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इंग्लैंड दौरा: धोनी को दिखाना होगा ‘विराट’ स्वरूप

फीफा विश्व कप का खुमार चरम पर है। पूरी दुनिया रोनाल्डो, मेस्सी और नेमार के गोल देखने के लिए बेताब है। इसी बीच एक और मुकाबला इंग्लैंड में 27 जून से शुरू होने जा रहा है जहां भारत तीन टी-20, तीन एक दिवसीय और पांच टैस्ट की श्रृंखला में चुनौती पेश करेगा।

Author June 28, 2018 5:30 AM
मैच के दौरान विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी। (Photo Courtesy : BCCI)

संदीप भूषण

फीफा विश्व कप का खुमार चरम पर है। पूरी दुनिया रोनाल्डो, मेस्सी और नेमार के गोल देखने के लिए बेताब है। इसी बीच एक और मुकाबला इंग्लैंड में 27 जून से शुरू होने जा रहा है जहां भारत तीन टी-20, तीन एक दिवसीय और पांच टैस्ट की श्रृंखला में चुनौती पेश करेगा। क्रिकेट के दीवानों से भरे इस देश के लिए यह दौरा किसी विश्व कप से कम नहीं है। कप्तान विराट कोहली ने पहले ही कमर कस ली है। अपने स्वभाव के मुताबिक उन्हें हार मंजूर ही नहीं है। इस दौरे पर एक ओर कोहली इंग्लैंड के 2014 के दौरे की कड़वी यादों को भुलाना चाहेंगे तो दूसरी तरफ पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से प्रशंसकों को 2019 विश्व कप तक टीम में बने रहने की तस्दीक करना चाहेंगे।

भाारतीय टीम ऐसे समय में इंग्लैंड पहुंची है जब रूस में फुटबॉल के दीवानों का जमघट लगा है। साथ ही देह कंपाने वाली सर्दी भी जा चुकी है। यह भारतीय टीम और उसके उम्दा बल्लेबाज विराट कोहली के लिए अच्छे संकेत हैं। सूखी पिच पर लगातार रनों की बरसात हो रही है। ऐसे में कोहली 2014 की कड़वी यादों को भुला कर एक नई शुरुआत करना चाहेंगे। उस दौरे पर चार मैचों की एक दिवसीय शृंखला में कोहली किसी भी मैच में 50 रन के आंकड़े को नहीं छू पाए थे। पूरी शृंखला में उन्होंने मात्र 77 गेंद का सामना किया था।

हालांकि पिछले साल जून में हुई चैंपियंस ट्रॉफी में कोहली ने अच्छा प्रदर्शन किया। पाकिस्तान के खिलाफ बर्मिंघम में 81 रन की पारी से शुरू हुआ सफर दो अन्य मैचों में 76 और 97 रन की पारी के साथ खत्म हुआ। चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान एक और सुखद बात रही कि कोहली ने इंग्लैंड की पिच पर काफी समय बिताया। पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने लगभग 23.2 ओवर तक बल्लेबाजी की और मैच समाप्त किया। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी उन्होंने 100 गेंद खेलकर 76 रन बनाए। बांग्लादेश के खिलाफ सेमी फाइनल मुकाबले में उन्होंने लगभग 15वें ओवर से मोर्चा संभाला और 97 रन की पारी खेल कर टीम को जीत दिलाई। विराट का यह प्रदर्शन मौजूदा दौरे में उनके लिए मनोबल बढ़ाने वाला होगा।

धोनी पर होंगी निगाहें

महेंद्र सिंह धोनी ने भारतीय क्रिकेट के लिए इतना कुछ हासिल किया है कि उन्हें कुछ साबित करने की जरूरत नहीं। फिर भी उनकी उम्र और आइपीएल से पहले के फॉर्म को लेकर आलोचकों ने खूब घेरा। चर्चा यह भी थी कि वे अगला विश्व कप खेलेंगे या नहीं? इंग्लैंड दौरा इस मायने से उनके लिए काफी महत्त्वपूर्ण है। यहां के प्रदर्शन से यह तय करना आसान हो जाएगा कि धोनी अभी चुके नहीं हैं। यहां एक रेकॉर्ड उनका इंतजार कर रहा है। एक दिवसीय क्रिकेट में 10 हजार रन से केवल 33 रन दूर है। अगर धोनी यह रन बना लेते हैं तो वे यह उपलब्धि पाने वाले 12वें खिलाड़ी बन जाएंगे। हालांकि धोनी अकेले ऐसे बल्लेबाज होंगे जो 50 से अधिक की औसत से यह रन बनाकर इस मुकाम तक पहुंचेंगे।

धोनी के सामने एक और चुनौती युवाओं से तालमेल बैठाना है। उनकी जगह टीम में शामिल होने के लिए की युवा कतार में हैं। दिनेश कार्तिक भी पिछले कुछ समय से जिस तरह की बल्लेबाजी कर रहे हैं, नजरअंदाज करना बेहद मुश्किल है। हालांकि अभी भी चयनकर्ताओं के सामने धोनी का कोई विकल्प नहीं है। धोनी भी इसे बखूबी जानते हैं इसलिए इंग्लैंड रवाना होने से पहले उन्होंने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में बल्लेबाजी का अलग से अभ्यास किया। वे नहीं चाहते कि उनसे कोई चूक हो और 2019 का विश्व कप उनसे दूर हो जाए।

सबसे तेज दो हजारी के करीब हैं कोहली

विराट रन दर रन नया रेकॉर्ड बनाते जा रहे हैं। इंग्लैंड दौरे पर कोहली अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट इतिहास में सबसे तेजी से 2000 रन बनाने के बेहद करीब हैं। उनके अभी 57 मैचों में 1983 रन हैं। उन्होंने ये रन 50.85 के औसत से बनाए हैं। अगर वे 17 रन और बना लेते हैं तो इंडियन क्रिकेट इतिहास के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे जिसने 2000 रन पूरे किए हैं।

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