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कई टीमों का था ऑफर, पर महेंद्र सिंह धोनी ने क्‍यों चुना चेन्‍नई का साथ, सामने आया जवाब

धोनी ने कहा, ''इस महीने की शुरुआत में कई फ्रेंचाइजियों ने उन्हें अपनी टीम से खेलने का ऑफर दिया था, लेकिन वह चेन्नई के अलावा और कहीं से खेलना ही नहीं चाहते थे''। धोनी के मुताबिक रिटेंशन पॉलिसी से पहले उन्हें दूसरी टीमों के साथ जोड़ने की काफी कोशिश की गई।

IPL 2018 : भारतीय पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (एक्सप्रेस के लिए रवि कनोजिया की फोटो)

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस साल आईपीएल में एक बार फिर चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी करते नजर आएंगे। धोनी ने शुक्रवार को चेन्नई में आयोजित एक इवेंट के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़ी कई बातों को लोगों के साथ शेयर किया। धोनी ने कहा, ”इस महीने की शुरुआत में कई फ्रेंचाइजियों ने उन्हें अपनी टीम से खेलने का ऑफर दिया था, लेकिन वह चेन्नई के अलावा और कहीं से खेलना ही नहीं चाहते थे”। धोनी के मुताबिक रिटेंशन पॉलिसी से पहले उन्हें दूसरी टीमों के साथ जोड़ने की काफी कोशिश की गई। धोनी से जब पूछा गया कि आप इतने सालों से चेन्नई की तरफ से खेलते आए हैं, आपको टीम का नेतृत्व करना कैसा लगता है? इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘पहले सीजन से ही आईपीएल में चेन्नई को लोगों ने काफी सपोर्ट किया है। धोनी ने कहा, ”चेन्नई हमेशा उनके दूसरे घर जैसा रहा है। वह यहां खेलना बेहद पसंद करते हैं”। उन्होंने कहा, ”पिछले दो साल आईपीएल नहीं खेलने के बावजूद चेन्नई के फैंस की संख्या बढ़ती रही है। इसके अलावा धोनी ने टीम को लेकर कहा कि इस साल नई टीम के साथ टूर्नामेंट में उतरना आसान नहीं होगा। कोचिंग स्टाफ और टीम मैनेजमेंट के मेंबर्स का साथ भी टीम के लिए हमेशा से खास रहा है।

ms dhoni महेंद्र सिंह धोनी। (फोटो सोर्स- पीटीआई)

धोनी ने कहा, ”आईपीएल के पहले सीजन से ही चेन्नई की टीम अपना बेस्ट देने की कोशिश करती रही है। इस बात को क्रिकेट फैंस बखूबी जानते हैं और वो भी हर परिस्थिति में टीम के साथ बने रहते हैं”। धोनी ने आईपीएल में अब तक 159 खेले हैं, जिनमें उन्होंने 37.88 की औसत से 3561 रन बनाए हैं। बता दें कि धोनी के अलावा सुरेश रैना और रविंद्र जडेजा को भी चेन्नई की टीम ने इस साल रिटेन किया है। चेन्नई की टीम इन्हीं तीन खिलाड़ियों पर ज्यादा निर्भर रहेगी।

धोनी की कप्तानी में चेन्नई ने साल 2010 और 2011 में आईपीएल का खिताब अपने नाम किया था। इसके अलावा 2010 में चैंपियंस लीग का टाइटल भी चेन्नई के नाम रहा था। गौरतलब है कि फिक्सिंग स्कैंडल की वजह से चेन्नई की टीम पर दो साल का बैन लगाया गया था। साल 2016 और 2017 में चेन्नई की जगह पुणे की टीम ने इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था।

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