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विश्व कप के बाद कई देशों ने बदले कोचिंग स्टाफ

इस विश्व कप में दस टीमों ने हिस्सा लिया था। इनमें भारत, आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, श्रीलंका, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, वेस्ट इंडीज, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। फाइनल मुकाबला इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया। इंग्लैंड ने दो सुपरओवर वाले मुकाबले में न्यूजीलैंड पर चौके-छक्कों के आधार पर जीत दर्ज की और पहला खिताब हासिल किया।

Author Published on: August 22, 2019 1:40 AM
पाकिस्तान के स्टाफ से मुख्य चयनकर्ता इंजमाम-उल-हक और मुख्य कोच मिकी आर्थर को पद से हटना पड़ा।

संदीप भूषण
किसी भी टीम के लिए क्रिकेट विश्व कप छात्रों के स्कूल और कॉलेजों में होने वाली सालाना परीक्षा की तरह होता है। माना की यह चार साल के अंतराल पर होता है लेकिन परिणाम उसी तरह महत्त्वपूर्ण और निर्णायक होते हैं। जून-जुलाई में इंग्लैंड में खेला गया 2019 क्रिकेट महाकुंभ अपने खिताबी मुकाबले और विजेता के फैसले के लिए इतिहास में दर्ज हो गया। लेकिन, इसके बाद क्रिकेट जगत में जो हो रहा है वह भी काबिलेगौर है। दस टीमों में से लगभग सात टीमों के मुख्य कोच या फिर प्रबंधन कर्मचारियों में बड़े फेरबदल की कवायद शुरू हो गई है। कुछ ने अपने मुख्य कोच को तत्काल प्रभाव से बाहर कर दिया है तो कुछ अदब के साथ विदाई की तैयारी में हैं।

इस विश्व कप में दस टीमों ने हिस्सा लिया था। इनमें भारत, आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, श्रीलंका, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, वेस्ट इंडीज, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। फाइनल मुकाबला इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया। इंग्लैंड ने दो सुपरओवर वाले मुकाबले में न्यूजीलैंड पर चौके-छक्कों के आधार पर जीत दर्ज की और पहला खिताब हासिल किया। जाहिर है इस जीत में मुख्य भूमिका उसके कोच की भी होगी। लेकिन, विश्व कप के तुरंत बाद ही इंग्लैंड के मुख्य कोच ट्रेवर बेलिस ने टीम से नाता तोड़ने की घोषणा कर दी। वे सेमी फाइनल के समय ही एक संवाददाता सम्मेलन में कह चुके थे कि टीम जीते या हारे, वे पद छोड़ देंगे। बेलिस का अनुबंध इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया के बीच चल रही एशेज सीरीज के बाद समाप्त हो जाएगा और वे अब इंडियन प्रीमियर लीग की टीम सनराइजर्स हैदराबाद की जिम्मेदारी संभालेंगे। चर्चा है कि उनकी जगह पाकिस्तान टीम के मुख्य कोच पद से हटाए गए मिकी आर्थर को मौका दिया जाएगा।

उपविजेता न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया को छोड़ दें तो यही हाल अन्य टीमों का है। एशियाई टीम इस मामले में सबसे आगे दिख रही हैं। भारत ने अपने मुख्य कोच रवि शास्त्री को एक और मौका दिया है लेकिन उनके सहायकों को दोबारा बहाल किया जाए इसे लेकर गुरुवार को फैसला होगा। पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने अपने मुख्य कोच को विश्व कप फाइनल से पहले ही विदाई की सूचना दे दी। श्रीलंकाई टीम के खराब प्रदर्शन ने भी खतरे की घंटी बजा दी थी।

अफगानिस्तान के मुख्य कोच फिल सिमंस और बोर्ड के झगड़े विश्व कप टूर्नामेंट से पहले ही बाहर आ गए थे। बोर्ड ने विश्व कप में टीम के खराब प्रदर्शन के लिए भी उन्हें ही जिम्मेदार बताया है। दक्षिण अफ्रीका ने तो मैनेजमेंट टीम में बदलाव के साथ एक नया ढांचा ही तैयार किया है जिसके तहत उसके कोचिंग स्टाफ और कप्तान चुने जाएंगे।

पाकिस्तान
कभी दुनिया की शानदार टीमों में शामिल पाकिस्तान के लिए यह विश्व कप काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा। इमरान खान के नेतृत्व वाली टीम के 1992 के प्रदर्शन को दोहराने का सपना लिए सरफराज के रणबांकुरे मैदान पर तो उतरे लेकिन कुछ खास नहीं कर पाए। इन सबके लिए बोर्ड ने चयनकर्ता और कोच को जिम्मेदार ठहराया। इसका परिणाम हुआ कि मुख्य चयनकर्ता इंजमाम-उल-हक और मुख्य कोच मिकी आर्थर को पद से हटना पड़ा। इसके साथ ही गेंदबाजी कोच, बल्लेबाजी कोच और ट्रेनर से भी नता तोड़ लिया गया।

इंग्लैंड
क्रिकेट का जन्मदाता इंग्लैंड 1975 में शुरू हुए विश्व कप में पहली खिताबी जीत दर्ज करने में सफल रहा लेकिन उसके मुख्य कोच ट्रेवर बेलिस अब उसके साथ नहीं रहेंगे। हालांकि इंग्लैंड के लिए उनका विकल्प तलाशना काफी कठिन होगा। 56 साल के इस पूर्व आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी के कोच रहते इंग्लैंड ने कुल 53 टैस्ट मैच खेले जिसमें से 23 में उसे जीत और इतने में ही हार का सामना करना पड़ा। बेलिस की उपलब्धि यहीं तक सीमित नहीं है। 2015 विश्व कप के बाद से उन्होंने इंग्लैंड की टीम में कई अहम बदलाव किए और उसे इस तरह तैयार किया कि वह 50 ओवर के प्रारूप में बादशाहत कायम कर सके।

श्रीलंका
श्रीलंका के लिए 2019 का विश्व कप काफी निराशाजनक रहा। बोर्ड में आंतरिक उथल-पुथल के कारण पहले ही कमजोर हो चुकी श्रीलंकाई टीम ने इस अभियान के लिए मुख्य कोच को जिम्मेदार बताया और चंदिका हाथरूसिंघा को पद से हटाने का फैसला किया। खेल मंत्री ने उनकी अगुआई वाले सभी कोचिंग स्टाफ को भी हटने को कहा है।

दक्षिण अफ्रीका
विश्व कप में निराशाजनक अभियान के बाद दक्षिण अफ्रीका ने भी अपने कोच और कोचिंग स्टाफ को बाहर कर दिया है। उसने खुद को मजबूत बनाने के लिए फुटबॉल टीम की नीति पर चलने का फैसला किया है जिसमें एक टीम मैनेजर होता है। उसकी जिम्मेदारी होती है कि वह कोचिंग स्टाफ और कप्तान नियुक्त करे।

अफगानिस्तान

इस विश्व कप में अफगानिस्तान किसी ‘गोल्डन बर्ड’ से कम नही था। उसने तीन-चार साल में अपने खेल से दुनिया भर की टीमों को अचंभित किया है। विश्व कप तक के सफर में उसके मुख्य कोच फिल सिमंस ने अहम भूमिका निभाई लेकिन टूर्नामेंट से ठीक पहले बोर्ड के साथ उनके विवाद सामने आने लगे। हाल यह हुआ कि विश्व कप की हार का ठीकरा उनके सर फोड़ दिया गया।

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