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IPL: 2012 में हुआ था कुछ ऐसा कि भौचक्‍के रह गए थे सौरव गांगुली, बोले- जिंदगी में ऐसा झटका नहीं लगा!

गांगुली ने कहा "मैं सोच रहा था कि कैसे उस क्षति की पूर्ति होगी जो कि सुधार योग्य नहीं है। रॉय ने बोर्ड से कहा कि उनका फैसला अंतिम है।मुझे एक ग्रुप का नेता बनना था जिसे न तो मैंने चुना था और न ही उसे मजबूत करने में सक्षम था।"

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली।

क्रिकेट की दुनिया में एक जानामाना नाम है सौरव गांगुली। भारतीय क्रिकेट टीम का नेतृत्व करने के अलावा सौरव गांगुली ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कप्तान के तौर पर भी काफी शानदार प्रदर्शन करके दिखाया था। आईपीएल में उन्होंने अपनी शुरुआत कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ की थी। कोलकाता नाइट राइडर्स के शुरुआती तीन सीजन्स में सौरव गांगुली कप्तान के तौर पर टीम का नेतृत्व करते रहे। इसके बाद साल 2012 में उन्हें पुणे वॉरियर्स ने खरीद लिया था।

एक सीजन वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर खेलने के बाद फ्रेंचाइजी ने उन्हें कप्तान बना दिया था। सौरव गांगुली टीम का कप्तान बनाए की बात सुनकर भौच्चके रहे गए थे। इसका खुलासा उन्होंने हाल ही में रिलीज हुई अपनी किताब ‘ए सेंचुरी इस नॉट इनफ’ में किया है। इस किताब में सौरव गांगुली ने बताया कि फ्रेंचाइजी पुणे के नेता सुब्रत रॉय द्वारा जब उन्हें कप्तान बनाया गया था तो वे काफी घबरा गए थे। सुब्रत रॉय द्वारा कप्तान के तौर पर नियुक्त किए जाने को लेकर गांगुली ने खुलासा किया “मुझे जिंदगी का बहुत बड़ा झटका लगा था। वो क्या कह रहे थे? मैं उनके इस तरह के फैसले के प्रभाव को समझने की कोशिश कर रहा था।”

गांगुली ने कहा “मैं सोच रहा था कि कैसे उस क्षति की पूर्ति होगी जो कि सुधार योग्य नहीं है। रॉय ने बोर्ड से कहा कि उनका फैसला अंतिम है।मुझे एक ग्रुप का नेता बनना था जिसे न तो मैंने चुना था और न ही उसे मजबूत करने में सक्षम था।” साल 2011 में पुणे वॉरियर्स ने युवराज सिंह को खरीदा था और उन्हें टीम के कप्तान के तौर पर नियुक्त किया गया था।  युवराज सिंह की बात करते हुए सौरव गांगुली ने किताब में लिखा “मैं दुविधा में था क्योंकि मैं उस इंसान को रिपलेस करने जा रहा था जिसने कुछ महीने पहले मुझे आश्रय दिया था। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या प्रतिक्रिया दूं। इन सब चीजों को दरकिनार करते हुए मैंने उन क्षेत्रों पर ध्यान देने का फैसला लिया, जिनपर मैं नियंत्रण रख सकता था। मैंने खुद से कहा कि मैं अब आईपीएल नहीं खेलूंगा। मुझे इस पर विचार करने में करीब एक महीना लग गया लेकिन मेरे अंदर की आत्मा ने मुझसे कहा कि बस अब समय आ गया है।”

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