ताज़ा खबर
 

IPL Spot fixing Case: स्पॉट फिक्सिंग में लाइफ बैन झेल रहे श्रीसंत को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई से कहा- सजा पर दोबारा करें विचार

IPL Spot fixing Case: अदालत ने श्रीसंत को इस मामले पर राहत दी है। जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस के एम जोसेफ की पीठ ने श्रीसंत पर लगा आजीवन प्रतिबंध हटा बीसीसीआई से श्रीसंत की सजा पर फिर से विचार करने के लिए कहा है।

Author Updated: March 15, 2019 11:49 AM
श्रीसंत पर लगा अजीवन प्रतिबंध हटा (Picture source ANI twitter)

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा लगाए गए अजीवन प्रतिबंध के खिलाफ तेज गेंदबाज एस श्रीसंत द्वारा दायर की गई याचिका पर सर्वोच्च अदालत ने फैसल सुना दिया है। अदालत ने श्रीसंत को इस मामले पर राहत दी है। जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस के एम जोसेफ की पीठ ने श्रीसंत पर लगा आजीवन प्रतिबंध हटा बीसीसीआई से श्रीसंत की सजा पर फिर से विचार करने के लिए कहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि बीसीसीआई को किसी भी मामले में क्रिकेटर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार होता है लेकिन श्रीसंत को दी गई सजा अधिक है। कोर्ट ने कहा है कि बीसीसीआई उसकी सजा पर फिर से विचार करे और इस पर 3 महीने में निर्णय ले। न्यायालय ने कहा कि उसके आदेश का एस। श्रीसंत के खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही पर कोई असर नहीं होगा।

तेज गेंदबाज का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने तर्क दिया था कि श्रीसंत को फंसाने के लिए कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं था और अभियोजन पक्ष द्वारा दिए गए सबूत केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्य थे। खुर्शीद ने कहा “परिस्थितिजन्य साक्ष्य केवल तभी अच्छे होते हैं जब घटना वास्तव में हुई हो। इसका उपयोग किसी ऐसी चीज को स्थापित करने के लिए नहीं किया जा सकता है जो कभी हुई ही नहीं।” इस मामले में आरोप यह था कि श्रीसंत ने एक ओवर में 14 रन देने के लिए पैसे लिए, लेकिन उस ओवर में केवल 13 रन दिए। इस प्रकार कथित घटना नहीं हुई। इसलिए श्रीसंत के खिलाफ मामला बनाने के लिए परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर्याप्त नहीं होंगे।

बीसीसीआई ने श्रीसंत पर आईपीएल-2013 में स्पॉट फिक्सिंग का दोषी पाए जाने पर अजीवन प्रतिबंध लगाया था। जिसके बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। दिल्ली की निचली अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था, लेकिन केरल हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए बीसीसीआई द्वारा लगाए गए बैन को बरकरार रखा था। जिसके बाद श्रीसंत ने सुप्रीम कोर्ट का दरबाजा खटखटाया। इससे पहले बीसीसीआई ने कोर्ट में कहा था कि श्रीसंत पर भ्रष्टाचार, सट्टेबाजी और खेल को बेइज्जत करने के आरोप हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 IPL 2019: जब पंड्या ने धोनी के स्टाइल में की प्रैक्टिस की शुरुआत, देखें VIDEO