ताज़ा खबर
 

जानिए क्या है कोलपक रूल, जिसकी वजह से इंग्लैंड ने छीना कई देशों के होनहार क्रिकेटर्स

इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट में अन्य देशों के मुकाबले अच्छा पैसा मिलता है ऐसे में जिन देशों के खिलाड़ी कोपक रूल का लाभ उठा सकते हैं वे अपने देश में घरेलू क्रिकेट खेलने की बजाए इंग्लिश काउंटी के साथ करार करना बेहतर समझते हैं।

Author नई दिल्ली | Published on: January 12, 2017 6:26 PM
दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज काइल एबॉट ने कोपक रूल के तहत इंग्लिश काउंटी हैम्पशॉयर के साथ चार साल का करार किया है। वो चार साल तक साउथ अफ्रीका के लिए क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे।(Photo: CSA)

साउथ अफ्रीका के होनहार क्रिकेटर काइल एबॉट ने हाल ही में इंग्लैंड की काउंटी टीम हैम्पशायर के साथ कोपक प्लेयर के रूप में खेलने के लिए करार किया है। इसका मतलब ये होता है कि तेज गेंदबाज काइल एबॉट अब इस करार के वैध्य रहने तक साउथ अफ्रीका के लिए नहीं खेल पाएंगे। काइल एबॉट के कोपक रूल के तहत हैम्पशायर के साथ करार की खबर जब सार्वजनिक हुई दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट बोर्ड और टीम के कई खिलाड़ी अचंभित रह गए। इसका एक प्रमुख कारण ये था कि काइल एबॉट ने हाल के वर्षों में दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की ओर से खेलते हुए टेस्ट मैचों में बहुत शानदार प्रदर्शन किया था और वो अब टीम के नियमित और प्रमुख सदस्य बन गए थे।

इससे पहले जिम्बॉब्वे के स्टार बल्लेबाज ब्रेंडन टेलर ने भी कोपक रूल के तहत इंग्लिश काउंटी टीम के साथ करार कर अपनी राष्ट्रीय टीम से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन काइल एबॉट की खबर के बाद कोपक रूल को लेकर क्रिकेट प्रमियों में जिज्ञासा बनी हुई है कि आखिर ये नियम है क्या। हम आपको बता रहे हैं कि आखिर यह नियम कैसे काम करता है और कैसे इस नियम से बंधने के बाद किसी दूसरे देश का खिलाड़ी इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम में भी खेल सकता है।

दरअसल, दक्षिण अफ्रीका ने जब यूरोपियन यूनियन के साथ कोटोनाउ एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किया उसके बाद से ही उसके क्रिकेट खिलाड़ी कोपक रूल के तहत इंग्लैंड और अन्य यूरापियन देशों की तरफ से खेलने के लिए मुक्त हो गए। अफ्रीका के कई अन्य देश जैसे जिम्बॉब्वे और कैरिबियन देश भी इस एग्रीमेंट के साथ जुड़े हैं। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका का हर नागरिक कोपक रूल का लाभ नहीं उठा सकता। ये नियम सिर्फ खिलाड़ियों के लिए है जो चार साल के वर्क परमिट के तहत यूके में क्रिकेट खेल सकते हैं।

कोपक रूल के तहत किसी इंग्लिश काउंटी टीम से करार करने वाला खिलाड़ी अपने देश के लिए तब तक नहीं खेल सकता जब तक संबंधित काउंटी के साथ उसकी वैध्यता समाप्त नहीं हो जाती। हां, क्रिकेट चाहे तो जब इंग्लैंड में डोमेस्टिक सीजन आॅफ हो तब अपने मूल देश के लिए डोमेस्टिक क्रिकेट में खेल सकता है। यदि कोई कोपक रूल के तहत किसी इंग्लिश काउंटी के लिए खिलाड़ी सात साल या उससे अधिक समय तक क्रिकेट खेल लेता है तो वह इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम में खेलने के लिए एलिजबल हो जाता है। काइल एबॉट से पहले जैक रूडोल्फ ने 2007 में कोपक रूल के तहत यॉर्कशायर काउंटी के साथ करार किया था। उन्होंने 2010 तक यॉर्कशॉयर के लिए क्रिकेट खेला और डील की अवधि समाप्त होने पर वह फिर से साउथ अफ्रीका की नेशनल टीम के लिए भी खेले।

कोपक रूल के तहत दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट खिलाड़ियों का इंग्लिश काउंटी के साथ जुड़ने के पीछे एक वजह भी है। दरअसल, दक्षिण अफ्रीका में कोटा के तहत राष्ट्रीय टीम में श्वेत खिलाड़ियों के लिए सीटें फिक्स हैं। इससे कई बार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद भी श्वेत खिलाड़ी दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय टीम में नहीं खेल पाते। इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट में अन्य देशों के मुकाबले अच्छा पैसा मिलता है ऐसे में जिन देशों के खिलाड़ी कोपक रूल का लाभ उठा सकते हैं वे अपने देश में घरेलू क्रिकेट खेलने की बजाए इंग्लिश काउंटी के साथ करार करना बेहतर समझते हैं।

वीडियो: भारत के पांच शिर्ष खिलाड़ी, जिन्होंने वनडे क्रिकेट में पकड़े हैं सबसे ज्यादा कैच

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 जानिए मशहूर क्रिकेट खिलाड़ियों की दस ऐसी टिप्पणियां जिन पर पहले भी मच चुका है बवाल
2 IND VS ENG: इंग्लैंड को मिली मज़बूती, टीम से जुड़े जो रूट
3 BAN VS NZ पहला टैस्ट: पहले दिन बारिश का खलल, मोमीनुल-तमीम का पचासा, बांग्लादेश 154/3
जस्‍ट नाउ
X