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पाकिस्तान से नहीं खेलने पर आइसीसी ने काटे महिला टीम के अंक, बीसीसीआई नाराज

यह कदम पाकिस्तान के हाथों में खेलने की कोशिश है। वे कहेंगे कि यदि महिला खेल सकती है तो पुरुष टीम भी खेल सकती है।
Author नई दिल्ली | November 24, 2016 05:36 am
महिला क्रिकेट टीम। (फाइल फोटो)

भारतीय महिला क्रिकेट टीम के पाकिस्तान के साथ एक से 31 अक्तूबर तक द्विपक्षीय शृंखला नहीं खेलने के कारण छह अंक काट दिए जाने से भारतीय क्रिकेट बोर्ड के शशांक मनोहर की अगुवाई वाली आइसीसी के साथ संबंध और कड़वे हो गए हैं। महिला क्रिकेटरों को नियमों का हवाला देकर आसान निशाना बनाए जाने के विरोध में संभावना है कि भारत की पुरुष टीम अगले साल इंग्लैंड में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी में नहीं खेले। आइसीसी के रवैये से बीसीसीआइ नाराज है और उसने इस वैश्विक संस्था में विरोध दर्ज कराया जो इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी द्विपक्षीय शृंखला के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी होती है। आइसीसी के भारतीय चेयरमैन इस बात को अच्छी तरह से समझते हैं। बीसीसीआइ के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि आइसीसी इससे अच्छी तरह वाकिफ हैं कि वर्तमान परिस्थितियों में जब भारतीय सैनिक शहीद हो रहे हैं तब पाकिस्तान के खिलाफ खेलना संभव नहीं है। चेयरमैन को अच्छी तरह से पता है कि हमारे लिए सरकार से मंजूरी लेना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि गुप्त मकसद से उठाया गया यह कदम पाकिस्तान के हाथों में खेलने की कोशिश है। वे कहेंगे कि यदि महिला खेल सकती है तो पुरुष टीम भी खेल सकती है। यदि आइसीसी ने अपना फैसला नहीं बदला तो हमारी पुरुष टीम भी महिला टीम के साथ है और वे चैंपियंस ट्रॉफी में नहीं खेलेगी।
आइसीसी ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि पीसीबी और बीसीसीआइ से मिली लिखित प्रस्तुति पर विचार करने के बाद आइसीसी तकनीकी समिति ने फैसला दिया कि यह माना जाता है कि भारतीय महिला टीम ने आइसीसी महिला चैंपियनशिप के राउंड छह के पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले तीन मैचों को गंवा दिया है और इन अंकों को पाकिस्तान को दिया जाना चाहिए। इसमें कहा गया है कि इन मैचों का आयोजन एक अगस्त से 31 अक्तूबर 2016 के बीच होना था लेकिन इनका औपचारिक कार्यक्रम तैयार नहीं किया गया था और आखिर में इनका आयोजन नहीं हुआ और तकनीकी समिति ने फैसला दिया कि आइसीसी महिला चैंपियनशिप के नियमों के अनुसार पाकिस्तान को तीन में से प्रत्येक मैच के लिए दो अंक मिलेंगे। वहीं 50 ओवरों के इन प्रत्येक मैच के लिए भारत के शून्य अंक होंगे और इसी हिसाब से इसका नेट रन रेट भी समायोजित किया जाएगा।

तकनीकी समिति ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच वर्तमान रिश्तों में यह संवेदनशील मसला है लेकिन वह इस नतीजे पर पहुंचा है कि बीसीसीआइ इस शृंखला में नहीं खेलने के लिए स्वीकार्य वजह नहीं दे पाया। बीसीसीआइ के शीर्ष पदाधिकारी ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि मनोहर का बीसीसीआइ के खिलाफ रवैया भारत विरोधी बनता जा रहा है।बीसीसीआइ का पूर्व अध्यक्ष होने के कारण वह अच्छी तरह से वाकिफ है कि भारतीय पुरुष टीम पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय शृंखला नहीं खेल पाई थी। इसके बावजूद यदि पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलने के कारण भारतीय महिला टीम के अंक काटे जा रहे हैं तो इसका मतलब है कि वह जनभावनाओं की परवाह नहीं करते।

 

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