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4 हफ्ते पहले फेल होकर टीम में गंवाया था सेलेक्‍शन, अब संजू सैमसन ने स्‍टाइल से पास किया यो-यो टेस्‍ट

टीम इंडिया के खिलाड़ियों को वैसे यो-यो टेस्ट में पास होने के लिए 16.1 अंक लाना जरूरी होता है। लेकिन संजू सैमसन ने इस फिटनेस टेस्ट में मजबूती के साथ 17.4 अंक हासिल कर सबको चौंका दिया।

एक करोड़ रुपये बेस प्राइस वाले संजू सैमसन को इस आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स ने आठ करोड़ में खरीदा था। पिछले सीजन में संजू ने दिल्ली के लिए खेला था। (फाइल फोटो)

भारत के धुंआधार बल्लेबाज संजू सैमसन ने आखिरकार यो-यो टेस्ट पास कर लिया। हालांकि पिछली बार यो-यो टेस्ट में फेल हो जाने की वजह से वो टीम इंडिया के मौजूदा इंग्लैंड दौरे में नहीं जा सके, लेकिन अब संजू ने धमाकेदार अंदाज में यो-यो टेस्ट पास किया है। केरल के इस बल्लेबाज ने सोशल मीडिया साइट इंस्टाग्राम पर यह खुशखबरी दी। संजू ने अपने पोस्ट के जरिए उन सभी लोगों को धन्यवाद भी दिया जिन्होंने मुश्किल घड़ी में उनकी हौसलाअफजाई की।

धमाकेदार अंदाज में पास किया टेस्ट: संजू सैमसन की पहचान जोशीले बल्लेबाज के तौर पर है। यो-यो टेस्ट में भी संजू ने जोशीला अंदाजा दिखाया। टीम इंडिया के खिलाड़ियों को वैसे यो-यो टेस्ट में पास होने के लिए 16.1 अंक लाना जरूरी होता है। लेकिन संजू सैमसन ने इस फिटनेस टेस्ट में मजबूती के साथ 17.4 अंक हासिल कर सबको चौंका दिया।

एक महीने पहले हुए थे फेल: करीब चार हफ्ते पहले भी इस धुंआधार खिलाड़ी को यो-यो टेस्ट से गुजरना पड़ा था। लेकिन संजू सैंमसन ने उस वक्त सिर्फ 15.6 अंक हासिल किया था। संजू सैमसन इस टेस्ट में फेल हो गए थे जिसके बाद इंग्लैंड दौरे पर संजू के जाने की उम्मीदें भी टूट गई थीं। लेकिन अब फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद इस बात की उम्मीद काफी बढ़ गई है कि संजू आगे होने वाले टूर्नामेंट में टीम इंडिया का हिस्सा बन सकते हैं।

IPL में की थी धुंआधार बल्लेबाजी: इंडियन प्रीमियर लीग के इस सीजन में संजू सैमसन ने अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था। संजू आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की टीम का हिस्सा थे। उन्होंने 15 मैंचों में कुल 441 रन बनाए। उस वक्त राजस्थान रॉयल्स के मेंटर और महान गेंदबाज शेन वार्न ने कहा था कि सैमसन भारतीय क्रिकेट टीम का भविष्य बनेंगे।

क्या है यो-यो टेस्ट? : यो-यो टोस्ट एक तरह का फिटनेस टेस्ट होता है। क्रिकेट के अलावा फुटबॉल, रग्बी आदि खेलों के खिलाड़ी भी इस टेस्ट से गुजरते हैं। यह टेस्ट बीप टेस्ट का एडवांस वर्जन है जिसमें 20-20 मीटर की दूरी पर दो लाइनें बनाकर कोन रखे जाते हैं। एक छोर की लाइन पर खिलाड़ी को पैर पीछे की ओर रखना होता है और बीप बजते ही दौड़ लगानी होती है। खिलाड़ियों को वक्त पर तय लाइन पर पहुंचना होता है। इस टेस्ट का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों की स्टेमिना जांचना और उन्हें फिट रखना है।

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