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घुटनों के दर्द को दूर करने के लिए आयुर्वेद का सहारा ले रहे महेंद्र सिंह धोनी, वैद्य जी की कंस्लटेंसी फीस जानकर चौंक जाएंगे आप

धोनी रांची से करीब 70 किलोमीटर दूर लापुंग के घने जंगलों वाले इलाके में रहने वाले आयुर्वेदिक डॉक्टर वंदन सिंह खेरवार क्रिकेटर का उपचार कर रहे हैं।

महेंद्र सिंह धोनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 350 वनडे, 98 टी20 और 90 टेस्ट मैच खेले। (फाइल फोटो)

अक्सर क्रिकेटर जब चोटिल होते हैं तो वे इलाज के लिए विदेश जाते हैं, टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आयुर्वेद का सहारा ले रहे हैं। वे अपनी घुटनों की दर्द का इलाज एक वैद्य जी से करा रहे हैं। वैद्य जी उनसे सिर्फ 40 रुपये की फीस लेते हैं और दवा भी देते हैं। विस्फोटक बल्लेबाज महीनों से घुटने के दर्द से जूझ रहा है और इससे निजात पाने के लिए अलग-अलग विकल्प तलाश रहा है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार धोनी रांची से करीब 70 किलोमीटर दूर लापुंग के घने जंगलों वाले इलाके में रहने वाले आयुर्वेदिक डॉक्टर वंदन सिंह खेरवार क्रिकेटर का उपचार कर रहे हैं। क्रिकेटर ने अपने माता-पिता के इलाज के बेहतर परिणाम देखने के बाद, रांची के एक आश्रम में अपने घुटने का इलाज कराने का फैसला किया। डॉक्टर के मुताबिक महेंद्र सिंह धोनी ने उन्हें बताया कि कैल्शियम की कमी के कारण उन्हें घुटने में दर्द होता है।

एनडीटीवी को वैद्य जी बताया कि वह धोनी से 20 रुपये कंस्लटेंसी फीस लेते हैं और 20 रुपये की दवा देते हैं। डॉक्टर ने कहा, “मैं उनसे कंस्लटेशन के लिए 20 रुपये की फीस लेता हूं और उन्हें 20 रुपये की दवाएं लिखता हूं। धोनी हर चार दिन पर आश्रम आते हैं। वह एक महीने से ऐसा कर रहे हैं। वंदन ने कहा, “जब धोनी मुझसे मिलने आए तो मैं उन्हें पहचान नहीं पाया।”

महेंद्र सिंह धोनी के साथ मौजूद लोगों ने वैद्य जी को बताया कि बल्लेबाज उनसे मिलने आया है। उन्होंने कहा, “मैंने धोनी के माता-पिता का भी इलाज किया है। वे पिछले तीन महीनों से दवाएं ले रहे हैं।” धोनी के यहां आने पर लोग का हूजुम लग जाता है। हंगामे से बचने के लिए महेंद्र सिंह धोनी अपनी कार के अंदर बैठना पसंद करते हैं। वह अपनी दवा लेते हैं और फिर अपने प्रशंसकों के साथ सेल्फी भी लेते हैं।

बता दें कि धोनी ने साल 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। हालांकि, वह आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए खेलते हैं। उनकी कप्तानी में टीम साल 2021 में चैंपियन बनी थी, लेकिन 2022 में उसका प्रदर्शन खराब रहा। हालांकि, इस सत्र में उन्होंने रविंद्र जडेजा की कप्तानी छोड़ने पर कुछ मैचों में ही कप्तानी की। वह अगले सत्र में भी खेलते दिखेंगे।

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