ताज़ा खबर
 

कभी भूखे पेट टेंट में सोया, पानीपूरी बेची, जानिए कौन है अंडर 19 क्रिकेट का ये नया सितारा

इस टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर ऑलराउंडर खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल भी जाएंगे। यशस्वी जायसवाल को यहां तक के सफर को तय करने के लिए काफी कठिनाइयों से गुजरना पड़ा। महज 11 साल की उम्र में उत्तर प्रदेश के भदोही से क्रिकेटर बनने का सपना लिए मुंबई आए यशस्वी आजाद मैदान में मुस्लिम यूनाइटेड क्लब में रहे।

यशस्वी जायसवाल। (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

श्रीलंका दौरे पर भारतीय अंडर19 टीम को दो चार दिवसीय मैच के साथ-साथ पांच वनडे मैच भी खेलना है। कुछ दिन पहले ही इस दौरे के लिए टीम का ऐलान किया गया है। टीम सिलेक्शन के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर काफी दिनों तक सुर्खियों में बने रहे थे। इस टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर ऑलराउंडर खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल भी जाएंगे। यशस्वी जायसवाल को यहां तक के सफर को तय करने के लिए काफी कठिनाइयों से गुजरना पड़ा। महज 11 साल की उम्र में उत्तर प्रदेश के भदोही से क्रिकेटर बनने का सपना लिए मुंबई आए यशस्वी आजाद मैदान में मुस्लिम यूनाइटेड क्लब में रहे। इस दौरान वह टेंट में कई दिनों तक भूखे पेट भी सोए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आजाद मैदान पर ही अपना खर्चा चलाने के लिए उन्होंने कुछ समय तक पानीपूरी भी बेचा। यशस्वी के पिता उन्हें जो पैसे भेजते थे, वह गुजारा करने के लिए काफी नहीं होते लिहाजा वह पानीपूरी बेच अपना गुजारा कर लेते। यशस्वी को इस दौरान बस एक ही डर लगा रहता कि उनका कोई टीम मेट या जानने वाला उन्हें ऐसा करते ना देख लें। मुंबई टीम के अंडर -19 कोच सतीश सामंत यशस्वी के खेल से खासा प्रभावित हैं और उन्हें यकीन है कि वह एक दिन मुंबई के सबसे सफल क्रिकेटरों में से एक कहलाएगा।

अर्जुन तेंदुलकर।

सतीश सामंत ने यशस्वी के बारे में बात करते हुए कहा कि अंडर-19 टीम में चयन का श्रेय उनके कोच ज्वाला सिंह को जाता है। यशस्वी को आजाद मैदान पर ज्वाला सिंह ने देखा और उसके खेल को निखारने का काम किया। 2011 में अपनी क्रिकेट अकादमी की शुरुआत करने वाले ज्वाला सिंह भी क्रिकेटर बनने मुंबई आए थे, लेकिन वह ऐसा करने में सफल नहीं रहे। ज्वाला की कोशिश अब ज्यादा से ज्यादा बच्चों के सपनों को पूरा करना है। भदोही के रहने वाले यशस्वी को परेशानी में देख ज्वाला ने उसकी काफी मदद की।

यशस्वी और उनका परिवार ज्वाला की खूब तारीफ करते हैं। अंडर-19 में चयन होने के बाद यशस्वी से परफॉर्मेंस के प्रेशर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन पर कोई दबाब नहीं है। यशस्वी ने कहा कि उन्हें बचपन से प्रेशर लेने की आदात है। यशस्वी ने अपने साथ घटी एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक बार उनके दोस्तों ने उन्हें लंच करने के लिए साथ चलने को कहा। इस दौरान वह काफी शेमलेस फील कर रहे थे क्योंकि उनके जेब में पैसे नहीं थे। उन्होंने कहा, ”भूख है पर पैसे नहीं”।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App