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श्रीसंत आजीवन प्रतिबंध हटाने के लिए पहुंचे कोर्ट, केरल हाईकोर्ट ने बीसीसीआई को जारी किया नोटिस

केरल हाईकोर्ट ने एस श्रीसंत पर लगाया गया प्रतिबंध हटाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बीसीसीआई को नोटिस भेजा है।

केरल हाईकोर्ट ने एस श्रीसंत पर लगाया गया प्रतिबंध हटाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बीसीसीआई को नोटिस भेजा है।

केरल हाईकोर्ट ने एस श्रीसंत पर लगाया गया प्रतिबंध हटाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बीसीसीआई को नोटिस भेजा है। यह नोटिस शुक्रवार (3 मार्च) को भेजा गया है। श्रीसंत ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। बता दें कि इस तेज गेंदबाज का नाम साल 2013 में आईपीएल 6 के दौरान स्‍पॉट फिक्सिंग में आया था। सितंबर 2013 में बीसीसीआई की अनुशासन समिति ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। साल 2015 में दिल्‍ली की ट्रायल कोर्ट ने श्रीसंत पर लगे सभी आरोपों को रद्द कर दिया था। श्रीसंत के साथ ही अजीत चंदीला और अंकित चव्‍हाण समेत सभी 36 आरोपियों को बरी कर दिया गया था। लेकिन बीसीसीआई ने श्रीसंत पर लगे बैन को वापस नहीं लिया। इसके चलते केरल का यह खिलाड़ी वापस से क्रिकेट के मैदान पर वापसी नहीं कर पा रहा है।

बीसीसीआई प्रतिबंध के अपने फैसल पर अडिग है। उसने स्‍कॉटलैंड में खेलने के लिए श्रीसंत को एनओसी देने से भी इनकार कर दिया था। इसके बाद श्रीसंत ने बोर्ड पर तीखा हमला बोला था। साथ ही कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अपनी याचिका में श्रीसंत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के फैसले के बाद उन्‍होंने बीसीसीआई से प्रतिबंध हटाने को कहा लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की। 16 फरवरी 2017 को इस संबंध में कानूनी नोटिस भी भेजा गया लेकिन इसकी भी अनदेखी कर दी गई। उन्‍हें स्‍कॉटलैंड के ग्‍लेनरॉथ क्‍लब की ओर से खेलने का आमंत्रण भी मिला लेकिन बिना बीसीसीआई की एनओसी के यह संभव नहीं। यह टूर्नामेंट अप्रैल के पहले सप्‍ताह में खेला जाएगा।

श्रीसंत ने भारत की ओर से 27 टेस्‍ट, 53 वनडे और 10 टी20 अंतरराष्‍ट्रीय मैच खेले हैं। उन्‍होंने टेस्‍ट में भारत की ओर से 87, वनडे में 75 और टी20 में 7 विकेट लिए हैं। टीम इंडिया की ओर से उन्‍होंने आखिरी मैच साल 2011 में खेला था। इसके बाद से वे टीम से बाहर है। पिछले साल वे राजनीति में भी शामिल हो गए थे। उन्‍होंने भाजपा के टिकट पर केरल विधानसभा का चुनाव लड़ा था हालांकि उन्‍हें हार का सामना करना पड़ा था।

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