ind vs aus test series: Tough Way For Virat Kohli, only 3 times india win test series when lost first match - Jansatta
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IND VS AUS: विराट कोहली के लिए परेशानी का सबब है ये आंकड़ा, पहला मैच 333 रनों से हारी है टीम इंडिया

दो या इससे अधिक टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच के रूप में खेले गये 140 मैचों में से भारत ने 38 में जीत दर्ज की जबकि 52 में उसे हार का सामना करना पड़ा।

Author नई दिल्ली | March 2, 2017 5:10 PM
भारतीय कप्तान विराट कोहली (फाइल फोटो)

ऑस्ट्रेलिया से पहला टेस्ट मैच 333 रन के बड़े अंतर से गंवाने वाली भारतीय टीम के लिये अब श्रृंखला में वापसी करना एक बड़ी चुनौती है क्योंकि 1932 में टेस्ट क्रिकेट में प्रवेश करने के बाद अब तक केवल तीन अवसरों पर भारत पहला टेस्ट हारने के बाद श्रृंखला जीतने में सफल रहा है। विराट कोहली की टीम को पुणे में स्पिनरों की मददगार पिच पर बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन के कारण करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। उसे चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला में वापसी करने के लिये इंग्लैंड के खिलाफ 1972-73 की श्रृंखला, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 की श्रृंखला और श्रीलंका के खिलाफ 2015 की श्रृंखला से प्रेरणा लेनी होगी जिनमें पहला टेस्ट मैच हारने के बाद टीम ने जबर्दस्त वापसी की थी। वैसे इनमें से केवल इंग्लैंड वाली श्रृंखला ही ऐसी थी जिसमें चार या इससे अधिक टेस्ट खेले गये थे। बाकी दोनों श्रृंखलाएं तीन-तीन टेस्ट मैचों की थी। भारत ने हालांकि दो अवसरों पर वेस्टइंडीज के खिलाफ 1987-88 में और इंग्लैंड के खिलाफ 2002 में चार टेस्ट मैचों की दोनों श्रृंखलाएं पहला मैच गंवाने के बाद 1-1 से बराबर करवायी थी। भारत कुल आठ बार पहला टेस्ट हारने के बाद श्रृंखला ड्रा कराने में सफल रहा है।

भारत के लिये यह आंकड़ा थोड़ा राहत देने वाला है कि श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच की तुलना में दूसरे टेस्ट मैच में उसका रिकॉर्ड बेहतर रहा है। भारतीय टीम ने अब तक दो या इससे अधिक टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच के रूप में खेले गये 140 मैचों में से 38 में जीत दर्ज की जबकि 52 में उसे हार का सामना करना पड़ा। एक मैच टाई रहा और बाकी 49 अनिर्णीत समाप्त हुए। श्रृंखला के दूसरे टेस्ट मैच में हालांकि उसका रिकॉर्ड 140 टेस्ट, 42 जीत और 38 हार और 60 ड्रा का है। लेकिन तीसरे और चौथे टेस्ट मैच में यह रिकार्ड फिर से गड़बड़ा जाता है। भारत ने तीसरे टेस्ट के रूप में 118 मैच खेले हैं जिनमें से 32 में उसे जीत और 35 में हार मिली जबकि बाकी 51 मैच ड्रा रहे हैं। चौथे टेस्ट के रूप में खेले गये 57 टेस्ट मैच में भारत ने 14 मैच जीते और 18 गंवाये बाकी 25 मैच ड्रा करवाये।

भारत ने जिन तीन श्रृंखलाओं में पहला मैच गंवाने के बाद जीत दर्ज की उनमें इंग्लैंड के खिलाफ 1972-73 की श्रृंखला बेहद अहम स्थान रखती है। अजित वाडेकर की अगुवाई वाली भारतीय टीम दिल्ली में खेला गया पहला टेस्ट मैच छह विकेट से हार गयी थी लेकिन उसने कोलकाता में दूसरे टेस्ट मैच में 28 रन और चेन्नई में तीसरे टेस्ट मैच में चार विकेट से जीत दर्ज करके शानदार वापसी की थी। इसके बाद कानपुर और मुंबई में खेले गये अगले दोनों टेस्ट मैच ड्रा कराकर भारत ने श्रृंखला 2-1 से जीती थी। यही कारनामा सौरव गांगुली की अगुवाई वाली टीम ने 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सरजमीं पर किया था। भारत मुंबई में खेला गया पहला टेस्ट मैच दस विकेट से हार गया लेकिन कोलकाता में दूसरे टेस्ट मैच में फॉलोआन के बाद वीवीएस लक्ष्मण की 281 रन की ऐतिहासिक पारी और हरभजन सिंह की शानदार गेंदबाजी से भारत ने 171 रन से जीत दर्ज की। भारत ने तब चेन्नई में खेला गया तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच दो विकेट से जीतकर श्रृंखला 2-1 से अपने नाम की थी।

कोहली की अगुवाई में भी भारतीय टीम एक बार ऐसा कारनामा कर चुकी है और भारतीय कप्तान अपने खिलाड़ियों को बता भी चुके हैं कि उन्हें श्रीलंका के खिलाफ 2015 की श्रृंखला से प्रेरणा लेनी होगी जब टीम ने गाले में खेला गया पहला टेस्ट मैच 63 रन से गंवा दिया था लेकिन इसके बाद कोलंबो में खेले गये अगले दोनों टेस्ट मैचों में क्रमश: 278 रन और 117 रन से जीत दर्ज करके श्रृंखला 2-1 से जीती थी। कोहली ने पुणे में हार के बाद कहा था, ‘पिछली बार जब हमने इस तरह का प्रदर्शन (श्रीलंका के खिलाफ गाले में) किया था तो उसके बाद हमने लगातार अच्छा खेल दिखाया। मेरे कहने का मतलब है कि हमें फिर से ऐसा प्रदर्शन करने की जरूरत है।’

जहां तक ऑस्ट्रेलिया की बात है कि इससे पहले उसने 2005 की एशेज श्रृंखला में पहला टेस्ट मैच जीतने के बाद श्रृंखला गंवायी थी। तब ऑस्ट्रेलियाई टीम लॉर्ड्स में पहला टेस्ट जीतने में सफल रही थी लेकिन इसके बाद वह एजबेस्टन में दूसरा और ट्रेंटब्रिज में चौथा टेस्ट मैच हारकर श्रृंखला गंवा बैठी थी। ऑस्ट्रेलिया का श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच की तुलना में दूसरे टेस्ट मैच में रिकॉर्ड थोड़ा कमतर रहा है। आस्ट्रेलियाई टीम ने दो या इससे अधिक टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट के तौर पर खेले गये 201 मैचों में 109 में जीत दर्ज की और 45 में उसे हार मिली। श्रृंखला के दूसरे टेस्ट के रूप में उसने जो 200 मैच खेले हैं उनमें से 97 में उसे जीत मिली और 52 में हार।

भारतीय टीम के लिये अब पहली चुनौती बेंगलुरु में शनिवार (4 मार्च) से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट मैच में वापसी करने की होगी। बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में भारतीय टीम ने अब तक 21 टेस्ट मैच खेले हैं जिनमें से उसे छह में जीत और छह में हार मिली जबकि बाकी नौ टेस्ट मैच ड्रा रहे। ऑस्ट्रेलिया ने इस मैदान पर जो पांच मैच खेले हैं उनमें से दो में उसने जीत हासिल की और एक में उसे हार का सामना करना पड़ा। भारत हालांकि पिछले एक दशक से अधिक समय से चिन्नास्वामी स्टेडियम में अजेय रहा है। इस बीच उसने यहां पांच टेस्ट मैच खेले जिसमें दो में जीत दर्ज की और तीन ड्रा रहे। इनमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2010 में खेला गया मैच भी शामिल है जिसमें भारत ने सात विकेट से जीत दर्ज की थी।

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