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IPL 2016: धोनी बोले- अश्विन ने कई मौकों पर मुझे मुश्किल से बाहर निकाला है

धोनी ने कहा कि अश्विन परिपक्व गेंदबाज है। वह किसी भी समय गेंदबाजी कर सकता है।

Author मुंबई | April 10, 2016 5:57 PM
भारतीय एकदिवसीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी। (फाइल फोटो)

भारत के सीमित ओवर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने रविवार (10 अप्रैल) को ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की तारीफ करते हुए कहा कि इस गेंदबाज ने कई मौकों पर टीम को ‘मुश्किल से बाहर’ निकाला है। धोनी ने वानखेड़े स्टेडियम में तमिलनाडु के इस गेंदबाज को शनिवार (9 अप्रैल) को आईपीएल के शुरुआती मैच में केवल एक ओवर और वह भी 16वां ओवर दिया था। आईपीएल की नयी टीम राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स ने इस मुकाबले में गत चैम्पियन मुंबई इंडियंस को नौ विकेट से पराजित किया था।

विश्व टी20 से ही धोनी अश्विन से किसी तरह के कथित मतभेद की बात साफ कर रहे हैं, उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि मैंने कहा है, अश्विन ने मुझे कई मौकों पर मुश्किल से बाहर निकाला है, भले ही पहले छह ओवर में गेंदबाजी करना हो या अंतिम ओवरों में। वह ऐसा गेंदबाज है जो किसी भी समय आकर बेहतरीन गेंदबाजी कर सकता है।’’

उन्हें यहां एक मीडिया कांफ्रेंस में लावा मोबाइल का ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया गया। इस मौके पर कहा, ‘‘यह ऐसा मुद्दा है जैसा किसी रणनीति का खुलासा करना। अश्विन परिपक्व गेंदबाज है। वह किसी भी समय गेंदबाजी कर सकता है। ऐसा भी क्षण था जब मुंबई इंडियंस ने कुछ विकेट गंवा दिये थे और उनके मध्य और निचले मध्यक्रम पर दबाव था।’’

रांची के इस सुपरस्टार ने समझाते हुए कहा कि किस तरह मुंबई इंडियंस की टीम पांच ओवर के अंदर 30 रन पर चार विकेट खोकर जूझ रही थी और उन्होंने सोचा कि पदार्पण कर रहे लेग स्पिनर मुरूगन अश्विन को पूरे चार ओवर का गेंदबाजी कोटा पूरा कराने और इस युवा के दिमाग से घबराहट निकालने का यह आदर्श समय था।

धोनी ने कहा, ‘‘यह लेग स्पिनर अश्विन को लाने बहुत अच्छा मंच था। आपने मैच देखा ही होगा, आप देख सकते हो कि वह ऐसा गेंदबाज नहीं है जो काफी शॉर्ट गेंद फेंकता हो, लेकिन वह दबाव महसूस कर रहा था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगा कि मेरे लिये वो चार ओवर उसे देना काफी अहम था क्योंकि लंबे समय में मुझे विकेट चटकाने वाले गेंदबाज के विकल्प के रूप में उसकी जरूरत होगी और मुझे लगा कि उस समय मैं उसे वो चार ओवर दे सकता था इससे उसे शायद दूसरे और तीसरे मैच में वापसी का आत्मविश्वास मिलेगा।’’

धोनी ने कहा, ‘‘यह उसे भरोसा देने की प्रक्रिया थी, लेकिन साथ ही हम दूसरे ओर से आक्रमण कर रहे थे, रजत भाटिया हालात का इस्तेमाल करते हुए अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे, यही कारण था कि रविचंद्रन अश्विन को एक ओवर दिया गया और इसके बाद मैंने सोचा कि तेज गेंदबाजों से गेंदबाजी कराना बेहतर विकल्प होगा।’’

धोनी ने 31 मार्च को यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ विश्व टी20 सेमीफाइनल में भी इस ऑफ स्पिनर का कम इस्तेमाल किया था और शनिवार (9 अप्रैल) को इस घटना ने दोनों के बीच मतभेदों की अटकलों को हवा दे दी। इस आग में हवा अश्विन के आईपीएल मैच से पहले सात अप्रैल को हुई प्रेस काफ्रेंस में दिये जवाब ने दे दी थी जिसमें उन्होंने कहा था कि वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में जब ओस थी तो उन्होंने मैच में गेंदबाजी नहीं की थी।

वेस्टइंडीज से हारने के बाद धोनी ने कहा था कि उन्होंने अश्विन को शुरू में दो ओवर देने के बाद दोबारा गेंदबाजी के लिये नहीं बुलाया क्योंकि उन्हें लगा कि ओस गेंद को गीला कर रही थी और इस स्पिनर को गेंद पकड़ने में मुश्किल हो रही थी। अश्विन ने अपने दो ओवर में 20 रन दिये थे और एक नो बॉल फेंकी थी जिस पर मैन ऑफ द मैच लेंडिल सिमन्स कैच आउट हो गये थे लेकिन उन्हें नो बॉल के कारण वापस क्रीज पर बुला लिया गया था।

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