सौरभ गांगुली ने की क्रिकेटरों की सैलरी दो करोड़ से भी ज्यादा करने की वकालत, बताई अपनी शुरुआती कमाई - Former cricketer Saurav ganguly in favor of indian team pay hike because player deserve - Jansatta
ताज़ा खबर
 

सौरभ गांगुली ने की क्रिकेटरों की सैलरी दो करोड़ से भी ज्यादा करने की वकालत, बताई अपनी शुरुआती कमाई

गांगुली ने कहा "बोर्ड इतना अधिक पैसा बना रहा है तो खिलाड़ियों को भी अच्छा वेतन मिलना चाहिए।"

Author नई दिल्ली | December 1, 2017 9:47 AM
पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली (फाइल फोटो)

पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली ने राष्ट्रीय टीम के क्रिकेटरों के वेतन में बढ़ोतरी का समर्थन किया है। इस मामले पर बात करते हुए सौरभ गांगुली ने कहा कि खिलाड़ी बीसीसीआई के लगातार बढ़ रहे राजस्व का हिस्सा पाने के हकदार हैं। भारतीय कप्तान विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी की खिलाड़ियों के वेतन में बढ़ोतरी की मांग को सोमवार प्रशासकों की समिति (सीओए) ने स्वीकार कर दिया। गांगुली ने एक प्रचार कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा निश्चित तौर पर खिलाड़ियों को पैसा मिलना चाहिए। उन्हें क्यों नहीं मिले, बोर्ड इतना अधिक पैसा बना रहा है तो खिलाड़ियों को भी अच्छा वेतन मिलना चाहिए। जब विराट कोहली खेलता है तो पूरा देश उसे देखता है।

गांगुली का कहना है कि क्रिकेट संघों को खिलाड़ियों का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि उनका करियर छोटा होता है। उन्होंने कहा खिलाड़ियों का अच्छी तरह से ध्यान रखा जाना चाहिए क्योंकि उनका करियर 15 साल का ही होता है। अधिकतर खिलाड़ी 15 साल तक नहीं खेल पाते हैं। बहुत कम ऐसे होते हैं जो कि 20 साल तक खेलते हैं इसलिए मैं वेतन में बढ़ोतरी का धुर समर्थक हूं। गांगुली ने कहा बीसीसीआई ऐसा कर रहा है। आजकल जिस तरह से खिलाड़ियों का ध्यान रखा जा रहा है वह शानदार है। जब मैं 1991 में खेला तो आस्ट्रेलिया के संपूर्ण दौरे के लिये मुझे 30,000 रूपये मिले थे और जब मैंने 2013 में करियर समाप्त किया तो आमूलचूल बदलाव आ चुका था। ऐसा हर पेशे में होता है।

बता दें कि हाल ही में क्रिकेटरों की सालाना सैलरी में दोगुनी इजाफा किया गया था लेकिन खिलाड़ी इससे खुश नहीं थे। इस इजाफे के बाद ग्रुप ए में शामिल खिलाड़ियों को अब प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपए मिलते हैं जबकि पहले उन्हें एक करोड़ रुपए मिलते थे। वर्तमान में भारतीय खिलाड़ी बीसीसीआई की कमाई का आठ प्रतिशत से भी कम (7.8 प्रतिशत) ही हासिल करते हैं।

देखिए वीडियो

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App