Former West Indies fast bowler Holding wants to see Virat Kohli perform against engalnd- दिग्‍गज तेज गेंदबाज का बयान- जब तक इंग्‍लैंड में रन नहीं बनाते विराट कोहली, नही कहलाएंगे महान - Jansatta
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दिग्‍गज तेज गेंदबाज का बयान- जब तक इंग्‍लैंड में रन नहीं बनाते विराट कोहली, नही कहलाएंगे महान

माइकल होल्डिंग ने मुंबई मिरर से बात करते हुए कहा, ''विराट कोहली ने भले ही दूसेर टेस्ट मैच में 153 रनों की पारी खेली हो, लेकिन उनकी बल्लेबाजी की असली परिक्षा इंग्लैंड में होगी''। होल्डिंग के मुताबिक 2014 का इंग्लैंड दौरा विराट शायद ही कभी भूले होंगे, कोहली के लिए वह टूर एक बुरे सपने की तरह था।

विराट कोहली।

दक्षिण अफ्रीका से सीरीज हारने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली की कप्तानी को लेकर क्रिकेट दिग्गज लगातार बयान दे रहे हैं। विराट कोहली ने पहले दो मैचों में कुछ फैसले ऐसे लिए, जिन पर यकीन करना क्रिकेट फैंस के लिए काफी मुश्किल हो रहा है। अब वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने विराट कोहली की बल्लेबाजी पर सवाल उठाने काम किया है। माइकल होल्डिंग ने मुंबई मिरर से बात करते हुए कहा, ”विराट कोहली ने भले ही दूसेर टेस्ट मैच में 153 रनों की पारी खेली हो, लेकिन उनकी बल्लेबाजी की असली परिक्षा इंग्लैंड में होगी”। होल्डिंग के मुताबिक 2014 का इंग्लैंड दौरा विराट शायद ही कभी भूले होंगे, कोहली के लिए वह टूर एक बुरे सपने की तरह था। ऐसे में इस साल विराट कोहली जब इंग्लैंड जाएंगे तो उनके पास एक बड़ी चुनौती होगी। इस साल भारतीय टीम को इंग्लैंड के साथ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। बता दें कि पिछली बार जब भारतीय टीम 2014 में इंग्लैंड टेस्ट सीरीज खेलने गई थी तो विराट कोहली ने 10 इनिंग में केवल 13.4 के औसत से रन बनाने में सफल रहे थे।

indian captian virat kohli भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली। (फोटो सोर्स आईसीसी)

विराट कोहली के बुलंद क्रिकेट करियर में यह एक धब्बा जैसा है, जिसे धोना बेहद जरूरी है। माइकल होल्डिंग ने कहा, ”कोहली खुद को अगर एक महान बल्लेबाज के तौर पर स्थापित करना चाहते हैं तो उन्हें इंग्लैंड में रन बनाना ही होगा। इंग्लैंड ही एक ऐसी जगह है, जहां उनका बल्ला बिल्कुल खामोश रहा है। विराट एक शानदार खिलाड़ी हैं जो परिस्थितियों में खुद को ढालना बखूबी जानते हैं। हर टीम में इस तरह के एक खिलाड़ी का होना जरूरी होता है”।

न्यूलैंड्लस और सेंचुरियन में हारने के बाद भारतीय टीम की कोशिश अंतिम टेस्ट मैच को जीतने की होगी। भारत की तरफ से इस सीरीज में बल्लेबाजों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। ऐसे में टीम को अगर तीसरे मैच में जीत हासिल कर अपनी इज्जत बचानी है तो गेंदबाजों के साथ-साथ बल्लेबाजों को भी अच्छा प्रदर्शन करना होगा।\

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