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केरल बाढ़: विराट कोहली ने लोगों को घर के अंदर रहने की दी सलाह, पत्रकार ने कहा- मुन्ना…

विराट कोहली ने लिखा, "केरल के सभी लोग, कृपया सुरक्षित रहें, और जितना हो सके घर के अंदर रहें, उम्मीद करते हैं कि हालत जल्द सुधरेंगे, साथ ही इंडियन आर्मी और एनडीआरएफ को कठिन परिस्थितियों में शानदार काम करने के लिए शुक्रिया, मजबूत रहिए और सुरक्षित रहिए।"

टीम इंडिया के कप्तान कोहली ने केरल बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है।

दक्षिण भारत का राज्य केरल इस बार जल कहर से जूझ रहा है। ऐसी प्रलंयकारी बाढ़ केरल में पिछले 100 सालों में नहीं आई थी। इंडियन क्रिकेट के कप्तान विराट कोहली ने बाढ़ पीड़ितों के प्रति ट्वीट कर चिंता जताई। इस वक्त ब्रिटेन के खिलाफ नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेल रहे विराट कोहली ने ट्वीट कर केरल के लोगों को घरों में रहने की सलाह दी। विराट कोहली ने लिखा, “केरल के सभी लोग, कृपया सुरक्षित रहें, और जितना हो सके घर के अंदर रहें, उम्मीद करते हैं कि हालत जल्द सुधरेंगे, साथ ही इंडियन आर्मी और एनडीआरएफ को कठिन परिस्थितियों में शानदार काम करने के लिए शुक्रिया, मजबूत रहिए और सुरक्षित रहिए।”

कैप्टन विराट कोहली के इस ट्वीट पर वरिष्ठ पत्रकार मृणाल पांडे ने उनकी क्लास लगाई है। मृणाल पांडे ने कहा है कि ऐसे भयानक बाढ़ के वक्त घर के अंदर रहना मौत को दावत देने जैसा है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “मुन्ना, ऐसे सैलाब के बीच घर के भीतर छुप रहना अपनी मौत का पंचनामा बनाना होगा। लोगों से तो कहना चाहिए कि वे सब बढते जलस्तर के मद्देनज़र यथासंभव पास के सुरक्षित रिलीफ़ कैंप में चले जायें जहां कम से कम‌ उनकी बुनियादी ज़रूरतें पूरी करने लायक सामग्री है।”

बता दें कि कोहली देश-विदेश की बड़ी घटनाओं पर टिप्पणी करते रहते हैं। इधर केरल में प्रकृति के कोप से त्रस्त लोगों को सोमवार (20 अगस्त) को थोड़ी राहत मिली है। आज बारिश कमजोर पड़ने पर राज्य में रेस्क्यू ऑपरेशन की गति और भी तेज कर दी गई है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक राज्य में आठ अगस्त के बाद से मानसून के दूसरे चरण में भारी बारिश और बाढ़ के चलते 216 लोगों की जान गई है 7.24 लाख से अधिक लोग बेघर हुए हैं जिन्हें 5,645 राहत शिविरों में ठहराया गया है।

सेना की दक्षिणी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डी आर सोनी ने तिरुवनंतपुरम में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राहत अभियान अब भी जारी है और जिन क्षेत्रों तक आसान पहुंच नहीं है, वहां फंसे लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए ड्रोन विमानों का इस्तेमाल किया जा रहा है।सोनी ने कहा कि राहत अभियानों में 1,500 सैन्यकर्मी शामिल हैं।उन्होंने बताया कि छतों पर और संपर्क से बुरी तरह कटे इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रक्षाबलों के हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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