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इस गेंदबाज ने मैच में बिना कोई वैध गेंद फेंके बनाया है ऐसा विश्व रिकॉर्ड, जिसे कोई नहीं चाहेगा तोड़ना

पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाज अब्दुर रहमान ने बांग्लादेश के खिलाफ वनडे मैच में बिना कोई वैध गेंद फेंके आठ रन दे दिए थे। तीन बार बीमर फेंकने के कारण अंपायर ने उन्हें मैच में गेंदबाजी करने से रोक दिया था।

Author नई दिल्ली | January 18, 2017 14:17 pm
पाकिस्तान के स्पिनर अब्दुर रहमान।(Photo: Twitter)

क्रिकेट में रिकॉर्ड टूटते और बनते रहते हैं। अक्सर जब कोई खिलाड़ी कोई रिकॉर्ड बनाता है तो उसे खुशी होती है। वहीं, कुछ रिकॉर्ड ऐसे भी होते हैं, जिनके बनने से खिलाड़ी खुश ना होकर दुखी हो जाता है। पाकिस्तान के एक स्पिन गेंदबाज ने भी तीन साल पहले एक ऐसा ही रिकॉर्ड बनाया था, जिसे वो कभी याद रखना नहीं चाहेंगे। यह ऐसा रिकॉर्ड है जिसे दुनिया का कोई दूसरा गेंदबाज तोड़ना भी नहीं चाहेगा। साल 2014 में बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच खेले गए एशिया कप मैच के दौरान पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाज अब्दुर रहमान ने बिना कोई वैध गेंद फेंके ही आठ रन दे दिए। यह रिकॉर्ड बीमर (कमर से ऊपर के फुलटॉस गेंद को बीमर कहते हैं) से बना था। आप सोच रहे होंगे स्पिनर और बीमर? हम आपको बता रहे हैं उस मैच की पूरी कहानी…

दरअसल, उस मैच में टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने 10 ओवरों में 39 रन बना लिए थे। बांग्लादेश की पारी के ग्यारहवें ओवर में पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाज अब्दुर रहमान गेंदबाजी के लिए आए। अपने ओवर की पहली गेंद रहमान ने बीमर फेंकी। अंपायर ने नो बॉल का इशारा किया, अब्दुर रहमान ने दूसरी गेंद भी बीमर ही फेंकी जिसे एक बार फिर अंपायर ने नो बॉल करार दिया। इस गेंद पर बल्लेबाज ने सिंगल ले लिया। अंपायर ने अब्दुर रहमान को चेतावनी देते हुए संभलकर बॉलिंग करने के लिए कहा। अब्दुर रहमान एक बार फिर गेंदबाजी करने के लिए तैयार थे और उन्होंने लगातार तीसरी गेंद भी बीमर ही फेंकी। इस गेंद पर बल्लेबाज ने चौका जड़ दिया। अंपायर ने इस गेंद को भी नो बॉल करार देते हुए रहमान को पूरे मैच में गेंदबाजी करने से रोक दिया। इस मैच में अब्दुर रहमान का गेंदबाजी विश्लेषण कुछ इस प्रकार था, 0-0-8-0।

बीमर को लेकर आईसीसी ने नियम बनाया है। यदि गेंदबाज की गेंद पिच पर बिना गिरे फुल टॉस के रूप में बल्लेबाज के कमर की उंचाई से उपर होती है तो इसे बीमर करार दिया जाता है। फील्ड अंपायर किसी गेंदबाज को दो बार ऐसी गेंद के लिए माफी दे सकता है। हां, बीमर गेंद जानबूझकर ना फेंकी गई हो तब। कई बार ऐसा होता है कि गेंद बॉलर के हाथ से फिसल जाती है और गेंद से उसका नियंत्रण खत्म हो जाता है। ऐसे में अंपायर गेंदबाज को चेतावनी देकर छोड़ देता है। यदि मैच में एक ही गेंदबाज दो से अधिक बार बीमर डालता है तो अंपायर उसे गेदबाजी करने से रोक देता है और वो गेंदबाज पूरे मैच में दोबारा गेंदबाजी नहीं कर सकता है।

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