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आखिर क्यों टीम के हर खिलाड़ी से 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भरवाना चाहते थे धोनी, सालों बाद हुआ खुलासा

Paddy Upton, Indian players: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मेंटल कंडीशनल कोच पैडी अप्टन ने धोनी की कप्तानी के दौरान होने वाली कई बातों का जिक्र अपने किताब 'द बेयरफुट' में की है।

एम एस धोनी।

former India mental conditioning coach: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपनी कप्तानी में टीम को दो बार वर्ल्ड चैंपियन बना चुके हैं। धोनी की कप्तानी में भारत ने साल 2007 का टी-20 वर्ल्ड कप तो वहीं साल 2011 का 50 ओवर्स का वर्ल्ड कप जीतने में कामयाब रहा। धोनी की गिनती भारतीय टीम के सबसे सफलतम कप्तानों में की जाती है। 30 मई से इंग्लैंड में शुरू हो रहे वर्ल्ड कप में एक बार फिर फैंस की नजरें महेंद्र सिंह धोनी पर होगी। हालांकि, इस टूर्नामेंट में धोनी बतौर कप्तान हिस्सा नहीं लेंगे, लेकिन उनकी मौजूदगी ही टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मेंटल कंडीशनल कोच पैडी अप्टन ने धोनी की कप्तानी के दौरान होने वाली कई बातों का जिक्र अपनी किताब ‘द बेयरफुट’ में की है। कोलकाता में अपनी किताब के लॉन्च इवेंट में अप्टन ने बताया कि धोनी को प्रैक्टिस या मीटिंग में लेटे आने वाले खिलाड़ी बिल्कुल पसंद नहीं थे। वह चाहते थे कि सभी खिलाड़ी टाइम को लेकर सतर्क रहे और इसलिए उन्होंने एक अलग ही रास्ता निकाल रखा था।

पैडी अप्टन ने कहा, ‘जब मैं टीम में शामिल हुआ उस समय भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान अनिल कुंबले थे और वनडे टीम की कमान धोनी संभाल रहे थे। इस दौरान हमने खिलाड़ियों से सवाल किया कि ‘क्या अभ्यास और टीम की बैठकों के लिए समय पर होना महत्वपूर्ण है?’ सभी ने हां में जवाब दिया। इसके बाद समय पर नहीं आने वालों के सजा को लेकर बात की गई। खिलाड़ियों से काफी चर्चा करने के बाद हमने इसका फैसला कप्तान पर छोड़ दिया।’

अप्टन ने आगे कहा, ‘अनिल कुंबले ने इसके बाद देर से आने वाले खिलाड़ियों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाने की बात कही। जिसके बाद वनडे टीम के कप्तान धोनी भी कुंबले के अस आइडिया से सहमत नजर आए। धोनी के इस फैसले के बाद वनडे टीम का कोई भी खिलाड़ी किसी भी प्रैक्टिस सेशन या टीम मीटिंग में देर से नहीं पहुंचा।’ पैडी अप्टन ने अपनी किताब में टीम से जुड़ी और भी कई मजेदार किस्सों का जिक्र किया है।

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