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लोढ़ा समिति सिफ़ारिश: राज्य संघों की बीसीसीआई सीओए से समयसीमा बढ़ाने की मांग

सीओए ने 23 फरवरी को सभी राज्य संघों को कहा था कि वे लोढ़ा समिति के सभी फरमानों का पालन करने के लिये अनुपालन रिपोर्ट एक मार्च तक सौंप दें।

Author नई दिल्ली | February 28, 2017 5:18 PM
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)

विभिन्न राज्य क्रिकेट संघों ने बीसीसीआई का काम देख रही प्रशासकों की समिति (सीओए) को पत्र लिखकर लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर अनुपालन रिपार्ट सौंपने की अंतिम समयसीमा बढ़ाकर 27 मार्च तक करने का अनुरोध किया है। सीओए ने 23 फरवरी को सभी राज्य संघों को कहा था कि वे लोढ़ा समिति के सभी फरमानों का पालन करने के लिये अनुपालन रिपोर्ट एक मार्च तक सौंप दें। हालांकि 20 राज्य इकाईयों के अयोग्य घोषित सदस्यों ने विनोद राय की अगुवाई वाली सीओए को लिखा था कि उन्हें इसके बारे में और अधिक स्पष्टता चाहिए क्योंकि संयुक्त सचिव अमिताभी चौधरी की उच्चतम न्यायालय में याचिका 27 मार्च को सुनवाई के लिये लंबित है और सीओए को तब तक इंतजार करना चाहिए।

एक राज्य इकाई के अधिकारी ने मंगलवार (28 फरवरी) को कहा, ‘हां, एक पत्र सीओए को भेजा गया है क्योंकि हमें लगता है कि उन्हें 27 मार्च तक इंतजार करना चाहिए क्योंकि अमिताभ की याचिका उच्चतम न्यायालय में लंबित है। नौ या 18 साल के संचित कार्यकाल के संबंध में कुछ स्पष्टता की अभी भी जरूरत है। समझदारी इसी में होगी कि हम अनुपालन रिपोर्ट भरने की हड़बड़ी के बजाय इंतजार करें।’ अमिताभ चौधरी ने उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने सीओए के दायरे के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है।

बीसीसीआई में नहीं मानी जा रही लोढ़ा समिति की सिफ़ारिशें

बीसीसीआई में अब भी लोढ़ा समिति की सिफारिशों का प्रतिरोध जारी है और सूत्रों की मानें तो अब तक सिर्फ विदर्भ और त्रिपुरा की राज्य इकाइयों ने उच्चतम न्यायालय से स्वीकृत इन सुधारवादी सिफारिशों को जस का तस लागू करने का फैसला किया है। लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने में बाधा पहुंचाने के लिए अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के को बीसीसीआई अध्यक्ष और सचिव पद से बर्खास्त करने के बाद उच्चतम न्यायालय ने पिछले महीने क्रिकेट बोर्ड के कार्यों के दैनिक निर्वाह के लिए भारत के पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय की अगुआई में चार सदस्यीय पैनल का गठन किया था क्योंकि मामला अभी अदालत में चल रहा है।

प्रशासकों की समिति (सीओए) के एक करीबी सूत्र ने कहा, ‘राज्य संघ इंतजार कर रहे हैं (उच्चतम न्यायालय में आगे मामला कैसे चलता है)। बीसीसीआई के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों के बाहर होने के बावजूद अब भी प्रतिरोध मौजूद है। सिफारिशों को सिर्फ विदर्भ और त्रिपुरा ने लागू किया है।’ त्रिपुरा क्रिकेट संघ (टीसीए) और विदर्भ क्रिकेट संघ (वीसीए) पिछले साल सितंबर में लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने वाले बीसीसीआई के पहले पूर्ण सदस्य बने थे।

दिल्ली में 17 फरवरी को बैठक करने वाली सीओए जल्द ही पूरे बीसीसीआई में लोढा समिति की सिफारिशों को लागू करने को लेकर उच्चतम न्यायालय में स्थिति रिपोर्ट सौंपेंगी। राय के अलावा सीओए में इतिहासविद रामचंद्र गुहा, आईडीएफसी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और सीईओ विक्रम लिमये और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान डायना इडुल्जी को शामिल किया गया है। सूत्रों ने साथ ही इन अटकलों को भी खारिज किया कि अप्रैल में आईसीसी की अगली बोर्ड बैठक में अगर अच्छा करार नहीं मिला तो बीसीसीआई जून में चैम्पियन्स ट्राफी सहित आईसीसी की भविष्य की प्रतियोगिताओं से हट जाएगा।

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