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कर्नाटक प्रीमियर लीग में फिक्सिंग? क्रिकेटर्स बोले- बुकीज ने किया संपर्क

एक मैच में संदिग्ध सट्टेबाजी की गतिविधियों को लेकर आई खबरों के बाद मौजूदा कर्नाटक प्रीमियर लीग (केपीएल) जांच के घेरे में आ गई है। कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि बाहर के कुछ लोगों ने कुछ खिलाड़ियों से सांठगांठ करने की कोशिश की थी। भ्रष्टाचार विरोधी इकाई (एसीयू) के अधिकारी मामले को देख रहे हैं।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (Image Source: pixabay)

एक मैच में संदिग्ध सट्टेबाजी की गतिविधियों को लेकर आई खबरों के बाद मौजूदा कर्नाटक प्रीमियर लीग (केपीएल) जांच के घेरे में आ गई है। कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि बाहर के कुछ लोगों ने कुछ खिलाड़ियों से सांठगांठ करने की कोशिश की थी। भ्रष्टाचार विरोधी इकाई (एसीयू) के अधिकारी मामले को देख रहे हैं। कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव सुधाकर राव ने मीडिया को बताया कि राजस्थान के लोगों ने लीग में खिलाड़ियों से संपर्क किया है लेकिन खिलाड़ियों ने इन गतिविधियों के बारे में एसीयू के अधिकारियों को बता दिया है। राव ने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी इकाई रिपोर्ट्स की जांच कर रही है और वह कोई कार्रवाई करने से पहले एसीयू की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजापुर बुल्स और हुबली टाइगर्स के बीच हुए मैच में सट्टेबाजों का खासा ध्यान रहा, जिसके लिए सट्टेबाजी की बड़ी कंपनियों में शामिल बेटफेयर ने इस मैच के दौरान असामान्य सट्टेबाजी की गतिविधियों के चलते किसी भी लेन-देन को निलंबित कर दिया। बीजापुर बुल्स के अधिकारियों ने हालांकि  दावा किया है मैच के दौरान ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है।

बीजापुर बुल्स की तरफ से मीडिया को बताया गया कि किसी टीम के दृष्टिकोण और क्रिकेट के दृष्टिकोण से कुछ भी ऐसा नहीं देखा गया। जहां तक फ्रेंचाइजी का सवाल है तो सभी चीजें अपने दायरे में हैं और टीम के साथ जो भी घटता है और अमल में लाई गई टीम की रणनीतियां नियंत्रण में हैं। बीजापुर बुल्स के अधिकारी ने कहा कि हर फ्रेंचाइजी के साथ एक एसीयू प्रतिनिधि को लगाया गया है। वह हर समय खिलाड़ियों और मैनेजर्स समेत टीम की हर गतिविधि की निगरानी करता है। वह होटल में ठहरता है और टीम की किसी भी आधिकारिक या अनाधिकारिक व्यवस्था के लिए उसके साथ सफर करता है। वह अभ्यास सत्र के दौरान भी आता है और फ्रेंचाइजी से संबंद्ध सभी मैनेजर उसे टीम के हर मूवमेंट और डिवेलपमेंट के बारे में अवगत कराते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा नियुक्त प्रशासक समित की सदस्य डायना एडुलजी ने कहा कि फिक्सिंग और भ्रष्टाचार को लेकर बीसीसीआई जीरो टॉलेरेंस पॉलिसी (शून्य सहनशीलता नीति) पर काम करता है। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई भी इस मामले को देखेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी लीग की शुरुआत के पहले फ्रेंचाइजी और खिलाड़ियों को एंटी करप्शन प्रोटोकॉल के बारे में स्पष्ट जानकारी दे दी जाती है।

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