकर को देखकर ही अपने करियर को आकार दिया है। कोहली फिलहाल भारतीय कप्तान हैं और 2008 में जब पहली बार वह ड्रेसिंग रूम में दाखिल हुए थे। तब सबसे पहले उनका सामना सचिन तेंदुलकर से ही हुआ था। सालों तक साथ खेलने के बाद उनके बीच करीबी रिश्ता और आपसी सम्मान विकसित होता चला गया।

बता दें कि इसी किताब के कोलकाता में लांच के दौरान विराट कोहली ने कहा था कि,’ वह अपने ​करियर पर सचिन तेंदुलकर के प्रभाव को समझते हैं। मेरे करियर में करीबी लोग बेहद कम हैं। ये सिर्फ एक जिन्दगी थी जो चलती ही चली गई। क्योंकि ये स्वाभाविक है कि जब कोई मेरे कठिन समय में मेरे साथ खड़ा होगा तो मैं शख्स को महत्व दूंगा और मैं ऐसा करता रहूंगा। उनका जो असर मेरी जिन्दगी में है वह बढ़ रहा है। मैं उसका महत्व समझता हूं। अगर कोई आपको उनकी तरह प्रभावित कर सकता है तो आप इससे बड़ी किसी भी खुशी को महसूस नहीं कर सकेंगे। इसलिए जब आप पितातुल्य तेंदुलकर का हाथ अपने सिर पर पाते हैं तो आप सिर्फ इशारों में ही धन्यवाद दे पाते हैं। क्योंकि आज मैं जो कुछ कर रहा हूं वह उन्हीं की प्रेरणा से कर पा रहा हूं। मेरे लिए यही स्वर्ग तक जाने की सीढ़ी है। पाना, जीतना ये चीजें मेरे लिए महत्व नहीं रखती हैं। अगर कोई मेरे साथ ईमानदार है तो ये महत्वपूर्ण है।’

बता दें कि जब कोहली अपने 2014 के इंग्लैण्ड टूर के दौरान कठिन वक्त से गुजर रहे थे। तब उन्होंने सचिन से मदद मांगी​ थी। इसके कुछ ही महीने बाद उन्होंने आॅस्ट्रेलिया में चार टेस्ट मैचों में चार शतक ठोंक दिए थे। उसके बाद कोहली ने कभी भी मुड़कर पीछे नहीं देखा।

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