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‘अब क्रिकेट तकनीक पर नहीं, परिणाम पर केंद्रित’

किरमानी कहते हैं कि वक्त के साथ काफी धारणाएं बदल जाती हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, उसकी सराहना की जानी चाहिए। चाहे वह कैसे भी खेले। यही एक ऐसी सोच है जो वक्त के साथ बदली है।

Author Published on: June 13, 2019 1:40 AM
सैयद किरमानी का कहना है कि आज के क्रिकेट में तकनीक हाशिये पर जा रही है।

मनोज जोशी

1983 का विश्व कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज सैयद किरमानी का कहना है कि आज के क्रिकेट में तकनीक हाशिये पर जा रही है जबकि पूरा ध्यान परिणाम पर केंद्रित होने लगा है। उनका कहना है कि यह बात उन्हें कई बार बहुत कचोटती है। ऐसा विकेटकीपिंग के साथ ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजी के साथ भी देखने को मिल रहा है। किरमानी का कहना है कि इस सबके लिए जिम्मेदार आज का प्रशिक्षण है। प्रशिक्षक सिर्फ परिणाम पर केंद्रित रहते हैं। हमारे समय में अच्छी तकनीक से खेलने वाले को क्रिकेट प्रेमी खूब सराहते थे।

तकनीक का कुछ मतलब होता था लेकिन आज के कोचों के लिए ये सब बेकार की चीजें हैं। धोनी के बारे में उनका कहना है कि वे बहुत अनुभवी हैं और अच्छी बात यह है कि वे परिणाम दे रहे हैं। इसी का आज महत्त्व है। उन्होंने वास्तव में विकेट के पीछे कुछ बेहतरीन कैच लपके हैं और बढ़िया स्टम्पिंग की है। वे आज के खिलाड़ियों के रोल मॉडल हैं। उन्होंने अच्छे परिणाम देने वाले खिलाड़ियों के लिए एक उदाहरण पेश किया है। इसके अलावा वे दिनेश कार्तिक को भी बढ़िया विकेटकीपर बल्लेबाज मानते हैं।

किरमानी कहते हैं कि यह हमारी खुशकिस्मती है कि हमारे पास दो विकेटकीपर टीम में हैं। वैसे इंग्लैंड के पास भी दो विकेटकीपर हैं। बटलर छोटे प्रारूप के अच्छे कीपर हैं जबकि बेयरस्टो टैस्ट क्रिकेट में बढ़िया कीपिंग करते हैं और जरूरत पड़ने पर वे छोटे प्रारूप में भी कीपिंग कर लेते हैं। दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डिकॉक ने भी मुझे काफी प्रभावित किया है। बाकी आॅस्ट्रेलिया के कैरी और पाकिस्तान के सरफराज के लिए मैं यही कहूंगा कि वे बल्लेबाज विकेटकीपर हैं और अपनी बल्लेबाजी से भी टीम को बड़ा योगदान देते हैं।

किरमानी कहते हैं कि वक्त के साथ काफी धारणाएं बदल जाती हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, उसकी सराहना की जानी चाहिए। चाहे वह कैसे भी खेले। यही एक ऐसी सोच है जो वक्त के साथ बदली है। किरमानी की निगाह में इस बार सेमीफाइनल में पहुंचने वाली चार टीमें – भारत, इंग्लैंड, आॅस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड हैं। उन्हें दक्षिण अफ्रीका के इस बार अच्छा प्रदर्शन न करने का अफसोस है। इसीलिए वे कहते हैं कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है लेकिन उन्होंने न्यूज़ीलैंड टीम की तारीफ की। उनका कहना है कि पिछले विश्व कप में यह टीम फाइनल में पहुंची थी और इस बार यह काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। हाल में धोनी के ग्लव्स पर बलिदान चिह्न लगाने के बारे में उनका कहना है कि यह बेवजह का मुद्दा बना दिया गया। धोनी वास्तव में आज भारतीय टीम के कमांडो हैं।

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